अमित शाह का आज से अंडमान-निकोबार दौरा, यहां देखें कार्यक्रम का पूरा शेड्यूल

Andaman Nicobar News: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह दो जनवरी से अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के दौरे पर रहेंगे। वे संसदीय सलाहकार समिति की बैठक की अध्यक्षता करेंगे।
Amit Shah Andaman Visit on january 2
अमित शाह (Image- Social Media)
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Amit Shah Andaman Visit: केंद्र सरकार की नीतियों और आंतरिक सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह दो जनवरी को अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के दौरे पर जाएंगे। इस यात्रा को प्रशासनिक और रणनीतिक दोनों ही दृष्टि से अहम माना जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, गृह मंत्री दो जनवरी को अंडमान पहुंचेंगे और यहां कई प्रमुख कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। उनका यह दौरा मुख्य रूप से संसदीय सलाहकार समिति की बैठक और कानूनी सुधारों से जुड़े आयोजनों पर केंद्रित रहेगा।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह दो जनवरी को श्री विजयापुरम पहुंचेंगे। एयरपोर्ट पर उनका स्वागत उपराज्यपाल डीके जोशी करेंगे। उनके आगमन को लेकर प्रशासन ने सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं। इसके बाद तीन जनवरी को गृह मंत्री गृह मंत्रालय की संसदीय सलाहकार समिति की बैठक की अध्यक्षता करेंगे। यह बैठक वांडूर में आयोजित होगी, जिसमें गृह मंत्रालय से जुड़े अहम मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।

कानूनी सुधारों पर कार्यक्रम

इसी दिन गृह मंत्री डॉ. बी. आर. आंबेडकर प्रौद्योगिकी संस्थान के सभागार में भारतीय न्याय संहिता से जुड़े एक कार्यक्रम में भी शामिल होंगे। इस दौरान कानून व्यवस्था और न्याय प्रणाली से संबंधित विषयों पर विचार-विमर्श किया जाएगा। गृह मंत्री चार जनवरी को अंडमान और निकोबार द्वीप समूह से रवाना होंगे। इससे पहले वे प्रशासनिक अधिकारियों से अनौपचारिक मुलाकात भी कर सकते हैं।

सीडीएस का भी दौरा

इस दौरान चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ अनिल चौहान भी दो जनवरी को अंडमान पहुंचेंगे। तीन जनवरी को वे कार निकोबार और अंडमान-निकोबार कमान का दौरा कर वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों से बातचीत करेंगे।

तमिलनाडु का भी करेंगे दौरा

जनवरी के पहले हफ्ते में शाह तमिलनाडु का दौरा करने वाले हैं। 234 सीटों वाली विधानसभा में भाजपा की मौजूदगी बहुत सीमित है। पार्टी के पास सिर्फ 4 सीटें और 2.5% वोट शेयर है। ऐसे में पार्टी का मुख्य लक्ष्य सत्ता हासिल करना नहीं, बल्कि संगठन को मजबूत बनाना है। रणनीति में संगठन के विस्तार के साथ एआईएडीएमके के साथ गठबंधन को और पुख्ता करना, सीट बंटवारे को तय करना और शहरी एवं युवा मतदाताओं तक प्रभावी पहुंच बनाना शामिल हैं। द्रविड़ राजनीति के इस मजबूत किले में पार्टी फिलहाल भविष्य के लिए जमीन तैयार करने पर ज्यादा जोर दे रही।

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