PoK में अशांति पर पाकिस्तान के दावों को भारत ने बताया ‘झूठा और मनगढ़ंत’, दुनिया से दखल की मांग
India News: Pok में विरोध प्रदर्शनों के लिए भारत को जिम्मेदार ठहराने वाले पाकिस्तान के दावों को विदेश मंत्रालय ने 'झूठा' और 'भ्रामक' बताया है। भारत ने पाकिस्तान को मानवाधिकार उल्लंघनों के लिए घेरा।
- Written By: करुणा नंद शाहवाल
रणधीर जायसवाल (सोर्स-सोशल मीडिया)
Randhir Jaiswal Response On PoK Unrest: पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में जारी अशांति को लेकर भारत ने पाकिस्तान के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इस्लामाबाद को कड़ा जवाब दिया है। विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान के उन दावों को ‘झूठा’, ‘भ्रामक’ और ‘मनगढ़ंत’ बताया, जिनमें में चल रहे विरोध प्रदर्शनों के लिए भारत को जिम्मेदार ठहराया गया था।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि पाकिस्तान अपनी आंतरिक विफलताओं और मानवाधिकार उल्लंघनों से दुनिया का ध्यान हटाने के लिए ऐसे निराधार आरोप लगा रहा है। भारत का कहना है कि पीओके में जारी विरोध प्रदर्शन वहां की जनता के आर्थिक शोषण, प्रशासनिक दमन और बुनियादी अधिकारों से वंचित किए जाने का परिणाम हैं। भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भी अपील की है कि वह पीओके की स्थिति पर ध्यान दे और मानवाधिकार उल्लंघनों के लिए पाकिस्तान को जवाबदेह ठहराए।
पाकिस्तान के आरोपों को किया खारिज
उन्होंने कहा, “हम पाकिस्तान के इन झूठे और मनगढ़ंत आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हैं। ये बयान पाकिस्तान की विफलताओं और मानवाधिकार उल्लंघनों से ध्यान भटकाने का प्रयास हैं।” प्रवक्ता ने कहा कि पीओके में चल रहा विरोध प्रदर्शन पाकिस्तान की दशकों पुरानी दमनकारी नीतियों का परिणाम है, जिसमें आर्थिक शोषण, मौलिक अधिकारों से वंचित रखना और प्रशासनिक दमन शामिल है।
सम्बंधित ख़बरें
Vaishno Devi Yatra 2026: वैष्णो देवी में उमड़ा आस्था का सैलाब, 22 जून तक 50.70 लाख श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
BRICS NSA Meeting: दिल्ली में अजीत डोभाल ने अमेरिका-ईरान डील का किया स्वागत, बोले- उम्मीद है सफल होगा
डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी: ‘दो निशान, दो प्रधान’ के खिलाफ उठी आवाज, जिसने बदल दी देश की राजनीति
फिर गरमाया भारत-नेपाल सीमा विवाद! पीएम बालेन शाह के बयान से क्यों मचा बवाल- VIDEO
उन्होंने आगे कहा कि पाकिस्तान ने हालात नियंत्रित करने के लिए पुलिस कार्रवाई, आवश्यक वस्तुओं और दवाओं की आपूर्ति पर रोक, इंटरनेट बंदी और नागरिकों पर बल प्रयोग किया है, जिसके चलते कई लोगों की मौत भी हुई है।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भारत की अपील
तो वहीं विदेश मंत्रालय ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील करके हुए कहा कि वह इस स्थिति पर ध्यान दे और पाकिस्तान को उसके मानवाधिकार उल्लंघनों के लिए जवाबदेह ठहराए। रणधीर जायसवाल ने पहले भी 9 जून को कहा था कि पाकिस्तान फर्जी खबरों और वीडियो के जरिए अपनी कमियों को छिपाने और मानवाधिकार उल्लंघनों से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहा है।
ये भी पढ़ें- आवाज उठाने पर गोलियों से भूना जा रहा, Pok में पुलिस की बर्बरता पर भड़का भारत, कहा- कश्मीर भारत का हिस्सा
PoK में विरोध प्रदर्शनों पर बढ़ा तनाव
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पीओके के रावलाकोट क्षेत्र में सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़पों में दर्जनों लोगों की मौत और सैकड़ों के घायल होने की खबर है। यह तनाव उस समय बढ़ा जब पाकिस्तानी प्रशासन ने संयुक्त आवामी एक्शन कमेटी (जेएएसी) को आतंकवाद विरोधी कानूनों के तहत प्रतिबंधित संगठन घोषित किया था।
अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों और प्रवासी कश्मीरी समुदाय ने भी इन घटनाओं पर चिंता जताते हुए नागरिकों पर कथित अत्याचारों की निंदा की है और अंतरराष्ट्रीय हस्तक्षेप की मांग की है।
