किसी की मृत्यु हो जाए तो तुलसी में जल दिया जा सकता है
Tulsi Puja Niyam: हिंदू धर्म में पूजा-पाठ का बड़ा महत्व होता हैं। इस दौरान साफ -सफाई पर विशेष ध्यान भी रखा जाता है। मान्यता है कि जब घर पर किसी की मृत्यु होती है तो परिवार के सभी लोग शुभ कार्यों में हिस्सा नहीं ले सकते और ना ही पूजा-पाठ कर सकते हैं।
ऐसे में लोगों के मन में यह प्रश्न रहता है कि क्या घर पर किसी की मृत्यु हो जाए तो तुलसी में जल दिया जा सकता है या नहीं आइए जानते है इस बारे में क्या कहते है ज्योतिषी –
ज्योतिषी बताते हैं कि, मृतक के मुख में गंगाजल के साथ तुलसी पत्ता रखने का विधान है। मान्यता है कि इससे मृतक की आत्मा को स्वर्ग में स्थान प्राप्त होता है। तुलसी और गंगाजल इतने पवित्र होते हैं कि ये कभी बासी या अशुद्ध भी नहीं होते है।
परिवार में किसी की मृत्यु हो जाने पर तुलसी पूजन नहीं करना चाहिए। लेकिन तुलसी में जल चढ़ाया जा सकता है, इसमें कोई दोष नहीं है। क्योंकि तुलसी जन्म से लेकर मृत्यु तक प्रयोग होने वाला पौधा है।
जिस तरह शिशु के जन्म के पश्चात घरवालों को सूतक लगता है, उसी तरह घर पर किसी परिजन की मृत्यु हो जाने पर पूरे 13 दिनों तक पातक होता है। इस अवधि में धर्म-कर्म जैसे कार्य करना वर्जित होता है। साथ ही इस दौरान किसी बाहरी व्यक्ति के घर आना-जाना या किसी समारोह में शामिल होना भी वर्जित होता है।
पातक की अवधि 10,15, 20 से लेकर 30 दिनों की होती है। ऐसे में इतने दिनों तक तुलसी में जल नहीं दिया गया तो इससे तुलसी का पौधा सूख सकता है।
हिन्दू शास्त्र के अनुसार, तुलसी में स्नान के बाद जल देना बहुत लाभकारी होता है। अगर आपके घर में तुलसी है तो उसमें रोजाना जल चढ़ाना चाहिए। लेकिन रविवार, एकादशी के दिन तुलसी में जल अर्पित नहीं करना चाहिए।
एकादशी के दिन तुलसी माता का निर्जला उपवास रहता है और जल चढ़ाने से उनका व्रत भंग हो सकता है। एकादशी के दिन तुलसी में जल चढ़ाने से जीवन में कई समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। इसलिए इन दिनों तुलसी में जल चढ़ाने से बचना चाहिए।