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ई-समृद्धि पोर्टल बंद, वर्धा में नाफेड चना खरीदी ठप; भुगतान और बिक्री दोनों अटकी

Wardha NAFED Procurement: वर्धा में ई-समृद्धि पोर्टल बंद होने से नाफेड की चना खरीदी ठप पड़ गई है। 882 किसान उपज बेचने की प्रतीक्षा में हैं, जबकि करोड़ों का भुगतान अटका है।

  • Written By: अंकिता पटेल
Updated On: May 11, 2026 | 09:10 AM

चना खरीदी, नाफेड, ई-समृद्धि पोर्टल,(सोर्स: सोशल मीडिया)

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Wardha Agricultural Procurement News: वर्धा जिले में नाफेड के माध्यम से की जा रही चना खरीदी एक बार फिर अव्यवस्था की भेंट चढ़ गई है। शासन द्वारा खरीदी की अवधि 29 मई तक बढ़ाए जाने के बावजूद ई-समृद्धि पोर्टल बंद होने से खरीदी प्रक्रिया पूरी तरह ठप हो गई है। इससे 882 पंजीकृत किसान अब भी अपनी उपज बेचने की प्रतीक्षा कर रहे हैं, जबकि खरीदी हो चुके किसानों के 3 करोड़ 11 लाख 47 हजार 781 रुपये के भुगतान भी अटके हुए हैं।

धीमी खरीदी से किसान परेशान, भुगतान भी लंबित

जानकारी के अनुसार जिले के आष्टी, देवली, कारंजा और वां स्थित नाफेड केंद्रों पर 7 मई तक 1,799 किसानों से 42 हजार 65.70 क्विंटल चना खरीदा गया है। इसके बावजूद बड़ी संख्या में किसान अब तक खरीदी से वंचित हैं। भुगतान लंबित रहने से किसानों की आर्थिक परेशानी बढ़
गई है। इस वर्ष 1 मार्च से चना पंजीकरण प्रक्रिया शुरू की गई थी।

जिले के चारों केंद्रों पर कुल 2,681 किसानों ने पंजीकरण कराया था। खुले बाजार में चने का भाव करीब 5,300 रुपये प्रति क्विंटल था, जबकि शासन ने 5,875 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य घोषित किया था।

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अधिक समर्थन मूल्य मिलने की उम्मीद में किसानों ने बड़ी संख्या में नाफेड में पंजीकरण कराया, लेकिन खरीदी प्रक्रिया बेहद धीमी रही। किसानों का आरोप है कि चारदाने की कमी, तकनीकी खराबी, इंटरनेट समस्या और कर्मचारियों की कमी के कारण कई बार खरीदी रोकनी पड़ी।

कई किसानों को स्लॉट मिलने में देरी हुई, जबकि कुछ को बार-बार नई तारीख दी गई। खरीदी बंद होने से ट्रैक्टर और मालवाहक वाहनों से बना लाने वाले किसानों को उपज वापस ले जानी पड़ी, जिससे अतिरिक्त आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।

किसानों की आर्थिक स्थिति डगमगाई

पिछले सप्ताह खरीदी बंद होने के बाद किसानों ने नाराजगी जताई थी। इसके बाद शासन ने 29 मई तक अवधि बढ़ाई, लेकिन ‘कोटा समाप्त’ और पोर्टल बंद होने का कारण बताकर खरीदी फिर रोक दी गई।

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किसानों का कहना है कि खरीफ सीजन की तैयारी के लिए वे चने की विक्री पर निर्भर थे, लेकिन खरीदी और भुगतान दोनों अटकने से उनकी आर्थिक स्थिति डगमगा गई है। किसानों ने सभी पंजीकृत किसानों का चना तत्काल खरीदने और लंबित भुगतान शीघ्र जारी करने की मांग की है।

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Published On: May 11, 2026 | 08:56 AM

Topics:  

  • Agricultural Crops
  • Maharashtra News
  • Wardha News

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