- Hindi News »
- India »
- How Yashwant Verma May Escape Impeachment Cji Sanjiv Khanna Hint
महाभियोग को कैसे मात देंगे यशवंत वर्मा? बचने का सिर्फ एक रास्ता बाकी, पूर्व CJI संजीव खन्ना ने दिया था ‘हिंट’
माना जा रहा है कि संसद के मानसून सत्र में जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाया जा सकता है। जिससे बचने के जस्टिस वर्मा के पास एक मात्र विकल्प शेष बचा है।
- Written By: अभिषेक सिंह

जस्टिश यशवंत वर्मा (डिजाइन फोटो)
नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने संसद में जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाकर उन्हें हटाने के लिए राजनीतिक दलों से चर्चा शुरू कर दी है। यह भी कहा जा रहा है कि संसद के मानसून सत्र में सदन में जस्टिस वर्मा के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाया जाना लगभग तय है।
अब जस्टिस वर्मा के पास महाभियोग से बचने के लिए एक ही विकल्प है। अगर वह प्रस्ताव लाए जाने से पहले इस्तीफा दे देते हैं तो वह महाभियोग से बच सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के जजों की नियुक्ति और हटाने से वाकिफ लोगों का कहना है कि संसद में अपना बचाव करने से बचने के लिए वह मौखिक रूप से अपने इस्तीफे की घोषणा कर सकते हैं।
‘महाभियोग प्रस्ताव लाना पहला उद्देश्य’
केंद्रीय मंत्री रिजिजू ने कहा कि प्राथमिक उद्देश्य महाभियोग प्रस्ताव लाना है। उन्होंने उम्मीद जताई कि 21 जुलाई से शुरू होकर 12 अगस्त तक चलने वाले मानसून सत्र में दोनों सदनों में निष्कासन की कार्यवाही पारित हो जाएगी।
सम्बंधित ख़बरें
शादी से पहले शारीरिक संबंध पर ‘सुप्रीम’ चेतावनी, केस करने वाली महिला को दिखाया आईना, जानिए SC ने क्या कहा?
गाड़ी बिकने के बाद हुआ एक्सीडेंट…फिर भी रजिस्टर्ड ओनर ही देगा हर्जाना, इलाहाबाद हाई कोर्ट का बड़ा फैसला
‘हमारी चुप्पी को कमजोरी न समझें’, BCI अध्यक्ष ने CJI को दी खुली चेतावनी, बार और बेंच में क्यों छिड़ी नई जंग?
‘योगी जब-जब डरता है…’, अनुज चौधरी पर FIR का फरमान सुनाने वाले जज का तबादला, संभल में वकीलों ने काट दिया बवाल
महाभियोग से हटे तो होगा नुकसान
अगर वह खुद इस्तीफा देते हैं तो उन्हें रिटायर्ड हाई कोर्ट जज की तरह पेंशन और अन्य सुविधाएं मिलती रहेंगी। हालांकि, अगर संसद में महाभियोग प्रस्ताव लाकर उन्हें हटाना पड़ा तो उन्हें पेंशन भी नहीं मिलेगी। संविधान के अनुच्छेद 217 के अनुसार हाई कोर्ट का जज राष्ट्रपति को पत्र लिखकर अपने पद से इस्तीफा दे सकता है। इस्तीफा देने के लिए जज का पत्र ही काफी होता है। इसके लिए किसी की मंजूरी की जरूरत नहीं होती।
अगर कोई जज अपने पत्र में इस्तीफे की तारीख का जिक्र करता है तो उसे उस तारीख से पहले अपना इस्तीफा वापस लेने का अधिकार है। जस्टिस संजीव खन्ना ने सीजेआई रहते हुए जस्टिस वर्मा को हटाने के लिए प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति को पत्र लिखा था।
क्या कहता है जज इन्क्वायरी एक्ट?
जज इन्क्वायरी एक्ट 1968 के अनुसार अगर किसी जज को हटाने का प्रस्ताव सदन में स्वीकार हो जाता है तो स्पीकर या सदन के चेयरमैन तीन सदस्यीय कमेटी बनाकर जांच भी कर सकते हैं कि उन्हें किस आधार पर हटाया गया है। इस कमेटी में सीजेआई और 25 हाईकोर्ट में से किसी एक के चीफ जस्टिस शामिल होते हैं।
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बुधवार को जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाने में सभी राजनीतिक दलों को साथ लेने के सरकार के संकल्प को रेखांकित किया और कहा कि न्यायपालिका में भ्रष्टाचार को ‘राजनीतिक चश्मे’ से नहीं देखा जा सकता।
जस्टिस यशवंत वर्मा पर क्या हैं आरोप
न्यायमूर्ति वर्मा के राष्ट्रीय राजधानी स्थित आवास में मार्च में आग लग गई थी, जब वे दिल्ली उच्च न्यायालय में न्यायाधीश थे, जिसके कारण उनके घर के एक हिस्से में नकदी से भरी जली हुई बोरियां मिलीं। न्यायाधीश ने नकदी के बारे में अनभिज्ञता का दावा किया, लेकिन सर्वोच्च न्यायालय द्वारा नियुक्त समिति ने कई गवाहों से बात करने और उनके बयान दर्ज करने के बाद उन्हें दोषी ठहराया।
पूर्व CJI संजीव खन्ना ने दिया था हिंट
माना जाता है कि तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश खन्ना ने उन्हें इस्तीफा देने का संकेत दिया था, लेकिन न्यायमूर्ति वर्मा अपने रुख पर अड़े रहे। अदालत ने तब से उन्हें उनके मूल कैडर, इलाहाबाद उच्च न्यायालय में स्थानांतरित कर दिया है, जहां उन्हें कोई न्यायिक कार्य नहीं सौंपा गया है। न्यायमूर्ति खन्ना ने राष्ट्रपति और प्रधान मंत्री को महाभियोग प्रस्ताव की सिफारिश करते हुए पत्र लिखा था।
How yashwant verma may escape impeachment cji sanjiv khanna hint
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
Topics:
लेटेस्ट न्यूज़
क्या आप भी फेंक देते हैं संतरे के छिलके? बाथरूम में बड़े काम आएगी ये बेकार चीज, इस तरह करें इस्तेमाल
Feb 17, 2026 | 09:45 AMBMC में आरटीई 25% प्रवेश प्रक्रिया शुरू, 2026-27 के लिए ऑनलाइन आवेदन आज से
Feb 17, 2026 | 09:44 AMअमित साटम ने उठाया मुद्दा, स्कूल खरीद में पारदर्शिता के लिए GeM पोर्टल लागू करने की मांग
Feb 17, 2026 | 09:36 AMEpstein Files विवाद पर डोनाल्ड ट्रंप की सफाई: कहा- मेरा उनसे कोई लेना-देना नहीं, मैं बेगुनाह हूं
Feb 17, 2026 | 09:34 AMरूस-खाड़ी तक पहुंचेगा जलगांव का केला? नई योजना से उम्मीद, किसानों को मिलेगी राहत
Feb 17, 2026 | 09:33 AMरोहतक में अस्पताल के बाहर युवक पर बरसाईं दो दर्जन गोलियां, बाबा गैंग और हिमांशु भाऊ में खूनी जंग
Feb 17, 2026 | 09:32 AMराकां (अजित पवार) की राष्ट्रीय कार्यकारिणी 26 फरवरी को, सुनेत्रा पवार बन सकती हैं राष्ट्रीय अध्यक्ष
Feb 17, 2026 | 09:27 AMवीडियो गैलरी

इंसानियत शर्मसार! UGC विवाद में छात्राओं को रेप और मर्डर की धमकी, थाने में भी सुरक्षित नहीं बेटियां- VIDEO
Feb 16, 2026 | 10:05 PM
प्रशासन की लापरवाही ने ली मासूम की जान, नागपुर में खुले नाले में गिरा 3 साल का बच्चा; 24 घंटे बाद मिली लाश
Feb 16, 2026 | 09:59 PM
UP विधानसभा में गूंजी युवाओं की आवाज, सपा विधायक ने खोली भर्तियों की पोल; आरक्षण में धांधली का लगाया आरोप
Feb 16, 2026 | 09:51 PM
बिहार विधानसभा में ‘बेचारा’ शब्द पर घमासान! राजद विधायक के बयान ने रामविलास पासवान के अपमान पर छेड़ी नई जंग
Feb 16, 2026 | 09:45 PM
हेल्थ इंश्योरेंस या धोखा? मां के इलाज के लिए दर-दर भटका बेटा, प्रीमियम के बाद भी कंपनी का क्लेम देने से इंकार
Feb 16, 2026 | 09:41 PM
ATM जाने के बहाने निकलीं और बन गईं हिंदू परिवार की बहू! छतरपुर में दो चचेरी बहनों के अंतरधार्मिक विवाह पर बवाल
Feb 16, 2026 | 09:19 PM














