जिम्मेदार राष्ट्र सूचकांक 2026 के देश। इमेज-एआई
India Ranking in Responsible Nations Index 2026 : आज के दौर में किसी देश की सफलता का पैमाना सिर्फ उसकी ऊंची जीडीपी या घातक मिसाइलें नहीं रह गई हैं। वर्ल्ड इंटेलेक्चुअल फाउंडेशन (WIF) द्वारा जारी जिम्मेदार राष्ट्र सूचकांक 2026 (Responsible Nations Index) ने देशों को देखने का नया और मानवीय नजरिया दुनिया के सामने रखा है। यह रिपोर्ट बताती है कि कौन-सा देश अपने नागरिकों, पर्यावरण और वैश्विक शांति के प्रति कितना ईमानदार है।
यह सूचकांक पारंपरिक पैमानों को दरकिनार कर 154 देशों का मूल्यांकन 4 मुख्य स्तंभों पर करता है। पहला पारदर्शी शासन है। मतलब सरकार कितनी नैतिक और भ्रष्टाचार मुक्त है। दूसरा सामाजिक कल्याण है। यानी नागरिकों की भलाई और समानता के प्रयास। तीसरा पर्यावरण संरक्षण आता है। मतलब प्रकृति को बचाने के लिए उठाए गए कदम। चौथा और अंतिम स्तंभ वैश्विक व्यवहार है। यानी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का आचरण कैसा है।
इस सूचकांक में सबसे सुखद पहलू भारत का प्रदर्शन रहा है। भारत 0.5515 के स्कोर के साथ 154 देशों की सूची में 16वें स्थान पर रहा है। दिलचस्प बात यह है कि भारत ने जिम्मेदारी के मामले में अमेरिका (66वां स्थान) और चीन (68वां स्थान) जैसी महाशक्तियों को काफी पीछे छोड़ दिया है। यह रैंकिंग दर्शाती है कि भारत जन-केंद्रित शासन, स्वास्थ्य और पर्यावरण के क्षेत्र में दुनिया के लिए एक मिसाल बन रहा है। वहीं, पड़ोसी देश पाकिस्तान 90वें और रूस 96वें स्थान पर रहे हैं।
| रैंक | देश | स्कोर |
| 1 | सिंगापुर | 0.6194 |
| 2 | स्विट्जरलैंड | 0.5869 |
| 3 | डेनमार्क | 0.5837 |
| 4 | साइप्रस | 0.5774 |
| 5 | स्वीडन | 0.5740 |
| 6 | चेकिया | 0.5704 |
| 7 | बेल्जियम | 0.5690 |
| 8 | ऑस्ट्रिया | 0.5665 |
| 9 | आयरलैंड | 0.5634 |
| 10 | जॉर्जिया | 0.5581 |
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सिंगापुर लिस्ट में शीर्ष पर रहकर दुनिया का सबसे जिम्मेदार राष्ट्र बना है। यह सूचकांक स्पष्ट संदेश देता है कि भविष्य उन्हीं देशों का है जो केवल आर्थिक लाभ के पीछे नहीं भागते, बल्कि न्याय, करुणा और दीर्घकालिक सोच को प्राथमिकता देते हैं। भारत का 16वां स्थान वैश्विक मंच पर उसकी बढ़ती साख और सकारात्मक नेतृत्व का प्रमाण है।
भारत का 16वां स्थान केवल एक नंबर नहीं, बल्कि बदलती वैश्विक व्यवस्था का संकेत है। जहां अमीर देश अक्सर संसाधनों के दोहन और सैन्य प्रभुत्व में उलझे रहते हैं, वहीं भारत ने वसुधैव कुटुंबकम के सिद्धांत को अपनी नीतियों में उतारा है। सौर ऊर्जा क्षेत्र में निवेश, डिजिटल इंडिया के जरिए पारदर्शिता और वैश्विक संकटों के समय दूसरे देशों की मदद ने भारत को एक जिम्मेदार नेतृत्व के रूप में स्थापित किया है। अमेरिका और चीन की निचली रैंकिंग यह चेतावनी देती है कि केवल आर्थिक शक्ति होना ही काफी नहीं है। आप पर्यावरण और सामाजिक न्याय की अनदेखी करते हैं तो आपका विकास खोखला माना जाएगा। यह सूचकांक उन देशों को आईना दिखाता है जो युद्ध और विस्तारवाद की नीति पर चलते हैं।