भारतीय रेलवे का बड़ा फैसला! पटरियों के नीचे 12 घंटे में तैयार होंगी रेडीमेड पुलिया, हादसों पर लगेगी लगाम
Rail Subway Construction: रेल मंत्रालय ने ग्रामीण क्षेत्रों में पटरी पार करते समय होने वाले हादसों को रोकने के लिए 'रेडीमेड पुलिया' योजना शुरू की है। मात्र 12 घंटे में सब-वे तैयार कर लिया जाएगा।
- Written By: सूर्यप्रकाश मिश्र | Edited By: आकाश मसने
पटरियों के नीचे बन रही रेडीमेड पुलिया (सोर्स: सोशल मीडिया)
Railway Ready-made Culverts: देश की जीवनवाहिनी कही जाने वाली भारतीय रेल की पटरियों पर होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के रेल मंत्रालय नई पहल करने जा रहा है। देश भर के ग्रामीण भागों में लोग आसानी से रेल पटरियों को पार कर सकें इसके लिए पटरियों के नीचे रेडीमेड पुलिया बनाई जाएगी।
उल्लेखनीय है कि पटरी के आर-पार इन सुगम पुलियाओं का निर्माण मात्र 12 घंटे में किया जा सकेगा। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसकी जानकारी देते हुए कहा कि रेल पटरी पार करते समय होने वाली दुर्घटनाओं को अब रेलवे मिशन मोड में रोकना चाहता है। इसके लिए बड़े पैमाने पर (सब-वे) रेल पुलिया बनाए जाने की योजना है।
सुगम और सुरक्षित डिजाइन
बताया गया कि जहां रेल पटरी के एक तरफ बस्ती है और दूसरी तरफ खेत, विद्यालय, श्मशान या अन्य उपयोगी एवं महत्वपूर्ण स्थान हैं, ऐसे स्थानों पर ये रेल पुलिया बनाई जायेंगी। रेल मंत्री ने देश भर में ऐसी रेल पुलियाओं को बनाने का निर्देश दिया, जहां अपने रोजमर्रा के जीवन में बड़ी संख्या में लोग पटरियों को पार करते हैं। इन रेल पुलियाओं को बनाते समय यह ध्यान रखा जाएगा कि एक आम आदमी साइकिल, मोटर साइकिल, बैलगाड़ी या कामकाज से जुड़ी अन्य चीजों को भी अपने साथ ले जा सके। इससे देशभर में पटरी पार करते समय होने वाली दुर्घटनाओं पर रोक लगेगी। देश की एक बड़ी आबादी के लिए भारतीय रेलवे की ये पुलिया वरदान साबित होगी।
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5-6 साल में मिलेगी निजात
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने अधिकारियों को देश की इस बड़ी समस्या से अगले 5-6 वर्षों में निजात दिलाने को कहा। ये पुलिया इस प्रकार से बनाई जायेंगी ताकि पटरियों के आर पार इनका निर्माण मात्र 12 घंटे में हो सके। उनका डिजाइन इस प्रकार की हो, ताकि लोगों को इसे इस्तेमाल करने में कोई हिचक न हो। जल भराव से पुलिया प्रभावित न हो। इस बारे में रेल मंत्री ने अपने अधिकारियों से विस्तृत चर्चा कर निर्णय लिया है।
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कैसे बनेंगी पुलिया?
जाहिर है कि ये रेल पुलिया भूमिगत होंगी। सबवे या पुलिया को 12 घंटे में लगाया जा सकेगा। सबवे या पुलिया का स्ट्रक्चर दूसरी जगह बनाया जाएगा। उसके बाद साईट पर जहां पुलिया लगनी है वहां लाया जाएगा। साईट पर आने के बाद रेलवे द्वारा ब्लॉक लेकर उसे पटरी के नीचे सुरक्षित रूप फिट कर दिया जाएगा। ब्लॉक के दौरान रेल पटरी को काट के 12 घंटे के अंदर वह पुलिया रेडी टू यूज हो जाएगी।
