1 अप्रैल से शुरू होगी जनगणना; खुद कर सकेंगे अपनी गिनती, मोबाइल ऐप से होगा दुनिया का सबसे बड़ा सर्वे
Census 2027 Update: केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 2027 की जनगणना के पहले चरण के लिए नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। सीधे शब्दों में कहें तो नियम और टाइमलाइन की घोषणा की है। जनगणना की पूरी ABCD इस स्टोरी में है
- Written By: अभिषेक सिंह
सांकेतिक तस्वीर (AI जनरेटेड)
Census of India: केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 2027 की जनगणना के पहले चरण के लिए नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। सीधे शब्दों में कहें तो नियम और टाइमलाइन की घोषणा की है। घरों की लिस्टिंग और गिनती की प्रक्रिया इस साल 1 अप्रैल से 30 सितंबर के बीच शुरू होगी। इस काम को पूरा करने के लिए हर राज्य और केंद्र शासित प्रदेश को 30 दिन दिए जाएंगे।
आपको बता दें कि इस बार जनगणना में लोगों के पास खुद गिनती करने का ऑप्शन भी होगा, यानी वे अपनी जानकारी खुद भर सकते हैं। यह सुविधा घर-घर सर्वे शुरू होने से 15 दिन पहले उपलब्ध कराई जाएगी। सरकार ने 2020 के पिछले आदेश को रद्द करते हुए नए नियमों के तहत इस काम को हरी झंडी दे दी है।
2021 में क्यों टाली गई थी जनगणना?
जनगणना जो 2021 में होने वाली थी लेकिन COVID-19 महामारी के कारण टाल दी गई थी। जो कि अब फिर से शुरू की जा रही है। यह जनगणना दो चरणों में होगी। पहले चरण में घरों की लिस्टिंग होगी और दूसरे चरण में आबादी की गिनती होगी। गिनती 1 अप्रैल 2026 को शुरू होगी और 28 फरवरी 2027 तक चलेगी।
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कब तक पूरा होगा जनगणना का काम?
पूरे देश के लिए 1 मार्च 2027 की आधी रात को आबादी के अंतिम आंकड़ों के लिए रेफरेंस टाइम माना जाएगा। हालांकि लद्दाख, जम्मू और कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के बर्फीले या दुर्गम इलाकों के लिए नियम और टाइमलाइन में थोड़ा अंतर हो सकता है।
जनगणना के लिए मिला कितना बजट?
पिछले दिसंबर में मोदी सरकार ने इस काम के लिए 11,718 करोड़ रुपये से ज्यादा के बजट को मंज़ूरी दी थी। इस जनगणना में एक बड़ा बदलाव आबादी की गिनती के साथ जाति की जानकारी को शामिल करना होगा। यह दुनिया का सबसे बड़ा प्रशासनिक काम है, जिसे पूरा करने के लिए ज़मीन पर लगभग 3 मिलियन कर्मचारियों की जरूरत होगी। यह भारत की पहली डिजिटल जनगणना होगी, जिसमें पेन और कागज के बजाय मोबाइल ऐप का इस्तेमाल करके घर-घर जाकर जानकारी इकट्ठा की जाएगी।
डेटा निगरानी के लिए बना खास पोर्टल
डेटा की निगरानी के लिए एक खास पोर्टल बनाया गया है, जो सटीकता सुनिश्चित करेगा और गलतियों को कम करेगा। सरकार का कहना है कि डेटा को इस तरह से रखा जाएगा कि किसी भी प्लानिंग के लिए ज़रूरी आंकड़े एक बटन क्लिक करके मिल सकें। CaaS (जनगणना एक सेवा के रूप में) नाम की एक नई सेवा सभी सरकारी मंत्रालयों को साफ और व्यवस्थित डेटा देगी।
कैसा होगा जनगणना का पूरा प्रोसेस?
जनगणना टीम का हर सदस्य आपके घर आएगा और आपसे दो अलग-अलग सेट में सवाल पूछेगा। पहले सेट में आपके घर की सुविधाओं के बारे में पूछा जाएगा। जबकि दूसरे सेट में आपके परिवार के सदस्यों के बारे बारे में जानकारी इकट्ठा की जाएगी। आमतौर पर आपके इलाके के सरकारी स्कूल के टीचर यह काम करेंगे और राज्य सरकार उन्हें उनकी रेगुलर ड्यूटी के अलावा यह जिम्मेदारी देगी।
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कैसे होगी जनगणना की सही निगरानी?
पूरी प्रोसेस को मॉनिटर करने के लिए एक खास पोर्टल CMMS बनाया गया है, जिससे सरकार जनगणना की प्रोग्रेस को रियल टाइम में ट्रैक कर सकेगी। आपको एन्यूमरेटर के आने का इंतज़ार करने की जरूरत नहीं है। आप अपने इलाके में जनगणना शुरू होने से 15 दिन पहले तक जनगणना ऐप या पोर्टल का इस्तेमाल करके खुद जानकारी भर सकते हैं। इस प्रोसेस के डिजिटल होने की वजह से डेटा की पूरी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कड़े कदम उठाए गए हैं।
