सुनील वाल्सन से संजू सैमसन तक, भारत की हर वर्ल्ड कप जीत में रहा है केरल का खास कनेक्शन

India Cricket World Cup: भारतीय क्रिकेट टीम की वर्ल्ड कप जीत में केरल का खास कनेक्शन रहा है। सुनील वाल्सन से लेकर संजू सैमसन तक मलयाली खिलाड़ियों की मौजूदगी को फैंस ‘लकी चार्म’ मानते हैं।
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संजू सैमसन (फोटो-सोशल मीडिया)
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World Cup Win Connection to Kerala: टी20 वर्ल्ड कप 2026 का खिताब भारतीय टीम ने अपने नाम किया। भारत ने न्यूजीलैंड को हराकर टी20 वर्ल्ड कप की तीसरी ट्रॉफी पर कब्जा जमाया है। इस जीत के साथ भारत ने अब तक कुल 5 बार क्रिकेट वर्ल्ड कप खिताब अपने नाम किए हैं। इन सभी खिताबी जीत में केरल का खास 'कनेक्शन' रहा है। जब भी भारत पुरुषों का वर्ल्ड कप जीतता है, तो टीम में हमेशा एक मलयाली खिलाड़ी होता है।

यह पैटर्न कपिल देव की लीडरशिप में 1983 के क्रिकेट वर्ल्ड कप में भारत की ऐतिहासिक जीत के साथ शुरू हुआ था, जिसमें केरल के तेज गेंदबाज सुनील वाल्सन भी मौजूद थे। हालांकि, वाल्सन को टूर्नामेंट के दौरान एक भी मैच खेलने का मौका नहीं मिला, लेकिन इसके बावजूद वह विश्व कप विजेता कहलाए।

2007-2011 में श्रीसंत का दिखा था जलवा

इसके बाद भारत ने टी20 वर्ल्ड कप 2007 जीतकर विश्व कप खिताब के करीब ढाई दशक के सूखे को समाप्त किया। इस टीम में श्रीसंत ऐसे मलयाली खिलाड़ी थे, जिन्होंने न सिर्फ विजेताओं की सूची में अपना नाम दर्ज करवाया, बल्कि खिताब जीतने में अहम भूमिका भी निभाई। शायद ही कोई फैन खिताबी मुकाबले की अंतिम गेंद पर उनके शानदार कैच को भूल सके। वहीं 2011 में केरल का यही खिलाड़ी वनडे वर्ल्ड कप की विजेता टीम का हिस्सा था। भारत ने वनडे वर्ल्ड कप का खिताब 28 साल बाद अपने नाम किया था। इस खिताब के बाद फैंस उन्हें मलयाली लकी चार्म कहने लगे थे।

2024-2026 में संजू रहे भारतीय टीम के साथ

साल 2024 में भारत ने दूसरी बार टी20 वर्ल्ड कप अपने नाम किया, जिसमें केरल के विकेटकीपर-बल्लेबाज संजू सैमसन विजेता टीम का हिस्सा थे। हालांकि, उस संस्करण में सैमसन को एक भी मैच खेलने का मौका नहीं मिल सका था। संजू सैमसन टी20 वर्ल्ड कप 2026 के दौरान अपनी शुरुआती दो पारियों से फैंस को खासा प्रभावित नहीं कर सके थे, लेकिन अंतिम तीन मुकाबलों में वह भारत की जीत के नायक रहे।

लगातार तीन पारियों में अर्धशतक

संजू सैमसन ने वेस्टइंडीज के विरुद्ध निर्णायक मुकाबले में नाबाद 97 रन की पारी खेलकर भारत को सेमीफाइनल का टिकट दिलाया। इसके बाद इंग्लैंड के खिलाफ 89 रन की पारी खेलकर भारत को फाइनल में पहुंचाया। संजू ने खिताबी मैच में भी इतने ही रन बनाकर भारत को ट्रॉफी जिताने में बड़ी भूमिका निभाई।

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