ग्लोबल हेल्थ मीटिंग में भारत ने छोड़ी छाप, प्राइमरी से लेकर टर्शियरी केयर तक का मॉडल दुनिया को दिखाया

India's Contribution in Health Coverage: भारत ने UNGA81 में यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज, हेपेटाइटिस को खत्म करने और सिकल सेल केयर में हुई प्रगति के बारे में बात की। भारत की स्वास्थ्य योजना की जानकारी दी।
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केंद्रीय स्वास्थ्य सचिवसोर्स- (@MoHFW_INDIA)
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Indian Health Infrastructure: न्यूयॉर्क में 81वीं संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान आयोजित दो अहम ग्लोबल हेल्थ कार्यक्रमों में भारत ने सभी के लिए अच्छी और सस्ती हेल्थकेयर सुविधाएं उपलब्ध कराने के अपने संकल्प को दोहराया। साथ ही, भारत ने पब्लिक हेल्थ सिस्टम को मजबूत करने और स्वास्थ्य से जुड़ी अहम चुनौतियों से निपटने के अपने अनुभव भी साझा किए। इस मौके पर केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव पुण्या सलिला श्रीवास्तव ने 'ग्रुप ऑफ फ्रेंड्स ऑफ यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज और ग्लोबल हेल्थ' की सातवीं सालाना मंत्री-स्तरीय बैठक में हिस्सा लिया।

हेल्थकेयर सर्विस की डिलीवरी पर जोर

स्वास्थ्य सचिव ने लोगों को आर्थिक तंगी से बचाते हुए, व्यापक प्राइमरी हेल्थकेयर से लेकर सेकेंडरी और टर्शियरी केयर तक, हेल्थकेयर सर्विस डिलीवरी को मज़बूत करने की भारत की कोशिशों पर जोर दिया। उन्होंने भारत के 1.8 लाख से ज्यादा 'आयुष्मान आरोग्य मंदिरों' के नेटवर्क का जिक्र किया, जो समाज में कई तरह की हेल्थकेयर सेवाएं उपलब्ध कराते हैं। इनमें रिप्रोडक्टिव और चाइल्ड हेल्थ, गैर-संचारी रोगों की स्क्रीनिंग और मैनेजमेंट, मानसिक स्वास्थ्य, बुजुर्गों की देखभाल और पैलिएटिव केयर के साथ-साथ बीमारी से बचाव और इलाज से जुड़ी सेवाएं शामिल हैं।

आयुष्मान भारत की भूमिका पर चर्चा

स्वास्थ्य सचिव ने समाज के कमजोर लोगों के लिए सरकार द्वारा चलाए जाए रहे स्वास्थ्य बीमा योजना 'आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना' की भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने मरीजों पर वित्तीय बोझ कम करने और जरूरी स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच बेहतर बनाने में 'मुफ्त दवा और डायग्नोस्टिक सेवा पहल' और 'प्रधानमंत्री राष्ट्रीय डायलिसिस कार्यक्रम' के महत्व पर भी चर्चा की।

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डिजिटल हेल्थ इकोसिस्टम का जिक्र

भारत के बढ़ते डिजिटल हेल्थ इकोसिस्टम का जिक्र करते हुए, केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने बताया कि 90 करोड़ से ज्यादा नागरिकों के पास अपनी यूनिक हेल्थ आईडी है। स्वास्थ्य सुविधाओं और स्वास्थ्य सेवा पेशेवरों की इंटरऑपरेबल डिजिटल रजिस्ट्री, और ABHA-इनेबल्ड हेल्थ रिकॉर्ड लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच को आसान बनाने में मदद कर रहे हैं। उन्होंने प्राइमरी हेल्थकेयर सर्विस डिलीवरी में क्वालिटी स्टैंडर्ड्स पर लगातार ध्यान दिए जाने की बात पर भी जोर दिया।

UNGA81 में भारत ने यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज, हेपेटाइटिस को खत्म करने और सिकल सेल केयर में हुई प्रगति पर भी चर्चा की। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने जानकारी दी कि 1.8 लाख से ज्यादा आयुष्मान आरोग्य मंदिरों, 90 करोड़ से ज्याददा यूनिक हेल्थ ID और 49.7 करोड़ से ज्यादा टेली-कंसल्टेशन के साथ भारत यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज को आगे बढ़ा रहा है।

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