प्रतीकात्मक फोटो, सोर्स- सोशल मीडिया
Karnataka By-election 2026 Updates:आज कर्नाटक के दावणगेरे दक्षिण और बागलकोट में वही उत्साह देखने को मिल रहा है। शाम 6 बजे तक चलने वाली इस प्रक्रिया में धीरे-धीरे चुनावी सरगर्मी बढ़ती जा रही है। इसका कारण है कि ये मुकाबला सीधा और काफी दिलचस्प हो गया है।
दावणगेरे दक्षिण और बागलकोट, दोनों ही जगहों पर मुख्य मुकाबला कांग्रेस और भाजपा के बीच सिमटा हुआ नजर आ रहा है। बागलकोट में तो भाजपा उम्मीदवार के बेटे ने खुद शुरुआती घंटों में ही अपना वोट डालकर मतदान की शुरुआत की। वैसे तो मैदान में कुल 34 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं, लेकिन राजनीतिक पंडितों की नजरें केवल दो बड़ी पार्टियों पर टिकी हैं।
एसडीपीआई जैसी छोटी पार्टियां भी इस उम्मीद में हैं कि बड़ी मछलियों की इस लड़ाई में उन्हें कोई बड़ा मौका मिल जाए। यह देखना वाकई दिलचस्प होगा कि क्या मतदाता किसी बड़े उलटफेर की स्क्रिप्ट लिखेंगे या फिर पुरानी परंपरा को ही जारी रखेंगे।
इन दोनों सीटों पर उपचुनाव की नौबत दो बड़े नेताओं के निधन के कारण आई है। बागलकोट में जहां कांग्रेस विधायक एच.वाई. मेती के निधन से सीट खाली हुई, वहीं दावणगेरे दक्षिण में वरिष्ठ नेता शमनूर शिवशंकरप्पा के जाने से यह चुनावी रण तैयार हुआ। बागलकोट की 2.59 लाख जनता के सामने उमेश मेती और वीरन्ना चरंतिमठ जैसे विकल्प हैं।
State Assembly By-Elections | Estimated Voter Turnout by 11 AM: * Davangere South (Karnataka) – 22.01%
* Bagalkot (Karnataka) – 27.83%
* Koridang (Nagaland) – 41.06%
* Dharmanagar (Tripura) – 33.51% #ByElections | #KarnatakaElections | #NagalandElections |… pic.twitter.com/PPRfapLlUI — United News of India (@uniindianews) April 9, 2026
यहां महिला मतदाताओं की संख्या पुरुषों से अधिक है, जो चुनाव के नतीजों को पलटने की ताकत रखती हैं। दूसरी ओर, दावणगेरे दक्षिण में समर्थ मल्लिकार्जुन और श्रीनिवास टी. दासकारीयप्पा के बीच सीधा संघर्ष है। यहां 25 उम्मीदवार मैदान में हैं, जो इस लड़ाई को और भी उलझा देते हैं। इन चुनावों का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि इनके नतीजे राज्य की भविष्य की राजनीति की दिशा तय करेंगे।
किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। पूरे क्षेत्र में 2,500 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है ताकि नागरिक बिना किसी संकोच के अपने हक का इस्तेमाल कर सकें। दावणगेरे दक्षिण में 76 मतदान केंद्रों को संवेदनशील घोषित किया गया है, जहां अतिरिक्त चौकसी बरती जा रही है।
बागलकोट में भी सुचारू मतदान सुनिश्चित करने के लिए करीब 1,564 कर्मचारियों को ड्यूटी पर लगाया गया है। सुरक्षा बलों की यह मौजूदगी न केवल शांति बनाए रखने के लिए है, बल्कि यह मतदाताओं को सुरक्षा का अहसास भी दिलाती है।
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भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र ने खासतौर पर युवाओं और महिलाओं से अपील की है कि वे घर से निकलें और क्षेत्र के भविष्य के लिए वोट करें। वहीं मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने भी विकास की निरंतरता को बनाए रखने के लिए कांग्रेस उम्मीदवारों के पक्ष में मतदान करने का आग्रह किया है।