'जंग आपने शुरू की, खत्म हम करेंगे', ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति को दिया दोटूक जवाब; रखीं ये 5 कड़ी शर्तें

US Iran War: ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की 15-सूत्रीय युद्धविराम योजना को खारिज कर दिया है। तेहरान ने जवाबी कार्रवाई में अब अपनी अमेरिका 5 शर्तें पेश की हैं। 
'You Started the War; We Will Finish It'—Iran Delivers Blunt Response to US President, Lays Down These 5 Strict Conditions
मोजतबा खामेनेई और डोनाल्ड ट्रम्प, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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Iran Trump Peace Proposal Rejection: मिडिल ईस्ट में जारी भीषण संघर्ष के बीच कूटनीतिक समाधान की एक और कोशिश नाकाम होती दिख रही है। ईरान ने बुधवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा प्रस्तावित 15-सूत्रीय शांति योजना को सिरे से खारिज कर दिया है। ईरानी अधिकारियों ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि यह युद्ध अमेरिका और इजरायल ने शुरू किया था लेकिन इसका अंत ईरान अपनी शर्तों और अपनी मर्जी से करेगा।

ट्रंप के प्रस्ताव पर ईरान का पलटवार

ईरान ने ट्रंप के प्रस्ताव को 'अत्यधिक' करार देते हुए अपनी मांगों की एक नई सूची जारी की है। सरकारी मीडिया एजेंसी 'प्रेस टीवी' के अनुसार, ईरानी अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि राष्ट्रपति ट्रंप यह तय नहीं कर सकते कि युद्ध कब और किन शर्तों पर समाप्त होगा। तेहरान ने मौजूदा संघर्ष को समाप्त करने के लिए पांच प्रमुख मांगें रखी हैं जिन्हें माने बिना वह पीछे हटने को तैयार नहीं है।

ईरान की 5 प्रमुख मांगें

ईरानी अधिकारियों के हवाले से जारी की गई मांगों की सूची इस प्रकार है:

आक्रामकता पर पूर्ण विराम: दुश्मन (अमेरिका और इजरायल) द्वारा की जा रही 'आक्रामकता और हत्याओं' पर पूरी तरह से रोक लगाई जाए।

ठोस सुरक्षा तंत्र: भविष्य में इस्लामिक गणराज्य पर युद्ध को दोबारा थोपे जाने से रोकने के लिए एक गारंटीकृत तंत्र स्थापित किया जाए।

युद्ध का मुआवजा: युद्ध से हुई क्षति के लिए मुआवजे का स्पष्ट और गारंटीकृत भुगतान सुनिश्चित किया जाए।

प्रतिरोध समूहों की सुरक्षा: क्षेत्र भर में शामिल सभी प्रतिरोध समूहों के लिए सभी मोर्चों पर युद्ध की समाप्ति हो।

होर्मुज पर संप्रभुता: होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान की संप्रभुता को मान्यता दी जाए। ईरान इसे अपना प्राकृतिक और कानूनी अधिकार मानता है और इसे दूसरे पक्ष की प्रतिबद्धताओं की गारंटी के रूप में देखता है।

कूटनीतिक गतिरोध बरकरार

ईरान का कहना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य पर उसका नियंत्रण उसका संप्रभु अधिकार है और रहेगा। इस मांग ने वाशिंगटन की चिंताओं को बढ़ा दिया है, क्योंकि यह मार्ग वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए जीवन रेखा माना जाता है। अधिकारियों के बयानों से साफ है कि ईरान अब इस युद्ध को अपनी मर्जी से समाप्त करने की जिद पर अड़ा है। वर्तमान में कूटनीति विफल होती दिख रही है और ईरान की इन 'कठिन' शर्तों ने शांति की राह को और भी चुनौतीपूर्ण बना दिया है।

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