भारत अब चीन को देगा मुंहतोड़ जवाब, नौसेना में शामिल हो रही INS अरिदमन, इसकी ताकत बेहिसाब
INS Aridaman: नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश त्रिपाठी ने बताया है कि भारत की तीसरी स्वदेशी परमाणु बैलिस्टिक पनडुब्बी आइएनएस अरिदमन जल्द नौसेना में शामिल होगी। यह देश के परमाणु त्रिकोण को मजबूत करेगी।
- Written By: रंजन कुमार
INS अरिदमन। इमेज-सोशल मीडिया
Indian Navy: भारत की तीसरी स्वदेशी निर्मित न्यूक्लियर बैलिस्टिक पनडुब्बी आइएनएस अरिदमन बहुत जल्द नौसेना में शामिल होगी। फिलहाल उन्नत पनडुब्बी आइएनएस अरिदमन परीक्षण के अंतिम चरण में है। नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश त्रिपाठी ने मंगलवार को बताया कि भारतीय नौसेना के पास आइएनएस अरिघात और आइएनएस अरिहंत भी हैं।
ये भारत के न्यूक्लियर ट्रायड को और मजबूत करेंगे। न्यूक्लियर डिटरेंस को बढ़ाएंगे, क्षेत्र में सामरिक संतुलन, शांति स्थापित करने में मदद करेंगे और देश की सुरक्षा में निर्णायक भूमिका निभाएंगे। बता दें, भारत अपने रक्षा तंत्र को लगातार मजबूत कर रहा है। हाल में जासूसी के इरादे से चीनी जहाजों के विशाखापट्टनम में दाखिल होने के प्रयास के बाद यह खबर नौसैनिकों और आम भारतीयों को और राहत देगी।
इन देशों के पास परमाणु शक्ति वाली पनडुब्बियां
नौसेना प्रमुख का कहना है कि भारत की परमाणु शक्ति वाली बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बी (एसएसबीएन) कार्यक्रम एक गुप्त परियोजना है। भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल है, जिनके पास परमाणु शक्ति वाली पनडुब्बियां हैं। इन देशों में अमेरिका, रूस, ब्रिटेन, फ्रांस और चीन शामिल हैं। उन्होंने बताया कि प्रोजेक्ट 75 इंडिया के तहत 6 स्टेल्थ पनडुब्बियों की प्रस्तावित अधिग्रहण प्रक्रिया आखिरी चरण में है। ये डीजल और इलेक्ट्रिक पनडुब्बियां करीब 70,000 करोड़ रुपये की लागत पर खरीदी जा रही हैं। नौसेना को साल 2028 में 26 राफेल-एम लड़ाकू विमानों में से पहले 4 विमानों की प्राप्ति होगी।
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फ्रांस के साथ अहम समझौते पर किया था हस्ताक्षर
इस साल अप्रैल में भारत ने फ्रांस के साथ 64,000 करोड़ रुपये के सौदे पर हस्ताक्षर किया था। नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश त्रिपाठी ने सशस्त्र बलों के आपसी सहयोग और एकजुटता का एक उदाहरण देते हुए कहा ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत की तत्काल कार्रवाई और आक्रामक स्थिति ने पाकिस्तानी नौसेना को व्यस्त रखा। उन्हें अपने बंदरगाहों और मकरान तट के पास रहने के लिए मजबूर कर दिया था।
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नौसेना समुद्र की सभी गतिविधियों से अवगत
नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश त्रिपाठी ने हिंद महासागर क्षेत्र में चीनी शोध जहाजों के बारे में उठाई गई चिंताओं को लेकर भारतीय नौसेना की सतर्कता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि चिंता की कोई बात नहीं है। उन्होंने आश्वासन दिया कि भारतीय नौसेना सिर्फ चीन से संबंधित गतिविधियों से नहीं, सभी गतिविधियों से अवगत है। इसके साथ ही केंद्र सरकार के निर्देशानुसार उचित कार्रवाई करती है।
