Hindi news, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest Hindi News
X
  • देश
  • महाराष्ट्र
  • विदेश
  • खेल
  • मनोरंजन
  • नवभारत विशेष
  • वायरल
  • धर्म
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • टेक्नॉलजी
  • यूटिलिटी
  • फैक्ट चेक
  • हेल्थ
  • ऑटोमोबाइल
  • वीडियो
  • वेब स्टोरीज
  • फोटो
  • होम
  • विडियो
  • फटाफट खबरें

केरलम चुनाव: नेमम में तगड़ा सस्पेंस, क्या साबरिनाथन बिगाड़ेंगे BJP का खेल या फिर चलेगा शिवनकुट्टी का जादू?

Keralam Seat Profile: केरलम की नेमम सीट पर 2026 का चुनाव बेहद दिलचस्प मोड़ पर है। यहां भाजपा के राजीव चंद्रशेखर, लेफ्ट के वी. शिवनकुट्टी और कांग्रेस के के.एस. साबरिनाथन के बीच कांटे की टक्कर है।

  • Written By: प्रतीक पांडेय
Updated On: Mar 28, 2026 | 10:50 AM

फोटो- नवभारत

Follow Us
Close
Follow Us:

Kerala Election 2026: तिरुवनंतपुरम की नेमम विधानसभा सीट अब केवल एक निर्वाचन क्षेत्र नहीं, बल्कि केरलम की राजनीति का एक बड़ा ‘मेटाफर’ बन चुकी है। इसे अक्सर “केरलम का गुजरात” कहा जाता है, क्योंकि यही वह एकमात्र सीट थी जिसने 2016 में भाजपा को पहली बार केरलम विधानसभा का रास्ता दिखाया था।

जैसे-जैसे 9 अप्रैल 2026 की वोटिंग तारीख नजदीक आ रही है, यहां की गलियों में सियासी चर्चाएं तेज हो गई हैं। नेमम की कहानी एक समय के कांग्रेस के मजबूत किले के ढहने, लेफ्ट के उभार और भाजपा द्वारा कांग्रेस की जमीन पर अपना आधार बढ़ाने की दिलचस्प दास्तान है। इस बार मुकाबला त्रिकोणीय है और 4 मई को आने वाले नतीजे यह तय करेंगे कि इस ‘सियासी बिसात’ पर आखिरी हंसी कौन हंसेगा।

कांग्रेस का वो पुराना किला जो अब बना ‘सियासी अखाड़ा’

साल 2011 से पहले नेमम पूरी तरह से कांग्रेस का गढ़ माना जाता था, जहां एन. सख्तन ने लगातार दो बार जीत दर्ज की थी। लेकिन 2008 के परिसीमन ने इस क्षेत्र का भूगोल और इतिहास दोनों बदल दिए। परिसीमन के बाद हुए पहले चुनाव में ही कांग्रेस का वोट बैंक इस कदर गिरा कि यहां मुकाबला सीधा एलडीएफ और भाजपा के बीच सिमट गया।

सम्बंधित ख़बरें

केरलम चुनाव: कितना मजबूत है वट्टियूरकावु का सियासी व्यूह, क्या लेफ्ट बचा पाएगा अपना किला या BJP मारेगी बाजी?

केरल चुनाव: धर्मदम के दंगल में क्या पिनराई विजयन का ‘किला’ भेद पाएगा विपक्ष, या फिर चलेगा मुख्यमंत्री का जादू?

केरल चुनाव: क्या कांग्रेस ने RSS का इनडायरेक्टली सपोर्ट किया? CM विजयन ने खोले सारे राज; जानिए पूरा मामला

केरलम चुनाव: क्या है ‘बी-टीम’ पॉलिटिक्स? पिनराई विजयन का राहुल गांधी पर पलटवार; किसे बताया BJP का असली मददगार?

2016 में भाजपा के दिग्गज नेता ओ. राजगोपाल ने यहां ऐतिहासिक जीत दर्ज की, जिसने भाजपा को राज्य में एक नई पहचान दी। हालांकि, 2021 में सीपीआई (एम) के वी. शिवनकुट्टी ने एक बेहद करीबी मुकाबले में भाजपा से यह सीट वापस छीन ली थी। आज नेमम एक ऐसा क्षेत्र है जहां मतदाता विकास और विचारधारा के बीच संतुलन तलाश रहा है।

नेमम के रण में कौन पड़ेगा भारी?

इस बार के चुनाव में उम्मीदवारों का प्रोफाइल किसी हाई-वोल्टेज ड्रामा से कम नहीं है। सत्तारूढ़ लेफ्ट ने एक बार फिर वर्तमान विधायक और शिक्षा मंत्री वी. शिवनकुट्टी पर भरोसा जताया है। उन्हें स्थानीय स्तर पर “शिवनकुट्टीअन्नन” के नाम से जाना जाता है और उनकी छवि एक जमीन से जुड़े नेता की है। दूसरी तरफ, भाजपा ने पूर्व केंद्रीय मंत्री और टेक्नोक्रेट राजीव चंद्रशेखर को मैदान में उतारा है।

राजीव चंद्रशेखर की ताकत यह है कि 2024 के लोकसभा चुनाव में वे नेमम विधानसभा क्षेत्र में शशि थरूर से करीब 22,126 वोटों से आगे रहे थे। वहीं, कांग्रेस ने युवा चेहरा के.एस. साबरिनाथन को उतारकर मुकाबले को त्रिकोणीय बना दिया है। साबरिनाथन पूर्व विधानसभा अध्यक्ष जी. कार्तिकेयन के बेटे हैं और उनकी छवि युवाओं और मध्य वर्ग के बीच काफी लोकप्रिय है।

रेलवे टर्मिनल का अधूरा सपना और विकास का दांव

नेमम के मतदाताओं के लिए बुनियादी ढांचा और विकास सबसे बड़े मुद्दे हैं। यहां का सबसे चर्चित मुद्दा ‘नेमम रेलवे कोचिंग टर्मिनल’ प्रोजेक्ट है। ओ. राजगोपाल के समय शुरू हुए इस प्रोजेक्ट के धीमे पड़ने से स्थानीय लोगों में नाराजगी है, जिसे भाजपा इस बार फिर से जोर-शोर से उठा रही है। मतदाताओं की नजरें जल निकासी, कचरा प्रबंधन और बेहतर यातायात सुविधाओं पर भी टिकी हैं।

भाजपा का दावा है कि केंद्र और नगर निगम (जहां भाजपा का मेयर है) के बीच तालमेल होने से नेमम का तेजी से विकास होगा। वहीं, लेफ्ट सरकार की कल्याणकारी योजनाओं और शिक्षा के क्षेत्र में हुए सुधारों को शिवनकुट्टी अपनी जीत का मुख्य आधार बना रहे हैं। साबरिनाथन अपनी पारिवारिक विरासत और संगठनात्मक मजबूती के जरिए नायर और अल्पसंख्यक वोटों को साधने की कोशिश कर रहे हैं।

यह भी पढ़ें: बंगाल चुनाव: असेंबली इलेक्शन में पीएम मोदी का ‘शंखनाद’ और शाह की ‘चार्जशीट’, क्या बदल पाएगी सत्ता की तस्वीर?

किसका होगा नेमम का सिंहासन?

नेमम का चुनावी गणित पूरी तरह से जातिगत समीकरणों पर टिका है। यहां करीब 35% नायर समुदाय, 15% मुस्लिम और काफी संख्या में नादर और ईझवा समुदाय के मतदाता हैं। उच्च जाति के हिंदुओं के ध्रुवीकरण ने ही भाजपा को यहां पैर जमाने का मौका दिया है।

दिलचस्प बात यह है कि नादर समुदाय का सामाजिक संगठन (VSDP) इस बार राजीव चंद्रशेखर का समर्थन कर रहा है, जो भाजपा के लिए संजीवनी साबित हो सकता है। लेकिन साबरिनाथन की मौजूदगी ने भाजपा के लिए नायर वोटों में सेंध लगने का खतरा पैदा कर दिया है। अंततः जीत उसी की होगी जो इन बंटे हुए समुदायों को विकास और भरोसे के नाम पर एक मंच पर ला पाएगा। 4 मई को नेमम के नतीजों पर पूरे केरलम की नजर रहेगी।

Kerala assembly election 2026 nemom bjp ldf congress candidates

Get Latest   Hindi News ,  Maharashtra News ,  Entertainment News ,  Election News ,  Business News ,  Tech ,  Auto ,  Career and  Religion News  only on Navbharatlive.com

Published On: Mar 28, 2026 | 10:44 AM

Topics:  

  • Kerala
  • Keralam Assembly Election

Popular Section

  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • वेब स्टोरीज़

States

  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्यप्रदेश
  • दिल्ली NCR
  • बिहार

Maharashtra Cities

  • मुंबई
  • पुणे
  • नागपुर
  • ठाणे
  • नासिक
  • अकोला
  • वर्धा
  • चंद्रपुर

More

  • वायरल
  • करियर
  • ऑटो
  • टेक
  • धर्म
  • वीडियो

Follow Us On

Contact Us About Us Disclaimer Privacy Policy Terms & Conditions Author
Marathi News Epaper Hindi Epaper Marathi RSS Sitemap

© Copyright Navbharatlive 2026 All rights reserved.