भारत ने पाकिस्तान को सिखाया सबक…सस्ती वैक्सीन की सप्लाई रोकी, पाक स्वास्थ्य मंत्री के होश उड़े
India Pakistan Relations : पिछले पहलगाम में आतंकी हमले के बाद भारत ने सिंधु जल समझौता को निरस्त कर पानी की आपूर्ति रोक दी। अब सस्ती वैक्सीन की आपूर्ति भी ठप कर दी गई है। इससे पाकिस्तान परेशान है।
- Written By: रंजन कुमार
भारत से सस्ती वैक्सीन सप्लाई रुकने से पाक परेशान। इमेज-सोशल मीडिया
India Pakistan News : मई 2025 के सैन्य टकराव के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच उपजे तनाव का असर अब सरहद से निकलकर पाकिस्तान के स्वास्थ्य क्षेत्र और चरमराती अर्थव्यवस्था पर दिखने लगा है। पाकिस्तान के स्वास्थ्य मंत्री मुस्तफा कमाल ने एक गंभीर चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि भारत से मिलने वाली सस्ती जीवन रक्षक वैक्सीनों (टीकों) की आपूर्ति रुकने से देश पर वित्तीय बोझ कई गुना बढ़ने वाला है। यदि पाकिस्तान ने जल्द ही खुद वैक्सीन बनाना शुरू नहीं किया तो आने वाले कुछ वर्षों में उसका आयात बिल आसमान छूने लगेगा।
सालों से पाकिस्तान अपनी टीकाकरण जरूरतों के लिए अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं और विशेष रूप से भारतीय फार्मा कंपनियों पर निर्भर रहा है। भारत दुनिया का सबसे बड़ा वैक्सीन उत्पादक है, जहां से पाकिस्तान को बेहद कम लागत में टीकों की खेप मिल जाती थी। स्वास्थ्य मंत्री के मुताबिक पिछले साल के युद्ध जैसे हालात के बाद भारत से यह सप्लाई लाइन पूरी तरह ठप हो चुकी है। इसका नतीजा यह है कि अब पाकिस्तान को यही टीके अन्य देशों से अत्यधिक ऊंची कीमतों पर खरीदने पड़ रहे हैं।
2031 तक बढ़ेगा आर्थिक बोझ
वर्तमान आंकड़ों के अनुसार पाकिस्तान का सालाना वैक्सीन आयात बिल करीब 40 करोड़ डॉलर है। इसमें से 49 प्रतिशत हिस्सा अंतरराष्ट्रीय संस्था गावी (GAVI) की तरफ से वहन किया जाता है। वहीं, 51 प्रतिशत खर्च वहां की सरकार उठाती है। लेकिन यह मदद 2031 तक खत्म होने वाली है। स्वास्थ्य मंत्री मुस्तफा कमाल ने अंदेशा जताया है कि तब तक आयात बिल बढ़कर 1.2 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है। 24 करोड़ की आबादी वाले देश में, जहां हर साल 62 लाख बच्चे जन्म लेते हैं, वहां 13 तरह के टीकों की मांग को महंगे आयात से पूरा करना असंभव हो जाएगा।
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घरेलू उत्पादन के लिए सऊदी अरब पर नजर
संकट की इस घड़ी में पाकिस्तान अब सऊदी अरब की ओर देख रहा है। सरकार की योजना सऊदी अरब के साथ मिलकर देश के अंदर ही वैक्सीन निर्माण संयंत्र स्थापित करने की है। यह कदम न केवल स्वास्थ्य सुरक्षा बल्कि देश की आर्थिक स्थिरता के लिए भी अनिवार्य माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि भारत जैसी सस्ती और विश्वसनीय सप्लाई रुकना पाकिस्तान के लिए एक बड़ा वेकअप कॉल है।
