नागपुर साइबर ठगी, ऑनलाइन निवेश, सांकेतिक फोटो (सोर्स: एआई फोटो) 
नागपुर

नागपुर जिला परिषद में बड़ा साइबर फ्रॉड: ऑनलाइन निवेश के नाम पर दर्जनों कर्मचारी ठगी के शिकार, लाखों का चूना

Online Investment Fraud: नागपुर जिला परिषद के कई कर्मचारी ऑनलाइन निवेश में दोगुना मुनाफे के झांसे मे आकर साइबर ठगी का शिकार हो गए। शुरुआती रिटर्न के बाद भुगतान बंद होने पर लाखों रुपये की ठगी का खुलासा

अंकिता पटेल

Nagpur Online Investment Fraud: नागपुर सहित पूरे महाराष्ट्र में कम समय में निवेश की राशि दोगुनी या कई गुना बढ़ाने का लालच देकर ऑनलाइन निवेश के नाम पर साइबर ठगी की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। इसी प्रकार नागपुर जिला परिषद के कई कर्मचारी भी एक ऑनलाइन निवेश योजना के झांसे में आ गए और उनसे लाखों रुपये की ठगी किए जाने का मामला सामने आया है।

यह दावा कास्ट्राइब जिला परिषद कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष सोहन चवरे ने प्रभावित कर्मचारियों की ओर से किया। मत्स्य पालन (फिशरीज) क्षेत्र में ऑनलाइन निवेश करने पर कम समय में दोगुना लाभ मिलने का लालच दिया गया।

इस प्रलोभन में आकर जिला परिषद के अनेक कर्मचारियों ने संबंधित योजना में बड़ी राशि निवेश कर दी। शुरुआत में कुछ निवेशकों को लाभ मिलने से उनका विश्वास बढ़ गया लेकिन कुछ समय बाद निवेश पर मिलने वाला रिटर्न पूरी तरह बंद हो गया और योजना संचालित करने वाले लोगों ने संपर्क भी समाप्त कर दिया। इसके बाद कर्मचारियों को ठगी का एहसास हुआ।

बदनामी के डर से पुलिस में नहीं की शिकायत

ठगी का शिकार हुए कर्मचारियों ने अपनी मूल राशि वापस पाने के लिए विभिन्न स्तरों पर प्रयास किए, लेकिन उन्हें कोई सफलता नहीं मिली। इसके बाद कुछ पीड़ित कर्मचारियों ने अपनी आपबीती कास्ट्राइब जिला परिषद कर्मचारी संघ के समक्ष रखी।

संघ ने सभी प्रभावित कर्मचारियों को उपलब्ध साक्ष्यों के साथ साइबर अपराध शाखा अथवा आर्थिक अपराध शाखा में शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी। हालांकि बदनामी के डर और संकोच के कारण अभी तक कई कर्मचारियों ने आधिकारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई।

करोड़ों की ठगी, आरोपी का चला पता

इस बीच नागपुर में फार्च्यून फिशरीज, विजन फिशरीज और फाच्यून एक्वा जैसी निवेश योजनाओं में पैसा लगाने वाले निवेशकों से लगभग 1।14 करोड़ रुपये की ठगी के मामले में धंतोली निवासी व्यवसायी राजेश ताराचंद बनसोड का नाम सामने आया है।

इस प्रकरण में अग्रिम जमानत के लिए जमा की गई 62 लाख रुपये की राशि सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार जब्त किए जाने की जानकारी मिली है। सोहन चवरे ने बताया कि जिला परिषद कर्मचारियों के साथ हुई ठगी का तरीका भी इसी मामले से काफी मिलता-जुलता प्रतीत होता है।

राजस्थान के लाल का जापान में डंका! IIT से PhD के बाद टोक्यो में असिस्टेंट प्रोफेसर बने जतिन नामा

UPI चार्ज पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, तत्काल रोक से इनकार, केंद्र-NPCI को नोटिस

Bhagat Singh: मैं नास्तिक क्यों हूं, भगत सिंह ने जेल में लिखा लेख, जो आज भी युवाओं को करता हैं प्रेरित

चुनाव आयोग पर आरोप के बीच CWC की बैठक, मल्लिकार्जुन खरगे का CEC पर बीजेपी की विचारधारा को बढ़ाने का आरोप

बृजभूषण सिंह की बढ़ीं मुश्किलें! बरी किए जाने के खिलाफ कोर्ट पहुंचीं महिला पहलवान, 9 अक्टूबर को अगली सुनवाई