- Hindi News »
- India »
- If There Are No Marks On The Body There Was No Rape Cji Gavai Called The Sc Verdict In The 1979 Rape Case Embarrassing
शरीर पर निशान नहीं, तो रेप नहीं हुआ, 1979 रेप केस में SC के फैसले को CJI गवई ने कहा ‘शर्मिंदगी भरा’
CJI Gavai Latest Statement: सीजेआई भूषण गवई ने 1979 के रेप केस पर टिप्पणी करते हुए इसे न्यायपालिका के इतिहास का 'संस्थागत शर्मिंदगी' वाला पल बताया, जिससे महिला अधिकारों के आंदोलन को गति मिली।
- Written By: प्रतीक पाण्डेय

चीफ जस्टिस गवई (फोटो- सोशल मीडिया)
1979 Rape Case: देश के मुख्य न्यायाधीश (CJI) भूषण रामकृष्ण गवई ने एक संवेदनशील मुद्दे पर बयान देते हुए कहा है कि 1979 के एक रेप केस में सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिया गया फैसला भारतीय न्यायपालिका के इतिहास में “संस्थागत शर्मिंदगी” का क्षण था। उन्होंने स्वीकार किया कि उस निर्णय से देश के नागरिकों, खासकर महिलाओं को गहरा निराशा का अनुभव हुआ था।
मुख्य न्यायाधीश भूषण रामकृष्ण गवई ने एक लेक्चर के दौरान यह टिप्पणी की। वह उस समय “जेंडर इक्वेलिटी और समावेशी भारत के निर्माण में कानून की भूमिका” विषय पर बोल रहे थे। CJI गवई ने कहा कि 1979 का यह फैसला भारतीय न्यायपालिका के लिए गहरे आत्ममंथन का विषय है। उन्होंने कहा, “यह न्यायपालिका के इतिहास का वह पल था जब सिस्टम उसी की गरिमा की रक्षा करने में असफल रहा, जिसकी रक्षा करना उसका कर्तव्य था।” उन्होंने स्वीकार किया कि यह फैसला न सिर्फ एक पीड़िता के प्रति न्याय की असफलता थी, बल्कि इसने न्याय प्रणाली की संवेदनशीलता और सीमाओं को भी उजागर किया था।
क्या था 1979 का विवादित मामला?
साल 1979 में सुप्रीम कोर्ट के सामने एक बेहद गंभीर मामला आया था। यह मामला एक आदिवासी लड़की के साथ थाने में पुलिसकर्मियों द्वारा दुष्कर्म के आरोप से जुड़ा था। मामले में निचली अदालतों ने आरोपियों को दोषी पाया था, लेकिन सर्वोच्च न्यायालय ने अपने फैसले में पुलिसकर्मियों को बरी कर दिया था।
सम्बंधित ख़बरें
33 से बढ़ाकर 37 हो जाएगी सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या, राष्ट्रपति मुर्मु ने दी मंजूरी
जब तक परिभाषा तय नहीं, एक इंच जमीन पर भी नहीं होगा खनन, अरावली मामले पर चला सुप्रीम कोर्ट का हथौड़ा
शिवसेना विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में तीखी बहस, CJI सूर्यकांत ने ठाकरे गुट को क्यों लगाई फटकार? जानें पूरा मामला
कुलदीप सिंह सेंगर को SC से बड़ा झटका, हाईकोर्ट का सजा निलंबन का फैसला रद्द; अब जेल में ही कटेंगे दिन
‘चोट नहीं, तो सहमति’ का तर्क
सुप्रीम कोर्ट ने उस समय अपने फैसले में कहा था कि चूंकि लड़की के शरीर पर कोई चोट या प्रतिरोध के निशान नहीं मिले, इसलिए यह माना जा सकता है कि संबंध उसकी “सहमति से” बनाए गए थे। कोर्ट ने यह भी कहा कि यह “सहमति से संबंध” का मामला प्रतीत होता है, न कि जबरन यौन शोषण का। यह फैसला देशभर में आक्रोश का कारण बना। महिलाओं के अधिकारों के लिए काम करने वाले संगठनों और मानवाधिकार समूहों ने इस निर्णय को “न्याय की आत्मा पर प्रहार” बताया था।
फैसले के बाद बदली कानून की दिशा
सीजेआई गवई ने बताया कि इस निर्णय ने कानूनी प्रणाली की कमियों को उजागर किया और देश में महिला अधिकारों के आंदोलन को नई दिशा दी। इस फैसले के बाद देश में “सहमति” की कानूनी परिभाषा पर गंभीर बहस शुरू हुई। इस घटना के बाद ही क्रिमिनल लॉ अमेंडमेंट (संशोधन) एक्ट 1983 लाया गया।
इस संशोधन में कस्टोडियल रेप के मामलों में सबूत और सहमति के नियमों को सख्त बनाया गया। अदालतों को निर्देश दिए गए कि पुलिस हिरासत या अधिकार की स्थिति में पीड़िता की “सहमति” को वैध नहीं माना जाएगा।
यह भी पढ़ें: ‘वंदे मातरम’ न गाने वाले भारतीय नहीं, डॉक्टर बनकर और खतरनाक हुए आतंकी, CM सरमा का बड़ा बयान
महिला आंदोलन के लिए ‘टर्निंग पॉइंट’
सीजेआई गवई ने इस फैसले को देश में महिला अधिकारों की लड़ाई का “टर्निंग पॉइंट” बताया। उन्होंने कहा कि इस घटना के बाद महिलाओं ने बड़ी संख्या में आवाज उठाई, जिससे भारत में आधुनिक महिला अधिकार आंदोलन ने गति पकड़ी। उनका मानना है कि इस आंदोलन की वजह से आने वाले दशकों में न सिर्फ कानून बदले, बल्कि न्यायपालिका का दृष्टिकोण भी बदलने लगा।
If there are no marks on the body there was no rape cji gavai called the sc verdict in the 1979 rape case embarrassing
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
लेटेस्ट न्यूज़
हार्ट अटैक या कुछ और? अमरावती की बेटी की संदिग्ध मौत, पोस्टमार्टम के लिए कब्र से निकाला गया शव
May 18, 2026 | 09:29 AMसोलापुर में किसानों का रास्ता रोको आंदोलन, राजू शेट्टी के नेतृत्व में हाईवे परियोजना का विरोध
May 18, 2026 | 09:23 AMMP सरकार के ढाई साल पूरे होने से पहले मंत्रियों की क्लास, CM मोहन यादव ने लिया वन-टू-वन फीडबैक
May 18, 2026 | 09:21 AMअमरावती केस: झूठा नाम बताकर नाबालिग से दुष्कर्म का आरोप, परतवाड़ा पुलिस का एक्शन; पोक्सो के तहत केस दर्ज
May 18, 2026 | 09:15 AMमैक्सिको में बेखौफ बदमाशों का कहर, ताबड़तोड़ गोलीबारी में बच्चे समेत 10 की मौत; दहशत में घर छोड़ भाग रहे लोग
May 18, 2026 | 09:12 AMपिंपरी-चिंचवड़ में 60 करोड़ का कथित उपसूचना घोटाला, कार्रवाई नहीं होने पर उठे सवाल
May 18, 2026 | 09:10 AMPCC चीफ जीतू पटवारी ने शिवराज और CM मोहन यादव को लिखा पत्र, MSP को कानूनी गारंटी देने की मांग
May 18, 2026 | 09:08 AMवीडियो गैलरी

लखनऊ में भारी बवाल, वकीलों के अवैध चैंबरों पर गरजा प्रशासन का बुलडोजर, पुलिस ने की लाठीचार्ज, देखें VIDEO
May 17, 2026 | 01:25 PM
शिक्षामंत्री फुंकवाते हैं और स्वास्थ्य मंत्री…बिहार सरकार पर तेजस्वी का तंज, बोले- सरकार ने जनता को ठगा
May 17, 2026 | 01:09 PM
आग का गोला बनी राजधनी एक्सप्रेस! थर्ड AC और SLR कोच जलकर खाक, देखें कैसे बची 68 यात्रियों की जान- VIDEO
May 17, 2026 | 12:54 PM
मेरे लिए बेहद लकी है गोवा…अरविंद केजरीवाल ने बताया कैसे गोवा पहुंचते ही पलट गई शराब घोटाले की बाजी! VIDEO
May 17, 2026 | 12:17 PM
16 मई को ठप हो जाएगी दिल्ली-मुंबई? डिलीवरी बॉय और कैब ड्राइवरों का फूटा गुस्सा, देशव्यापी बंद का ऐलान
May 16, 2026 | 01:25 PM
उनकी पूरी जिंदगी अदालतों के…ममता बनर्जी पर भाजपा नेता का तीखे वार, बोले- चुनावी हिंसा की पुरानी परंपरा बदली
May 16, 2026 | 01:06 PM














