किरेन रिजिजू (सोर्स- सोशल मीडिया)
Kiren Rijiju Statement: भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि राहुल गांधी का दिमाग उनके एक्टिविस्ट सलाहकारों ने हाईजैक कर लिया है। इसके अलावा उन्होंने राहुल गांधी के टी-शर्ट पहनने को लेकर भी अपनी बात रखी और सदन में कैजुअल कपड़ों में आने पर भी सवाल उठाए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि राहुल को ऐसे लोगों से बातचीत करना ज्यादा आसान लगता है जिन्होंने कभी संसद में अपनी बात रखते हुए कोई ठोस योगदान दिया हो।
इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी से उन्हें कोई पर्सनल प्रॉब्लम नहीं है और यह भी बताया कि वह एक दूसरे से बात भी करते हैं। अब किरेन रिजिजू के इस बयान के बाद बहस तेज हो गई है।
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने आगे कहा कि राहुल गांधी का दिमाग उनके एक्टिविस्ट सलाहकारों द्वारा हाईजैक कर लिया गया है और वह अब वही बोलते हैं जो उनके सलाहकार कहते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि जब भारतीय जनता पार्टी विपक्ष में थी तब उसने कुछ मानकों का पालन किया था और जोरदार तरीके से विरोध प्रदर्शन किए थे लेकिन उसने कभी अपनी सीमाएं पार नहीं की थीं।
संसद में राहुल गांधी के कैजुअल कपड़ों को लेकर पूछे गए सवाल पर रिजिजू ने कहा कि विपक्ष के नेता के तौर पर किसी को भी उचित तरीके से व्यवहार करना चाहिए और कपड़े पहनना भी इसी का एक हिस्सा है। मंत्री ने कहा कि उन्हें नियमों और शिष्टाचार को समझने में दिक्कत होती है। जब आप नेता विपक्ष होते हैं तब आपको एक खास तरीके से व्यवहार करना होता है। शालीन कपड़े पहनना भी इसी का एक हिस्सा है।
किरेन रिजिजू ने कम्युनिस्ट नेता सोमनाथ चटर्जी का उदाहरण देते हुए कहा कि सोमनाथ चटर्जी पहले ढीली शर्ट और सैंडल पहना करते थे। फिर जब वह लोकसभा स्पीकर चुने गए तव वह शालीन तरीके से आने लगे जिससे वह कुर्सी पर बैठे हुए अच्छे दिखें। इसी तरह नेता विपक्ष पूरे विपक्ष का प्रतिनिधित्व करते हैं इसलिए उनके पहनावे में भी पद की गरिमा झलकनी चाहिए।
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उन्होंने आगे कहा कि हो सकता है कि किसी व्यक्ति से व्यक्तिगत मतभेद हों लेकिन उस पद का सम्मान करना जरूरी होता है। यही वजह है कि कई लोगों का मानना है कि राहुल गांधी को अपने व्यवहार के साथ-साथ पहनावे में भी और बेहतर उदाहरण पेश करना चाहिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि टी-शर्ट पहनने पर आपत्ति नहीं है, लेकिन यह औपचारिक माहौल के लिहाज से उपयुक्त नहीं लगता।