

Maharashtra AI Power Management: महाराष्ट्र में बिजली की बढ़ती मांग और भविष्य की ऊर्जा चुनौतियों से निपटने के लिए राज्य सरकार ने अब आधुनिक तकनीक का सहारा लेने का निर्णय लिया है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने स्पष्ट किया है कि राज्य में बिजली उत्पादन और उसकी निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए Artificial Intelligence (AI) का उपयोग किया जाएगा।
सह्याद्री राज्य अतिथि गृह में आयोजित एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने ऊर्जा विभाग को निर्देश दिए कि प्रबंधन, रखरखाव और मरम्मत जैसे जटिल कार्यों में AI तकनीक को शामिल किया जाए, ताकि मानवीय त्रुटियों को कम किया जा सके और तंत्र को अधिक कुशल बनाया जा सके।
गर्मियों के दौरान बिजली की रिकॉर्ड मांग को देखते हुए सरकार ने टाटा पावर, अदाणी पावर और बेस्ट जैसी एजेंसियों के साथ मिलकर एक व्यापक कार्ययोजना तैयार की है। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने बताया कि बिजली उत्पादन के लिए कोयले और पानी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित कर ली गई है।
मानसून पूर्व रखरखाव का कार्य भी युद्धस्तर पर जारी है। आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए सरकार ने 'कोयना हाइड्रोइलेट्रिक प्रोजेक्ट' से 1800 मेगावाट तक बिजली प्राप्त करने और जरूरत पड़ने पर बाहरी स्रोतों से अतिरिक्त बिजली खरीदने की तैयारी कर ली है।
साथ ही, मुंबई आइलैडिंग योजना और राज्य लोड डिस्पैच केंद्र (एसएलडीसी) के बैकअप सिस्टम को भी मजबूत किया गया है ताकि ग्रिड फेल होने जैसी स्थिति में भी बड़े स्तर पर बिजली कटौती से बचा जा सके, ऊर्जा सुरक्षा के साथ-साथ राज्य सरकार ने पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने की दिशा में भी एक बड़ा कदम उठाया है।
महाराष्ट्र सरकार की रणनीतिक सलाहकार संस्था 'मित्रा' (एमआईटीआरए) और 'अर्थ डे नेटवर्क इंडिया' के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता हुआ है। इस करार के तहत पृथ्वी दिवस 2026 के अवसर पर राज्य भर में 56 लाख पौधे लगाने का संकल्प लिया गया है। यह अभियान महाराष्ट्र शासन के 'ग्रीनिंग महाराष्ट्र' मिशन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसके तहत कुल 300 करोड़ वृक्षारोपण का लक्ष्य रखा गया है।