Lalu Yadav Bail: सुप्रीम कोर्ट से लालू यादव को बड़ी राहत, देवघर चारा घोटाला में जमानत रहेगी बरकरार
Lalu Yadav Bail: चारा घोटाला मामले में सजा काट चुके लालू यादव को सुप्रीम कोर्ट से एक बड़ी राहत मिली है। CBI ने उनकी जमानत का कड़ा विरोध किया था, लेकिन कोर्ट ने इस पुरानी अपील को बिल्कुल नहीं माना।
- Written By: प्रिया सिंह
राष्ट्रीय जनता दल के प्रमुख और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव (सोर्स-सोशल मीडिया)
Supreme Court Lalu Yadav Bail: राष्ट्रीय जनता दल के प्रमुख और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव को देवघर चारा घोटाला मामले में एक बहुत ही बड़ी कानूनी राहत मिली है। देश के सर्वोच्च न्यायालय ने इस पुराने और बहुचर्चित मामले में उनकी जमानत को रद्द करने से पूरी तरह से साफ तौर पर इंकार कर दिया है। सीबीआई ने चारा घोटाला मामले में दोषी करार दिए गए इस बड़े राजनेता की जमानत को पूरी तरह रद्द करने की मांग सुप्रीम कोर्ट से की थी। लेकिन शीर्ष अदालत ने सीबीआई की इस बड़ी मांग को सिरे से ठुकराते हुए राजद प्रमुख की जमानत को बरकरार रखा है।
उच्चतम न्यायालय ने लालू यादव को जमानत देने के झारखंड उच्च न्यायालय के आदेश में कोई भी सीधा दखल देने से अपनी कड़ी असहमति जता दी है। सुप्रीम कोर्ट ने बहुत ही स्पष्ट रूप से कहा है कि हम हाई कोर्ट के उस पुराने आदेश में अब बिल्कुल भी दखल नहीं देना चाहते हैं। अदालत ने कहा कि इस बड़े मामले को बीते हुए अब तक पूरे 7 साल का एक बहुत ही लंबा समय बीत चुका है जो काफी ज्यादा है। इसलिए इस वर्तमान समय में उनकी जमानत को रद्द करने का कोई भी ठोस कारण या बड़ा आधार अदालत को फिलहाल बिल्कुल नजर नहीं आता है।
सीबीआई की पुरानी अपील
आपको बता दें कि केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी सीबीआई ने जमानत रद्द करने की यह अहम अपील आज नहीं बल्कि साल 2018 में अदालत में दायर की थी। इतने सालों बाद इस पुरानी अपील पर विस्तार से सुनवाई करते हुए अदालत ने इसे अब खारिज करना ही सबसे सही और उचित कदम माना है। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट से लालू प्रसाद यादव के इस गंभीर मामले की मुख्य सुनवाई में ज्यादा तेजी लाने को जरूर कहा है।
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एएसजी एसवी राजू की दलील
सुप्रीम कोर्ट में इस हाई प्रोफाइल मामले की सघन सुनवाई के दौरान सीबीआई की तरफ से एएसजी एसवी राजू ने अपनी कड़ी और अहम दलील दी। उन्होंने अदालत को बताया कि इससे पहले लालू की जमानत याचिका को न्यायलय द्वारा दो बार पूरी तरह से खारिज कर दिया गया था। लेकिन बाद में हाई कोर्ट ने उन्हें सिर्फ इस आधार पर जमानत दे दी कि उन्होंने अपनी 50% सजा पूरी कर ली है जो अनुचित था।
सजा के नियम पर बड़ी बहस
एएसजी एसवी राजू ने अपनी लंबी दलील में आगे कहा कि हाई कोर्ट का वह पुराना फैसला असल में कानूनी तौर पर पूरी तरह से गलत था। उच्च न्यायालय ने इस अहम बात पर बिल्कुल भी विचार नहीं किया कि यह एक साथ चलने वाली सजा की विशेष श्रेणी में नहीं आती है। इसके बावजूद सुप्रीम कोर्ट ने उनकी इन सभी दलीलों को दरकिनार करते हुए लालू यादव को दी गई जमानत को पूरी तरह से बरकरार रखा है।
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हाई कोर्ट को सख्त निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने जहां एक तरफ लालू प्रसाद यादव की जमानत रद्द करने से साफ मना कर दिया है वहीं कुछ जरूरी निर्देश भी दिए हैं। शीर्ष अदालत ने झारखंड हाई कोर्ट को इस बहुचर्चित चारा घोटाला मामले की सुनवाई में बहुत ही ज्यादा तेजी लाने का सख्त और स्पष्ट निर्देश दिया है। अदालत चाहती है कि इस लंबे समय से लंबित पड़े मामले का जल्द से जल्द कोई अंतिम और उचित समाधान कानूनी रूप से निकाला जा सके।
