केरल सरकार का बड़ा राजनीतिक फैसला, CM सतीशन ने बंद की विवादित सिल्वर लाइन रेल परियोजना, भूमि अधिग्रहण रद्द
Kerala Cabinet Decisions Land Acquisition Cancelled: केरल सरकार ने दूसरी कैबिनेट बैठक में कई बड़े फैसले लिए। सरकार ने सिल्वर लाइन रेल प्रोजेक्ट बंद करते हुए प्रदर्शनकारियों पर लगे केस वापस लिया।
- Written By: अमन मौर्या
केरल का सिल्वर लाइन प्रोजेक्ट (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)
Kerala CM VD Satheesan Scraps Silver Line Project: केरल के नए मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने शपथ लेने के बाद एक्शन मोड में नजर आने लगे हैं। सीएम सतीशन के नेतृत्व वाली कैबिनेट ने अपना पदभार संभालने के कुछ ही दिनों में एक बेहद महत्वपूर्ण राजनीतिक निर्णय लिया। मुख्यमंत्री ने राज्य में विवादास्पद सिल्वर लाइन सेमी हाई-स्पीड रेल परियोजना को समाप्त करने की औपचारिक प्रक्रिया शुरू कर दी है। सरकार ने पूरे राज्य में इस परियोजना के लिए जारी सभी भूमि अधिग्रहण अधिसूचनाओं को रद्द करने की घोषणा कर दी है।
तिरुवनंतपुरम में अपने सरकार की दूसरी कैबिनेट बैठक के बाद मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने मीडिया से बात करते हुए घोषणा की कि तिरुवनंतपुरम-कासरगोड सिल्वर लाइन सेमी हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर से जुड़ी सभी भूमि अधिग्रहण प्रक्रियाओं को औपचारिक रूप से निरस्त कर दिया गया है। नई सरकार का यह कदम पूर्व की वामपंथी सरकार के लिए एक बड़ा संदेश माना जा रहा है।
प्रदर्शनकारियों पर दर्ज FIR होंगे वापस
मीडिया से बातचीत के दौरान सीएम सतीशन ने कहा, हमने इस परियोजना का शुरुआत से ही विरोध किया था। अब अधिग्रहण के लिए चिन्हित भूमि की अधिसूचना रद्द कर दी गई है। सिल्वर लाइन परियोजना के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले लोगों को सरकार ने बड़ी राहत देते हुए घोषणा की कि उनके खिलाफ दर्ज सभी आपराधिक मामले सरकार वापस लेगी। इसके लिए सरकार अदालत में आवश्यक प्रक्रिया शुरू करेगी।
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सर्वे पत्थरों को हटाने की घोषणा
आगे उन्होंने बताया कि पिछली सरकार द्वारा सर्वेक्षण के दौरान निजी संपत्तियों में लगाए गए विवादित पीले सर्वे पत्थरों को भी हटाया जाएगा। वी.डी. सतीशन ने कहा कि यह परियोजना पर्यावरण के लिए एक संभावित आपदा थी। उनकी सरकार ऐसे विकास कार्यों के पक्ष में है जो लोगों और पारिस्थितिकी को नुकसान न पहुंचाएं।
कैबिनेट ने यह भी निर्णय लिया कि केरल लोक सेवा आयोग को सिफारिश की जाएगी कि 31 अगस्त को समाप्त होने वाली सभी रैंक लिस्टों को 30 नवंबर तक बढ़ाया जाए, जिससे कि हजारों अभ्यर्थियों को लाभ मिले।
विजन 2031 का रोडमैप तैयार
मुख्यमंत्री सतीशन ने बताया कि यूडीएफ के चुनावी घोषणा पत्र को सभी विभागों में भेजकर सरकार की दीर्घकालिक विजन 2031 योजना के तहत क्रियान्वयन रोडमैप तैयार किया जाएगा। साथ ही 100-दिवसीय कार्य योजना भी जल्द जारी की जाएगी।
इसमें तत्काल लागू किए जा सकने वाले वादों पर ध्यान होगा। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि केरल में चल रहे राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण कार्यों की समीक्षा की जाएगी और केरल इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट फंड बोर्ड से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जाएगी।
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आलोचनाओं पर दिया जवाब
अपने नाम को लेकर चल रही आलोचना पर मुख्यमंत्री ने प्रतिक्रिया दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि अपने पिता का नाम इस्तेमाल करने में कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि वे अपनी मां का नाम भी जोड़ना चाहते थे। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि मंत्री बनने से पहले ही उनके माता-पिता का निधन हो चुका था। धार्मिक और सामुदायिक नेताओं से मुलाकात पर उठी आलोचना पर भी मुख्यमंत्री सतीशन ने जवाब दिया।
उनका कहना है कि वे सभी वर्गों के साथ सौहार्दपूर्ण संबंध बनाकर रखेंगे। धर्मनिरपेक्ष मूल्यों से कोई समझौता नहीं होगा। मंत्रिमंडल विभागों के आवंटन में देरी के आरोपों को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि शपथ ग्रहण वाली रात ही विभाग तय कर लिए गए थे। बुधवार को राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर को औपचारिक रूप से सौंप दिए गए।
