प्रतीकात्मक फोटो, सोर्स- सोशल मीडिया
India-UAE Travel Update: मध्य पूर्व में गहराते युद्ध के बादलों ने अंतरराष्ट्रीय हवाई यातायात की कमर तोड़ दी है। कई देशों द्वारा अपने वायु क्षेत्र को बंद करने या सख्त पाबंदियां लगाने के कारण दुनिया भर की उड़ानों का निर्धारित शेड्यूल पूरी तरह बिगड़ चुका है।
इसका सीधा असर अब भारत से संयुक्त अरब अमीरात जाने वाले यात्रियों पर पड़ रहा है। आज, यानी 15 मार्च 2026 को, संयुक्त अरब अमीरात के एयरपोर्ट अथॉरिटी द्वारा जारी नए निर्देशों के बाद एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने दुबई और अबू धाबी जाने वाली अपनी अधिकांश उड़ानों को अचानक रद्द करने का बड़ा फैसला लिया है। इस अप्रत्याशित फैसले से देश के विभिन्न हवाई अड्डों पर सैकड़ों यात्री फंसे हुए हैं, जिन्हें अपनी यात्रा को लेकर अब अनिश्चितता का सामना करना पड़ रहा है।
वैश्विक स्तर पर जारी इस ‘महाजंग’ ने न केवल कूटनीतिक संबंधों को बल्कि आम आदमी की पहुंच वाली हवाई सेवाओं को भी प्रभावित किया है। एयरलाइंस कंपनियों के लिए सबसे बड़ी चुनौती विभिन्न देशों द्वारा सुरक्षा कारणों से बंद किए गए एयरस्पेस हैं। यूएई एयरपोर्ट अथॉरिटी के ताजा निर्देशों ने एयर इंडिया और उसकी सहायक कंपनी एयर इंडिया एक्सप्रेस को अपनी परिचालन नीतियों में बदलाव करने पर मजबूर कर दिया है।
इसके कारण 15 मार्च के लिए निर्धारित कई ‘एड-हॉक’ उड़ानों को तत्काल प्रभाव से निरस्त करना पड़ा है। जानकारों का मानना है कि जब तक मध्य पूर्व में तनाव की स्थिति सामान्य नहीं होती, तब तक अंतरराष्ट्रीय हवाई मार्गों पर इस तरह की बाधाएं और अनिश्चितता बनी रह सकती है।
इस फैसले का सबसे अधिक प्रभाव अबू धाबी और दुबई जाने वाले रूट पर देखा जा रहा है। आंकड़ों के अनुसार, अबू धाबी के लिए एयर इंडिया एक्सप्रेस की सभी पांच उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। वहीं दुबई की स्थिति भी कुछ अलग नहीं है; यहां के लिए निर्धारित छह में से पांच उड़ानों को कैंसिल कर दिया गया है।
वर्तमान स्थिति में एयर इंडिया एक्सप्रेस दिल्ली-दुबई मार्ग पर केवल एक रिटर्न फ्लाइट का ही संचालन कर रही है। हालांकि, एयरलाइन ने शारजाह और रास अल खैमाह जैसे अन्य अमीरात शहरों के लिए कोच्चि, कन्नूर और मुंबई जैसे शहरों से उड़ानें संचालित करने की योजना बनाई है, लेकिन ये भी पूरी तरह से स्लॉट की उपलब्धता और युद्ध की जमीनी परिस्थितियों पर निर्भर करेंगी।
युद्ध के इस माहौल में केवल उड़ानें रद्द होना ही एकमात्र समस्या नहीं है। ईंधन की बढ़ती कीमतों और सुरक्षा जोखिमों के कारण हवाई यात्रा अब पहले से कहीं अधिक महंगी होने वाली है। सूत्रों के अनुसार, एयर इंडिया और इंडिगो जैसी प्रमुख एयरलाइंस ने फ्यूल सरचार्ज लगाने और किराए में बढ़ोतरी करने का संकेत दिया है।
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इससे उन यात्रियों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा जिन्हें अनिवार्य रूप से यात्रा करनी है। भारत भर में लगभग 180 उड़ानें इस संकट से सीधे तौर पर प्रभावित हुई हैं, जिसने देश के विमानन क्षेत्र में एक बड़ी हलचल पैदा कर दी है। यात्रियों के लिए यह समय न केवल धैर्य रखने का है, बल्कि अपनी यात्रा योजनाओं की बारीकी से समीक्षा करने का भी है।
एयरलाइंस कंपनियों और एयरपोर्ट अथॉरिटी ने यात्रियों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है। मौजूदा संकट को देखते हुए यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे अपने घर से एयरपोर्ट के लिए निकलने से पहले अपनी संबंधित फ्लाइट का स्टेटस ऑनलाइन या हेल्पलाइन के जरिए जरूर चेक कर लें। चूंकि परिस्थितियां बहुत तेजी से बदल रही हैं, इसलिए अंतिम समय में उड़ानों के रद्द होने या मार्ग परिवर्तन की पूरी संभावना बनी रहती है।