Hindi news, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest Hindi News
X
  • देश
  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्य प्रदेश
  • विदेश
  • चुनाव
  • खेल
  • मनोरंजन
  • नवभारत विशेष
  • वायरल
  • धर्म
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • टेक्नॉलजी
  • यूटिलिटी
  • हेल्थ
  • ऑटोमोबाइल
  • वीडियो
  • रवि, 9 अगस्त 2026
  • वेब स्टोरीज
  • फोटो
  • ई-पेपर
  • विडियो
  • फटाफट खबरें

भारत-अमेरिका नौसेनाओं का EOD अभ्यास 10 अगस्त से कोच्चि में, समुद्री सुरक्षा पर होगा फोकस

India US Navy Exercise: भारत और अमेरिका की नौसेनाएं 10 से 14 अगस्त तक कोच्चि में EOD अभ्यास करेंगी। इसमें विशेषज्ञ गोताखोर और विस्फोटक आयुध निष्क्रियकरण दल समुद्री खतरों से निपटने की ट्रेनिंग लेंगे।

  • Written By: करुणा नंद शाहवाल
Updated On: Aug 09, 2026 | 09:34 PM

भारत अमेरिकी नौसेना अभ्यास (सोर्स-सोशल मीडिया)

Follow Us
Follow Us:

India US Navy EOD Exercise 2026: भारतीय और अमेरिकी नौसेनाओं के बीच विशेष समुद्री सुरक्षा अभ्यास का आठवां संस्करण 10 अगस्त से कोच्चि में शुरू होने जा रहा है। दोनों देशों की नौसेनाएं 10 से 14 अगस्त तक दक्षिणी नौसेना कमान में ‘एक्सप्लोसिव ऑर्डेनेंस डिस्पोजल’ (EOD) अभ्यास करेंगी। पांच दिनों तक चलने वाले इस अभ्यास में दोनों देशों के विशेषज्ञ गोताखोर और विस्फोटक आयुध निष्क्रियकरण दल हिस्सा लेंगे।

अभ्यास का मुख्य उद्देश्य समुद्र के भीतर मौजूद विस्फोटक खतरों से निपटने में दोनों नौसेनाओं की संयुक्त क्षमता और आपसी तालमेल को मजबूत करना है। इस दौरान विशेषज्ञों के बीच तकनीकी जानकारी और अनुभव साझा किए जाएंगे। संयुक्त प्रशिक्षण, उपकरणों का प्रदर्शन और वास्तविक परिस्थितियों पर आधारित व्यावहारिक अभ्यास भी होंगे। भारतीय और अमेरिकी नौसेनाएं वर्ष 2005 से संयुक्त साल्वेज और EOD अभ्यास करती आ रही हैं।

10 अगस्त से कोच्चि में शुरू होगा अभ्यास

भारत और अमेरिका की नौसेनाओं का विशेष एक्सप्लोसिव ऑर्डेनेंस डिस्पोजल (EOD) अभ्यास 10 अगस्त से कोच्चि स्थित दक्षिणी नौसेना कमान में शुरू होगा। यह अभ्यास 14 अगस्त तक चलेगा और इसमें दोनों देशों के विशेषज्ञ पांच दिनों तक संयुक्त प्रशिक्षण एवं पेशेवर संवाद में हिस्सा लेंगे। इस अभ्यास का फोकस समुद्र के भीतर मौजूद विस्फोटक खतरों की पहचान, उनसे सुरक्षित तरीके से निपटने और जरूरत पड़ने पर उन्हें निष्क्रिय करने की क्षमताओं को मजबूत करना है।

सम्बंधित ख़बरें

राजनाथ सिंह ने सिंदूर आर्मी महा ब्लड डोनेशन यात्रा में लिया हिस्सा, कहा- सैनिकों की सेवा है रक्तदान

Explainer: तुर्की, सऊदी और पाकिस्तान ने बनाया इस्लामिक NATO, भारत ने अब चलाया ऑपरेशन सिंदूर तो क्या होगा?

भारत-बांग्लादेश सीमा पर तनाव बढ़ा, बांग्लादेशियों ने एक भारतीय को किया अगवा

9 अगस्त का इतिहास: जब भारत के साथ खड़ा हुआ सोवियत संघ, 1971 को हुई ऐतिहासिक संधि

विशेषज्ञ गोताखोर और EOD टीमें लेंगी हिस्सा

अभ्यास में भारतीय नौसेना और अमेरिकी नौसेना की विशेषज्ञ डाइविंग तथा EOD टीमें शामिल होंगी। दोनों देशों के विशेषज्ञ अपने-अपने अनुभव, तकनीक और संचालन से जुड़ी बेहतर कार्यप्रणालियों को साझा करेंगे। अभ्यास के दौरान विशेषज्ञों के बीच विषय आधारित चर्चा, संयुक्त प्रशिक्षण और उपकरणों का प्रदर्शन भी किया जाएगा। इसके अलावा अलग-अलग चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों पर आधारित व्यावहारिक अभ्यास आयोजित किए जाएंगे।

समुद्र में विस्फोटक खतरे से निपटने की होगी ट्रेनिंग

समुद्री क्षेत्र में संदिग्ध विस्फोटक मिलने की स्थिति बेहद चुनौतीपूर्ण होती है। ऐसे मामलों में खतरे की पहचान से लेकर उसे सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय करने तक विशेषज्ञ टीमों को बेहद सावधानी के साथ काम करना पड़ता है। इस अभ्यास के जरिए दोनों देशों के विशेषज्ञ ऐसे ही संभावित हालात में एक-दूसरे के साथ मिलकर काम करने की क्षमता विकसित करेंगे। इससे संयुक्त अभियानों के दौरान आपसी तालमेल और प्रतिक्रिया क्षमता को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।

आपसी तालमेल और इंटरऑपरेबिलिटी पर जोर

अभ्यास का उद्देश्य केवल तकनीकी प्रशिक्षण देना नहीं है। इसके जरिए भारतीय और अमेरिकी नौसेना के विशेषज्ञों के बीच आपसी समझ और भरोसा भी बढ़ाया जाएगा। संयुक्त अभ्यास के दौरान दोनों देशों की टीमें एक साथ प्रशिक्षण लेंगी और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में समन्वित तरीके से कार्रवाई करने का अभ्यास करेंगी। इससे वास्तविक समुद्री अभियानों के दौरान दोनों नौसेनाओं की संयुक्त प्रतिक्रिया क्षमता को मजबूत किया जा सकेगा।

2005 से हो रहा है भारत-अमेरिका का संयुक्त अभ्यास

भारतीय नौसेना और अमेरिकी नौसेना वर्ष 2005 से संयुक्त साल्वेज और विस्फोटक आयुध निष्क्रियकरण अभ्यास करती आ रही हैं। इस लंबे सहयोग के तहत दोनों देशों की विशेषज्ञ टीमें समुद्री बचाव और विस्फोटक आयुध निष्क्रियकरण से जुड़े अभियानों में एक-दूसरे के साथ प्रशिक्षण लेती रही हैं।

कोच्चि में होने वाला मौजूदा अभ्यास इस विशेष द्विपक्षीय प्रशिक्षण श्रृंखला का आठवां संस्करण है। इससे पता चलता है कि दोनों नौसेनाएं विशेष समुद्री अभियानों में पेशेवर सहयोग और इंटरऑपरेबिलिटी को लगातार मजबूत करने पर जोर दे रही हैं।

ये भी पढ़ें- 9 अगस्त 1945 को हुए परमाणु हमले की याद में मनाए जाने वाले Nagasaki Day का इतिहास

भारत-अमेरिका रक्षा सहयोग को मिलेगा और बढ़ावा

कोच्चि में होने वाला EOD अभ्यास भारत और अमेरिका के बीच बढ़ते रक्षा सहयोग की एक और महत्वपूर्ण कड़ी है। दोनों देशों की सेनाएं अलग-अलग क्षेत्रों में संयुक्त अभ्यास और प्रशिक्षण के जरिए अपनी आपसी संचालन क्षमता बढ़ा रही हैं। विशेष समुद्री अभियानों में होने वाला यह अभ्यास भी इसी व्यापक रक्षा साझेदारी का हिस्सा है। इसके जरिए दोनों नौसेनाओं के विशेषज्ञ एक-दूसरे के साथ काम करने की प्रक्रियाओं और क्षमताओं को और बेहतर ढंग से समझ सकेंगे।

India us navy eod exercise kochi explosive ordnance disposal 2026

Get Latest   Hindi News ,  Maharashtra News ,  Entertainment News ,  Election News ,  Business News ,  Tech ,  Auto ,  Career and  Religion News  only on Navbharatlive.com

Published On: Aug 09, 2026 | 09:34 PM

Topics:  

  • Defence Sector
  • India
  • India Navy
  • Indian Navy officers

Popular Section

  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • वेब स्टोरीज़

States

  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्यप्रदेश
  • दिल्ली NCR
  • बिहार

Maharashtra Cities

  • मुंबई
  • पुणे
  • नागपुर
  • ठाणे
  • नासिक
  • अकोला
  • वर्धा
  • चंद्रपुर

More

  • वायरल
  • करियर
  • ऑटो
  • टेक
  • धर्म
  • वीडियो

Follow Us On

Contact Us About Us Disclaimer Privacy Policy Terms & Conditions Author
Marathi News Epaper Hindi Epaper Marathi RSS Sitemap

© Copyright Navbharatlive 2026 All rights reserved.