जगन मोहन रेड्डी का तिरुपति दौरा रद्द, आस्था पर उठे सवालों के बीच बयान जारी
जगन मोहन रेड्डी ने इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि देश में सभी लोग उनके धर्म के बारे में जानते हैं। उन्होंने बताया कि वह कई बार तिरुमाला मंदिर जा चुके हैं, और मुख्यमंत्री बनने से पहले भी वह भगवान वेंकटेश्वर स्वामी की पूजा कर चुके हैं।
- Written By: विकास कुमार उपाध्याय
Jagan Mohan Reddy | X
अमरावती : आंध्र प्रदेश के विपक्षी दल युवजन श्रमिक रायथू कांग्रेस पार्टी के प्रमुख वाई. एस. जगन मोहन रेड्डी ने शुक्रवार को तिरुपति भगवान वेंकटेश्वर मंदिर का अपना निर्धारित दौरा अचानक रद्द कर दिया। पार्टी के करीबी सूत्रों ने यह जानकारी दी, हालांकि दौरा रद्द करने के कारणों का खुलासा नहीं किया गया है। रेड्डी का यह दौरा राज्यव्यापी मंदिर प्रार्थना अनुष्ठान का हिस्सा था, जिसे मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू द्वारा तिरुपति लड्डू के संबंध में लगाए गए आरोपों के प्रायश्चित के रूप में रखा गया था।
रेड्डी का तिरुपति दौरा पहले से तय था, लेकिन प्रस्थान से कुछ घंटों पहले इसे रद्द कर दिया गया। इस दौरे के रद्द होने के पीछे एक बड़ा कारण आंध्र प्रदेश में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के घटक दलों की वह मांग बताई जा रही है, जिसमें रेड्डी से तिरुमाला मंदिर में प्रवेश से पहले अपनी आस्था को स्पष्ट करने की अपील की गई थी।
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जगन मोहन रेड्डी ने इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि देश में सभी लोग उनके धर्म के बारे में जानते हैं। उन्होंने बताया कि वह कई बार तिरुमाला मंदिर जा चुके हैं, और मुख्यमंत्री बनने से पहले भी वह भगवान वेंकटेश्वर स्वामी की पूजा कर चुके हैं। उन्होंने आगे कहा कि वह अपने घर में बाइबिल पढ़ते हैं, लेकिन इस्लाम, हिंदुत्व और सिख धर्म का भी सम्मान करते हैं।
रेड्डी ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू लोगों का ध्यान अपनी विफलताओं से भटकाने के लिए तिरुपति लड्डू की गुणवत्ता और उनकी आस्था पर सवाल खड़ा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि नायडू ने जानबूझकर लड्डू की गुणवत्ता को लेकर संदेह पैदा किया और इस मुद्दे पर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश की। उन्होंने स्पष्ट किया कि तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम द्वारा अस्वीकृत घी का उपयोग कभी भी लड्डू प्रसादम बनाने में नहीं किया गया। उन्होंने बताया कि जब वह मुख्यमंत्री थे, तब उन्हें भगवान वेंकटेश्वर स्वामी को रेशमी वस्त्र अर्पित करने का पांच साल तक अवसर मिला था, और यह यात्रा उनके लिए कोई नई बात नहीं है।
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