‘हम दलाल देश नहीं…’, सर्वदलीय बैठक में पाकिस्तान की मध्यस्थता पर विदेश मंत्री जयशंकर का दोटूक जवाब
Jaishankar On All Party Meeting: मिडिल ईस्ट संकट पर आयोजित सर्वदलीय बैठक में विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने पाकिस्तान की मध्यस्थता की पेशकश को खारिज करते हुए कड़ा बयान दिया।
- Written By: अमन उपाध्याय
विदेश मंत्री एस जयशंकर, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Middle East Crisis India Response: पश्चिम एशिया में ईरान और अमेरिका के बीच जारी भीषण संघर्ष के बीच भारत सरकार ने बुधवार, 25 मार्च 2026 को एक महत्वपूर्ण सर्वदलीय बैठक बुलाई। लगभग डेढ़ घंटे चली इस बैठक की अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने की, जिसमें गृह मंत्री अमित शाह, विदेश मंत्री एस. जयशंकर, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी सहित कई प्रमुख नेता और विदेश सचिव शामिल हुए।
पाकिस्तान की मध्यस्थता पर तीखी प्रतिक्रिया
बैठक के दौरान जब विदेश मंत्री एस. जयशंकर से ईरान जंग को खत्म करने के लिए अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान की मध्यस्थता के बारे में सवाल किया गया, तो उन्होंने कड़ा रुख अपनाते हुए दो टूक शब्दों में कहा, “हम दलाल देश नहीं हो सकते”। सरकार ने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान की इस भूमिका में कुछ भी नया नहीं है क्योंकि वह 1981 से ही इस तरह की भूमिका निभाने की कोशिश करता रहा है।
पीएम मोदी ने ट्रंप से कहा- ‘युद्ध रुकना चाहिए’
बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच हुई बातचीत का भी ब्यौरा दिया गया। विदेश मंत्री जयशंकर ने बताया कि पीएम मोदी ने ट्रंप से स्पष्ट कहा है कि यह युद्ध खत्म होना चाहिए क्योंकि इससे दुनिया भर में सभी को नुकसान हो रहा है। भारत ने अपना संदेश साफ कर दिया है कि वह शांति का पक्षधर है और वैश्विक अस्थिरता के खिलाफ है।
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देश की ऊर्जा सुरक्षा पूरी तरह सुरक्षित
ईंधन संकट और तेल की बढ़ती कीमतों को लेकर विपक्ष की चिंताओं पर सरकार ने देश को आश्वस्त किया कि भारत की ऊर्जा सुरक्षा पूरी तरह सुरक्षित है। सरकार ने जानकारी दी कि देश में पर्याप्त मात्रा में तेल और गैस का भंडार मौजूद है और इसके लिए पहले ही एडवांस बुकिंग की जा चुकी है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के जरिए होने वाली सप्लाई पर सरकार ने कहा कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और अगले चार से पांच दिनों में चार जहाज बंदरगाहों पर पहुंचने वाले हैं।
ईरान पर हमले का कारण
विपक्ष द्वारा अमेरिका-इजरायल के ईरान पर हमलों के कारणों पर पूछे गए सवाल के जवाब में विदेश सचिव ने बताया कि ईरान ने परमाणु परीक्षण न करने का आश्वासन दिया था लेकिन वह उस दिशा में बढ़ता हुआ दिख रहा था जिसके कारण ये हमले हुए। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने चर्चा के दौरान इस बात पर जोर दिया कि सरकार के लिए भारत के लोगों का ध्यान रखना सबसे महत्वपूर्ण है।
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बैठक में कांग्रेस से मुकुल वासनिक और तारिक अनवर, समाजवादी पार्टी से धर्मेंद्र यादव और अन्य दलों के प्रतिनिधि शामिल हुए। सरकार ने स्पष्ट किया कि वह भू-राजनीतिक स्थिति पर पूरी तरह नजर बनाए हुए है और किसी भी दबाव में नहीं है।
