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India-Sri Lanka Joint Military Exercise: भारत और श्रीलंका के बीच रक्षा सहयोग को नया आयाम देने जा रहा है सैन्य अभ्यास ‘मित्र शक्ति 2025’।यह अभ्यास कर्नाटक के बेलगावी में आयोजित होगा, जिसमें दोनों देशों की सेनाएं हिस्सा लेंगी। अभ्यास का मुख्य लक्ष्य संयुक्त अभियानों में बेहतर समन्वय और प्रशिक्षण को बढ़ाना है।‘मित्र शक्ति’ 2013 से हर साल आयोजित होता आ रहा है और अब यह 11वां संस्करण है।
भारतीय सेना और श्रीलंका की सेना 10 से 23 नवंबर 2025 तक संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘मित्र शक्ति 2025’ में भाग लेंगी। यह अभ्यास कर्नाटक के बेलगावी स्थित फॉरेन ट्रेनिंग नोड में आयोजित किया जाएगा। दोनों सेनाओं का लक्ष्य आतंकवाद-रोधी अभियानों में संयुक्त रणनीतियों को विकसित करना और संचालनात्मक तालमेल को बढ़ाना है।
यह अभ्यास भारत-श्रीलंका की रणनीतिक साझेदारी और रक्षा सहयोग को नई मजबूती देने का कार्य करेगा। दोनों देशों की सेनाएं शहरी और अर्ध-शहरी इलाकों में संयुक्त अभियानों की तकनीक और प्रशिक्षण साझा करेंगी।
‘मित्र शक्ति 2025’ केवल एक सैन्य अभ्यास नहीं, बल्कि क्षेत्रीय शांति, स्थिरता और सुरक्षा के प्रति दोनों देशों की साझा प्रतिबद्धता का प्रतीक है। इसमें सैनिक मानवतावादी सहायता, आपदा प्रबंधन और आतंकवाद-रोधी अभियानों में संयुक्त रूप से काम करने की रणनीतियों पर प्रशिक्षण लेंगे। इस अभ्यास से दोनों देशों की सेनाओं के बीच सौहार्द, मित्रता और आपसी विश्वास और गहरा होगा।
यह सैन्य अभ्यास पहली बार 2013 में शुरू हुआ था और तब से यह भारत-श्रीलंका के बीच प्रमुख द्विपक्षीय सहयोग कार्यक्रम बन चुका है। इसका मुख्य उद्देश्य संयुक्त सैन्य कौशल, संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों के लिए तैयारी और युद्ध जैसे हालातों में समन्वित कार्रवाई को बढ़ावा देना है। ‘मित्र शक्ति’ दोनों सेनाओं को अंतरराष्ट्रीय मंच पर एक-दूसरे के साथ बेहतर तालमेल से काम करने की क्षमता प्रदान करता है।
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हाल ही में भारतीय सेना ने ‘त्रिशूल’ नामक त्रिसेवा (आर्मी, नेवी, एयरफोर्स) अभ्यास भी शुरू किया था, जिसमें मरुस्थलीय क्षेत्रों में युद्धक तैयारियों का परीक्षण किया गया। अब ‘मित्र शक्ति 2025’ के जरिए भारत अपनी दक्षिण एशियाई रणनीति को और मजबूती दे रहा है। रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, यह अभ्यास भारत की क्षेत्रीय स्थिरता और रणनीतिक नेतृत्व को और सशक्त बनाएगा।