भारत का जलवा! अब खेत और सड़क से भी उड़ेगा हवाई जहाज, स्वदेशी विमान की विदेशों में भी चर्चा
Indian Aviation Startup: भारत की कंपनी ने एविएशन की दुनिया में वह किया है, जिसके लिए बड़े-बड़े देश वर्षों से माथापच्ची कर रहे हैं। अब हवाई जहाज को उड़ने के लिए लंबे-चौड़े रनवे की जरूरत नहीं होगी।
- Written By: रंजन कुमार
टेस्ट के दौरान उड़ान भरता LAT-One v0.1, इमेज-सोशल मीडिया
India STOL Aircraft: अमूमन किसी भी हवाई जहाज या बड़े ड्रोन को उड़ने के लिए लंबे रनवे की जरूरत होती है, ताकि वह रफ्तार पकड़ सके। मगर, भारतीय स्टार्टअप कंपनी LAT Aerospace ने इस धारणा को बदला है। उनके नए प्रोटोटाइप विमान LAT-One v0.1 ने टेस्ट फ्लाइट के दौरान बहुत कम दूरी तय कर आसमान में उड़ान भर ली। यह उपलब्धि भारत के लिए खास है। दरअसल, कई ऐसे दुर्गम इलाके हैं, जहां लंबे रनवे बनाना मुमकिन नहीं है। यह विमान ऐसी जगहों पर गेम चेंजर साबित होगा।
बता दें, इस विमान का डिजाइन और तकनीक पूरी तरह से भारत में विकसित हुई है। इस सफल टेस्ट के बाद अब भारत उन देशों में शामिल हो गया है, जो शॉर्ट टेकऑफ तकनीक में महारत रखते हैं। यह छोटा-सा विमान भविष्य में भारतीय सेना को गोला-बारूद से रसद पहुंचाने के काम को आसान बना देगा।
क्या होता है अल्ट्रा शॉर्ट टेकऑफ?
अल्ट्रा शॉर्ट टेकऑफ को आसान भाषा में समझें तो यह ऐसी खूबी है, जिससे विमान छोटे से मैदान या कच्ची सड़क से भी उड़ सकता है। जिस जगह आम विमानों को सैकड़ों मीटर का रनवे चाहिए, यह विमान उसके बहुत छोटे हिस्से में उड़ जाता है। LAT-One v0.1 का पंख और इंजन इस तरह बने हैं कि यह बहुत कम रफ्तार में भी हवा में उछलने की ताकत पैदा कर लेता है। वहीं, लद्दाख के पहाड़ों या नॉर्थ ईस्ट के घने जंगलों में जहां बड़ी जगह नहीं होती, वहां यह विमान आसानी से काम कर सकता है।
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LAT Aerospace का सफर
इस विमान का हर हिस्सा और सॉफ्टवेयर भारत में बनाया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक v0.1 प्रोटोटाइप विमान का शुरुआती मॉडल है। इस टेस्ट की सफलता से मिले डेटा का इस्तेमाल अब अगले और बड़े वर्जन को बनाने में किया जाएगा। बता दें, विदेशी तकनीक के मुकाबले यह भारतीय सिस्टम बहुत सस्ता और टिकाऊ है।
Video of Lat One v0.1 test flight. uSTOL achieved. Achievement unlocked 🛫 The plane crashed a bit later, which we knew was going to happen, and our simulations had already suggested so, due to structural defects. However, the main objective of the test flight was to test… pic.twitter.com/vji5oQPC7A — Deepinder Goyal (@deepigoyal) January 4, 2026
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सेना और रसद के लिए खुशखबरी
इस तकनीक के सफल होने से भारतीय सेना को सबसे अधिक फायदा होगा। चीन और पाकिस्तान की सीमा पर जहां ऊंचे पहाड़ हैं, वहां यह छोटी-सी जगह से उड़कर जासूसी कर सकता है। साथ ही युद्ध के समय या आपदा के समय दवाइयां और जरूरी सामान पहुंचाने के लिए यह विमान बेहतरीन साबित होगा। छोटा होने और कम जगह से उड़ने की वजह से दुश्मन के लिए इसे ट्रैक करना मुश्किल होगा।
भविष्य का प्लान?
LAT Aerospace अब बड़े मॉडल्स पर काम कर रही है। भविष्य के वर्जन में यह विमान भारी पेलोड ले जा सकेगा। अभी कोशिश है कि यह विमान बिना किसी पायलट के खुद सबसे सुरक्षित जगह ढूंढकर लैंड और टेकऑफ कर सके। इसका इस्तेमाल भविष्य में शहरों के बीच एयर टैक्सी या सामान की डिलीवरी के लिए भी किया जा सकता है।
