साइबर ठगी का भंडाफोड़, हैदराबाद पुलिस ने 52 साइबर अपराधी, 32 बैंक अफसरों को किया गिरफ्तार
Hyderabad News: हैदराबाद सिटी पुलिस ने देशभर में फैले साइबर ठगी नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए 9 राज्यों से 52 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी में 32 बैंक अधिकारी भी शामिल हैं।
- Written By: अमन मौर्या
हैदराबाद पुलिस (सोर्स-आएएनएस)
Hyderabad Police Operation Octopus 2.0: हैदराबाद सिटी पुलिस ने देश में चल रहे बड़े साइबर ठगी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। कार्रवाई में पुलिस देशभर में फैले साइबर ठगी नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए 9 राज्यों से 52 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी में 32 बैंक अधिकारी भी शामिल हैं। कार्रवाई पर जानकारी देते हुए पुलिस आयुक्त वीसी सज्जनार ने रविवार को बताया कि यह कार्रवाई ऑपरेशन ऑक्टोपस 2.0 के तहत की गई है।
उन्होंने जानकारी देते हुए आगे बताया कि यह अभियान अनुभवी जांचकर्ताओं की 16 विशेष टीमों ने 7 दिनों तक 9 राज्यों में एक साथ चलाया। इस दौरान देशभर से 52 लोगों को गिरफ्तार किया गया। इसमें 32 बैंक अधिकारी शामिल हैं। जोकि ठगी में अहम भूमिका निभा रहे थे।
32 बैंक अधिकारी भी शामिल
पुलिस अधिकारी ने बताया कि गिरफ्तार बैंक अधिकारियों में तमाम बैंकों से जुड़े अधिकारी भी शामिल हैं। पुलिस ने 15 ऐसे खाताधारकों को भी गिरफ्तार किया है, जिन्होंने जानबूझकर अपने बैंक खातों का इस्तेमाल अवैध पैसे के लेन-देन में किया था। कार्रवाई में 5 ऐसे बिचौलियों को भी पकड़ा गया है, जो इन खातों की व्यवस्था करते थे और पैसों को मुख्य आरोपियों तक पहुंचाने में मदद करते थे। छापेमारी के दौरान 26 मोबाइल फोन, 14 चेक बुक, 2 पेन ड्राइव, 1 लैपटॉप और 21 शेल कंपनियों की मुहरें बरामद की गई।
सम्बंधित ख़बरें
पुणे में फर्जी निवेश ऐप का जाल, शेयर मार्केट और डिजिटल गोल्ड में बड़ी ठगी; 88 लाख रुपये का साइबर फ्रॉड
दिल्ली और बिहार के बाद… हैदराबाद में आग का तांडव, अमीरपेट में धू-धू कर जली तीन मंजिला इमारत; मची अफरा-तफरी
संभाजीनगर: व्हॉट्सएप ग्रुप से शुरू हुआ खेल, दोगुने मुनाफे के झांसे में व्यवसायी महिला से 4.52 करोड़ की ठगी
WhatsApp पर आएगा नया Scam Alert फीचर, अनजान नंबर से आया फर्जी मैसेज तो पहले ही मिल जाएगी चेतावनी
150 करोड़ रुपए का लेनदेन
पुलिस आयुक्त ने बताया कि हाल के दिनों में निवेश घोटाले, ट्रेडिंग फ्रॉड और डिजिटल अरेस्ट जैसे साइबर अपराध तेजी से बढ़े हैं, जिनमें ठग लोगों को डराकर और बहलाकर बड़ी रकम ठग लेते हैं। इसी को देखते हुए पहले ऑपरेशन ऑक्टोपस-1 चलाया गया था। कार्रवाई में 16 राज्यों में 32 टीमों ने कार्रवाई कर 117 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। उस दौरान 350 बैंक खातों का खुलासा हुआ था। ये देशभर के करीब 850 मामलों से जुड़े थे और इनमें लगभग 150 करोड़ रुपए का लेन-देन हुआ था।
ये भी पढ़ें- तमिलनाडु के कट्टानारपट्टी में पटाखा फैक्ट्री में बड़ा धमाका,16 लोगों की मौत, कई लोगों के झुलसने की आशंका
बैंक अधिकारियों की भूमिका पर फोकस
अब ‘ऑपरेशन ऑक्टोपस 2.0’ में खास तौर पर बैंक अधिकारियों की भूमिका पर फोकस किया गया, जो फर्जी खातों खोलने में शामिल पाए गए। यह अभियान महाराष्ट्र, दिल्ली, राजस्थान, पश्चिम बंगाल, कर्नाटक, गुजरात, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और बिहार में चलाया गया। पुलिस ने यह भी पाया कि निजी बैंकिंग सेक्टर में ऐसे फर्जी खाते ज्यादा खोले जा रहे हैं, जो केवाईसी प्रक्रिया में लापरवाही की वजह से संभव हो रहा है। कई मामलों में ग्राहकों की सही जांच किए बिना ही खाते खोल दिए गए, जिनका इस्तेमाल बाद में साइबर ठगी में किया गया।
एजेंसी इनपुट के साथ…
