सीएम की बेटी ने किया ऐसा कांड की खतरे में आ गई पिता की कुर्सी, होगी 10 साल की सजा?

Kerala CM Pinarayi Vijayan Daughter veena: केरल सीएम पिनाराई विजयन की मुश्किलें बढ़ने वाली है। मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन की बेटी वीणा टी के खिलाफ CMRL रिश्वत मामले में आरोप पत्र दाखिल किया।
सीएम की बेटी ने किया ऐसा कांड की खतरे में आ गई पिता की कुर्सी, होगी 10 साल की सजा?
सीएम की बेटी ने किया ऐसा कांड की खतरे में आ गई पिता की कुर्सी, होगी 10 साल की सजा?
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नवभारत डेस्क: केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन की मुश्किलें बढ़ने वाली है। सीएम पिनाराई विजयन की बेटी वीणा टी के खिलाफ CMRL रिश्वत मामले में आरोप पत्र दाखिल किया। वीना टी पर सीरियस फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन ऑफिस (SFIO) ने 2.7 करोड़ रुपये के फर्जी लेनदेन का आरोप लगा है। जानकारी के अनुसार SFIO ने कोच्चि की विशेष अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया है। इस फर्जीवाड़े में कई अन्य आरोपियों के नाम भी शामिल हैं और इस मामले को लेकर0 कांग्रेस और बीजेपी ने विजयन के इस्तीफे की मांग करते हुए आरोप लगाया है कि ये संदिग्ध सौदे मुख्यमंत्री को अवैध लाभ पहुंचा रहे हैं।

बता दें कि सिरियस फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन ऑफिस ने एक बड़ा खुलासा किया है। एसएफआईओ ने केरल के सीएम पिनाराई विजयन की बेटी वीना टी का नाम कोचीन मिनरल्स एंड रुटाइल लिमिटेड (CMRL) रिश्वत मामले में शामिल किया है। SFIO कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय के माध्यम से काम करता है। उसने वीना पर आरोप लगाया है कि उन्होंने धोखे से 2.7 करोड़ रुपये का लेनदेन किया है।

क्या है मामला?

उन पर आरोप है कि उनको कोच्चि स्थित कोचीन मिनरल्स एंड रुटाइल लिमिटेड (CMRL) से हर महीने पैसे मिलते थे। दिल्ली की एक कोर्ट में SFIO ने चार्जशीट दाखिल की है। इसमें CMRL के प्रबंध निदेशक (MD) शशिधरन कार्था, निदेशक अनिल आनंदा पणिक्कर, मुख्य वित्तीय अधिकारी (CFO) सुरेश कुमार, मुख्य महाप्रबंधक (CGM) पी सुरेश कुमार और वैधानिक लेखा परीक्षक सागेश कुमार केए और मुरलीकृष्णन एके तथा अन्य के भी नाम शामिल हैं। इस बीच, दिल्ली हाई कोर्ट ने सीएमआरएल की याचिका को खारिज कर दिया है। सीएमआरएल चाहता था कि SFIO की जांच पर रोक लग जाए। देश की अन्य खबरों के लिए यहां क्लिक करें

दोषी पाए जाने पर हो सकती है 10 साल की सजा

अगर वे दोषी पाए जाते हैं, तो उनको कम से कम छह महीने तथा अधिकतम 10 साल की जेल हो सकती है। इसके अलावा, उन पर जुर्माना भी लगाया जा सकता है। जुर्माने की राशि धोखाधड़ी में शामिल राशि से कम तो नहीं होगी, लेकिन उस राशि के तीन गुना तक जा सकती है। अगर अदालत को यह लगता है कि धोखाधड़ी में जनता का हित शामिल है, तो न्यूनतम कारावास तीन साल तक बढ़ सकता है।

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