जयंती विशेष: इस शख्स ने 'मधुशाला' से लोगों के दिल पर किया राज, बीत गई सो बात गई जैसी रचनाओं से भी लोगों पर डाला प्रभाव

भारत देश के प्रसिद्ध कवि और लेखक हरिवंश राय बच्चन की आज 117वीं जयंती है। बच्चन एक ऐसे कवि थे, जिनकी कविताएँ आज भी हिंदी साहित्य की शान बढ़ाती हैं। उनकी सबसे ज्यादा लोकप्रियता प्राप्त करने वाली मधुशाला आज भी लोगों के दिलों पर राज कर रही है।
जयंती विशेष: इस शख्स ने 'मधुशाला' से लोगों के दिल पर किया राज, बीत गई सो बात गई जैसी रचनाओं से भी लोगों पर डाला प्रभाव
हरिवंश राय बच्चन जयंती विशेष (डिजीइन फो़टो)
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Harivansh Rai Bachchan(1)
हरिवंश राय बच्चन का जन्म 27 नवंबर 1907 को यूपी के प्रतापगढ़ जिले के बाबूपट्टी में हुआ था। बच्चन एक हिंदू कायस्थ परिवार में पैदा हुए थे और उनका पारिवारिक नाम श्रिवास्तव था।
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हरिवंश राय बच्चन ने अपनी हिंदी कविता के लिए उपनाम 'बच्चन' का उपयोग करना शुरू किया। जन्म से श्रिवास्तव रहे हरिवंश ने बाद में 'बच्चन' को ही अपना पारिवारिक नाम बना लिया था।
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हरिवंश राय बच्चन ने 1926 में श्यामा से शादी की थी। लेकिन श्यामा को ट्यूबरकुलोसिस की बीमारी हो गई थी, जिसके चलते 1936 में उनकी मृत्यु हो गई थी। इसके 5 साल बाद 1941 में हरिवंश राय बच्चन ने दूसरी बार तेजी सूरी से शादी की थी।
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हरिवंश राय बच्चन और तेजी बच्चन के बड़े बेटे अमिताभ का जन्म 1942 में हुआ था। उसके बाद 1947 में उनके छोटे बेटे अजिताभ बच्चन का जन्म हुआ। अमिताभ आज सिनेमा जगत के दिग्गज अभिनेता के रूप में जाने जाते हैं। वहीं अजिताभ, बिजनेस की दुनिया में नाम कमाने वाले सफल कारोबारी हैं।
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हिंदी भाषा में पारंगत हरिवंश राय बच्चन ने कवि के रूप में खूब नाम कमाया। मधुशाला, बीत गई सो बात गई, मधुबाला, मिलन यामिनी, दो चट्टानें, सतरंगिनी ऐसी कई कविताओं की रचना उन्होंने की थी।
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हरिवंश राय बच्चन ने लेखक के रूप में अपनी जिंदगी के कुछ खास अनुभवों को, यादों को कागज पर उतारा था। क्या भूलूं क्या याद करूं, बच्चन रचनावली के नौ खंड, नीर का निर्माण फिर ये सुप्रसिद्ध आत्मकथाएं उन्होंने लिखी थीं।

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