केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू (फोटो- सोशल मीडिया)
Kiren Rijiju on Retired Judges Signature Campaign: केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने बेंगलूरु में विपक्ष पर जोरदार हमला बोलते हुए राजनीति में एक नई बहस छेड़ दी है। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ कुछ सेवानिवृत्त जजों द्वारा चलाए जा रहे हस्ताक्षर अभियान को पूरी तरह से अनुचित और असंवैधानिक बताया है। रिजिजू ने न केवल इस अभियान की मंशा पर सवाल उठाए, बल्कि कांग्रेस नेताओं द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ इस्तेमाल की जा रही भाषा की भी कड़ी निंदा की, जिससे राजनीतिक माहौल गरमा गया है।
रिजिजू ने कहा कि कुछ सेवानिवृत्त न्यायाधीशों ने गृह मंत्री के खिलाफ पत्र लिखकर अभियान चलाया, जो न्यायपालिका की गरिमा के विरुद्ध है। उन्होंने कहा कि उपराष्ट्रपति का चुनाव एक राजनीतिक प्रक्रिया है। सेवानिवृत्त न्यायाधीशों को इसमें हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। इससे यह संदेश जाता है कि वे अपने कार्यकाल के दौरान भी किसी खास विचारधारा से प्रभावित थे। गृह मंत्री के खिलाफ हस्ताक्षर अभियान चलाना उचित नहीं है।
यह मामला उपराष्ट्रपति चुनाव से जुड़ा है, जिसको लेकर कुछ सेवानिवृत्त न्यायाधीशों ने एक पत्र अभियान शुरू किया है। रिजिजू ने कहा कि कुछ सेवानिवृत्त न्यायाधीशों ने गृह मंत्री के खिलाफ पत्र लिखकर अभियान चलाया, जो न्यायपालिका की गरिमा के विरुद्ध है। उन्होंने कहा कि उपराष्ट्रपति का चुनाव एक राजनीतिक प्रक्रिया है। सेवानिवृत्त न्यायाधीशों को इसमें हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। इससे यह संदेश जाता है कि वे अपने कार्यकाल के दौरान भी किसी खास विचारधारा से प्रभावित थे। रिजिजू ने चिंता व्यक्त इस तरह की भागीदारी से यह संदेश जाता है कि वे अपने कार्यकाल के दौरान भी किसी विशेष विचारधारा से प्रभावित थे, जो न्यायपालिका की निष्पक्षता पर सवाल खड़ा करता है।
किरेन रिजिजू ने कांग्रेस नेताओं पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके परिवार के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने विशेष रूप से राहुल गांधी और तृणमूल सांसद महुआ मोइत्रा का नाम लेते हुए कहा कि विपक्ष का यह रवैया लोकतंत्र के भविष्य के लिए बेहद खतरनाक है। रिजिजू ने कहा, “हम लोकतांत्रिक लोग हैं और हमेशा सम्मानपूर्वक अपनी बात रखते हैं। लेकिन विपक्ष के नेता प्रधानमंत्री और उनकी दिवंगत मां के खिलाफ जिस तरह की अभद्र भाषा का प्रयोग करते हैं, वह किसी भी सूरत में उचित नहीं है।”
यह भी पढ़ें: ‘कोई स्थायी दोस्त या दुश्मन नहीं होता’, केवल हित सर्वोपरि; राजनाथ सिंह ने दुनिया को दिया बड़ा संदेश
केंद्रीय मंत्री ने कांग्रेस की चुनावी हार पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि भाजपा और एनडीए हमेशा संवैधानिक दायरे में रहकर चुनाव लड़ते हैं, जबकि कांग्रेस अपनी हार का ठीकरा चुनाव आयोग पर फोड़ती है। रिजिजू ने राहुल गांधी का उल्लेख करते हुए कहा कि लगातार तीन चुनाव हारने के बाद उनका गुस्सा अब देश, जनता और संविधान पर निकल रहा है। उन्होंने कहा कि अगर जनता आपको वोट नहीं दे रही है तो इसमें चुनाव आयोग की कोई गलती नहीं है। भ्रष्टाचार से जुड़े कानूनों पर विपक्ष के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि जो लोग गंदगी में फंसे हैं, वही कानूनों को गाली दे रहे हैं। अगर आपने भ्रष्टाचार नहीं किया है तो डरने की कोई जरूरत नहीं, अदालत से जमानत मिल जाएगी।