सदन में सिगरेट फूंक रहे सांसद...भारत में बैन ई-सिगरेट पीने पर बवाल! देखें VIDEO

Smoking Allegation in Parliament: लोकसभा में ई-सिगरेट पीने का मुद्दा तब उठा जब बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर ने बिना नाम लिए टीएमसी के एक सांसद पर आरोप लगाया।
Anurag Thakur (1)
सदन में सिगरेट फूंक रहे सांसद...भारत में बैन ई-सिगरेट पीने पर बवाल! देखें VIDEO
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Lok Sabha News: लोकसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान उस समय हलचल मच गई जब बीजेपी के सांसद अनुराग ठाकुर ने सदन में ई-सिगरेट पीने का गंभीर मुद्दा उठाया। हालांकि उन्होंने किसी सांसद का नाम नहीं लिया, लेकिन इशारा साफ था कि यह मामला टीएमसी के एक सांसद से जुड़ा है। ठाकुर ने कहा कि संसद की कार्यवाही के दौरान इस तरह की गतिविधियां न केवल नियमों का उल्लंघन करती हैं, बल्कि यह सदन की मर्यादा को भी ठेस पहुंचाती हैं।

उन्होंने आगे कहा, "सदन वह स्थान है जहां देश के करोड़ों लोग उम्मीदों के साथ नजर रखते हैं। इसलिए यहां ऐसा कोई भी आचरण नहीं होना चाहिए जो संसदीय अनुशासन के विपरीत हो।" अनुराग ठाकुर ने इस मुद्दे पर गंभीरता से ध्यान देने की अपील की और यह भी सुझाव दिया कि यदि आवश्यक हो, तो इसकी जांच की जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

सख्त कार्रवाई की जाएगी

ठाकुर के आरोप के बाद, सदन की नजरें स्पीकर ओम बिरला की ओर मुड़ीं। स्पीकर ने तुरंत स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि संसद में किसी सदस्य को किसी भी प्रकार की छूट या विशेषाधिकार नहीं दिया गया है, जिसमें ई-सिगरेट, धूम्रपान या कोई भी प्रतिबंधित गतिविधि शामिल हो।

ओम बिरला ने कहा, "नियम सभी सांसदों पर समान रूप से लागू होते हैं और सदन की गरिमा बनाए रखना हर सदस्य की जिम्मेदारी है।" उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें अभी तक इस संबंध में कोई औपचारिक शिकायत प्राप्त नहीं हुई है, लेकिन यदि ऐसा मामला सामने आता है या कोई प्रमाण मिलता है, तो नियमों के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी जोड़ा कि संसद लोकतंत्र का सर्वोच्च मंच है और यहां उपस्थित सभी प्रतिनिधियों पर यह जिम्मेदारी है कि वे जनता की उम्मीदों के अनुरूप अनुशासन और गरिमा बनाए रखें।

गौरतलब है कि भारत में इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट (ई-सिगरेट) पूरी तरह से प्रतिबंधित हैं, जैसा कि 'इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट निषेध अधिनियम, 2019' के तहत लागू किया गया है। इसका मतलब है कि इनका उत्पादन, बिक्री, आयात, निर्यात और विज्ञापन सभी गैरकानूनी हैं, और उल्लंघन करने पर जेल और जुर्माने का प्रावधान है।

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