अंतरराष्ट्रीय दिव्यांग दिवस 2024 आज, जानिए इसकी शुरुआत का इतिहास

आज तीन दिसंबर को अंतरराष्ट्रीय दिव्यांग दिवस के रूप में मनाते है। यह खास दिन दिव्यांगों के अधिकारों और कल्याण को बढ़ावा देने के साथ ही राजनीतिक, सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक जीवन के सभी पहलुओं के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए मनाया जाता है।
विश्व दिव्यांग दिवस 2024, दिव्यांग लोग
विश्व दिव्यांग दिवस 2024 (सौ.सोशल मीडिया)
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World Divyang Day 2024: दुनिया में कुछ लोग सक्षम होते है तो कुछ को अक्षम करार कर दिया जाता है। लेकिन लोग नहीं जानते जिन्हें वे अक्षम मान लेते है वे हौसले के साथ हर कदम पर सक्षम है उन्हें ऐसे ही हिम्मती नहीं कहा जाता है। आज तीन दिसंबर को अंतरराष्ट्रीय दिव्यांग दिवस के रूप में मनाते है। यह खास दिन दिव्यांगों के अधिकारों और कल्याण को बढ़ावा देने के साथ ही राजनीतिक, सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक जीवन के सभी पहलुओं के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए मनाया जाता है।

कब से हुई इस दिवस की शुरुआत

यहां पर आपको बताते चलें कि, इसका इतिहास भी काफी पुराना है। यानी इस दिवस में संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा 1992 में हर वर्ष 3 दिसम्बर को अंतर्राष्ट्रीय विकलांग दिवस के रूप में मनाने घोषणा की गयी। इसका उद्देश्य समाज के सभी क्षेत्रों में दिव्यांग व्यक्तियों के अधिकारों को बढ़ावा देना और राजनीतिक, सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक जीवन में दिव्यांग लोगों के बारे में जागरूकता बढ़ाना था। हम अपनी जिंदगी में इतने खुश रहते है कि, हम अपने आसपास के दिव्यांगों की मदद नहीं कर पाते है लेकिन सम्मान देना बेहद जरूरी है।

समाज में दिव्यांग लोगों को मानते हैं कलंक

समाज के नाम दिव्यांग को लेकर एक गलत काम दर्ज है। इस वर्ष का विषय "समावेशी और टिकाऊ भविष्य के लिए विकलांग व्यक्तियों के नेतृत्व को बढ़ावा देना" विकलांग व्यक्तियों को अपने भाग्य को आकार देने और समाज में योगदान देने में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए सशक्त बनाने के महत्व को रेखांकित करता है। इस दिवस को हर साल 3 दिसंबर को मनाने से समाज में इन दिव्यांग वर्ग के प्रति लोगों का नजरिया बदलेगा। लाइफस्टाइल की खबरें जानने के लिए क्लिक करें 

सरकार दिव्यांगो को दे रही है सेवाएं

सरकार द्वारा देश में दिव्यांगो के लिए कई नीतियां बनायी गयी है। उन्हें सरकारी नौकरियों, अस्पताल, रेल, बस सभी जगह आरक्षण प्राप्त है। दिव्यांगो के लिए सरकार ने पेशन की योजना भी चला रखी है। लेकिन ये सभी सरकारी योजनाएं उन दिव्यांगो के लिए महज एक मजाक बनकर रह गयी हैं। जब इनके पास इन सुविधाओं को हासिल करने के लिए दिव्यांगता का प्रमाणपत्र ही नहीं है। इतना ही नहीं सरकार द्वारा देश में दिव्यांगो के लिए कई नीतियां बनायी गयी है। उन्हें सरकारी नौकरियों, अस्पताल, रेल, बस सभी जगह आरक्षण प्राप्त है। दिव्यांगो के लिए सरकार ने पेशन की योजना भी चला रखी है। इसका फायदा लेना सहूलियत के लिए जरूरी है।

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