शीतकालीन सत्र के पहले ही दिन इंडिया ब्लॉक में दरार, टीएमसी ने बढ़ाई कांग्रेस की टेंशन
INDIA Bloc Rift: संसद के शीतकालीन सत्र की शुरुआत से पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के दफ्तर में इंडिया ब्लॉक की बैठक हुई। इसमें राहुल गांधी और रामगोपाल यादव सहित कई विपक्षी नेता मौजूद रहे।
- Written By: अर्पित शुक्ला
राहुल गांधी, ममता बनर्जी (File Photo)
Parliament Winter Session: संसद का शीतकालीन सत्र शुरू होने से ठीक पहले विपक्षी गठबंधन इंडिया ब्लॉक (INDIA Bloc) में दरार साफ नजर आने लगी है। सोमवार को जब कांग्रेस ने अपने सहयोगियों के साथ साझा रणनीति तैयार करने के लिए बैठक बुलाई, तो तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने बैठक में भाग नहीं लिया। इससे विपक्षी एकता पर सवाल उठने लगे हैं।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के संसद भवन परिसर स्थित कार्यालय में सोमवार सुबह हुई इंडिया ब्लॉक फ्लोर लीडर्स की बैठक में कांग्रेस और अन्य सहयोगी दलों के नेता शामिल हुए। इस बैठक में राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता रामगोपाल यादव भी पहुंचे, लेकिन TMC की गैरहाज़िरी चर्चा का केंद्र बन गई। खबरों के मुताबिक जब कांग्रेस पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में TMC के खिलाफ लड़ने की तैयारी कर रही है, तो “दिल्ली में हर बार उनके साथ मंच साझा करने का क्या मतलब?” इससे यह साफ हुआ कि बंगाल की राजनीतिक लड़ाई अब उनकी राष्ट्रीय रणनीति पर भी असर डाल सकती है।
कांग्रेस का शीतकालीन सत्र पर प्लान
कांग्रेस ने रविवार देर शाम अपनी संसदीय रणनीति समूह की बैठक की, जिसमें तय किया गया कि पार्टी शीतकालीन सत्र में राष्ट्रीय सुरक्षा, दिल्ली में हालिया ब्लास्ट, चुनावी रोल (SIR) और वायु प्रदूषण जैसे अहम मुद्दों पर सरकार को घेरने का प्रयास करेगी। सोनिया गांधी की अध्यक्षता में हुई बैठक में मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी, और पी. चिदंबरम जैसे शीर्ष नेता मौजूद थे। हालांकि, यह रणनीति कितनी प्रभावी होगी, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि विपक्ष एकजुट होकर सरकार को घेरने में सफल हो पाता है या नहीं।
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विपक्ष की एकता की पहली परीक्षा
TMC की बैठक से गैरहाज़िरी विपक्षी एकता के लिए एक बड़ा झटका है। इसका मतलब यह है कि जहां TMC के क्षेत्रीय हित प्रभावित होंगे, वहां वह ‘एकला चलो’ की नीति अपनाने से पीछे नहीं हटेगी। यही कारण है कि विपक्षी एकता की पहली परीक्षा में ही इंडिया ब्लॉक बिखरता नजर आया है।
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सरकार द्वारा पेश किए जाने वाले बिल
इस शीतकालीन सत्र में सरकार 13 बड़े विधेयक पेश करने की योजना बना रही है, जिनमें सेंट्रल एक्साइज अमेंडमेंट बिल 2025 और हेल्थ सिक्योरिटी-नेशनल सिक्योरिटी सेस बिल 2025 प्रमुख हैं। विपक्ष इन बिलों के अलावा SIR, वायु प्रदूषण और राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में है। लेकिन विपक्ष के भीतर चल रही खींचतान से यह स्पष्ट है कि विपक्ष एकजुट होकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने में असमर्थ हो सकता है।
