FSSAI Action: बिना मंजूरी ‘ऑर्गेनिक’ और ‘वीगन’ लिखने वाले ब्रांड्स की खैर नहीं, जारी की नोटिसों की लंबी लिस्ट
FSSAI Misleading Food Labels Notice: एफएसएसएआई ने खाद्य कंपनियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। सरकारी एजेंसियों ने हेल्दी मास्टर समेत कई कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए नोटिस भेजा है।
- Written By: प्रिया जैस
एफएसएसआई (सौजन्य-IANS)
FSSAI Action on Healthy Master: हेल्दी प्रोडक्ट्स के नाम पर ग्राहकों को धोखा देने वाली कंपनियों के खिलाफ एफएसएसआई ने बड़ा एक्शन लिया है। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने रविवार को कहा कि उसने कई खाद्य कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। इन कंपनियों पर भ्रामक ब्रांडिंग और उत्पाद से जुड़े दावों के जरिए लेबलिंग नियमों का उल्लंघन करने का आरोप है।
इसके परिणामस्वरूप, खाद्य सुरक्षा नियामक ने विभिन्न खाद्य व्यवसाय संचालकों (FBOs) को नोटिस जारी किए हैं, जिनमें कहा गया है कि वे ‘खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006’ के प्रावधानों का उल्लंघन कर रहे हैं।
FSSAI ने जारी किया नोटिस
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर सरकारी एजेंसी ने कहा, “FSSAI ने कई फूड बिजनेस ऑपरेटरों (FBO) को नोटिस जारी किए हैं। ये नोटिस भ्रामक ब्रांड नामों, ट्रेड नामों और प्रोडक्ट के दावों से जुड़े एफएसएस एक्ट, 2006 के नियमों का उल्लंघन करने के कारण जारी किए गए हैं।”
सम्बंधित ख़बरें
कौन हैं धीरज सेठ? जिन्हें मिली भारतीय सेना की कमान, जानें उनके अहम योगदान- VIDEO
तेलंगाना में देर रात कांपी धरती! भद्राद्री कोठागुडेम में आया तेज भूकंप, दहशत में घरों से बाहर भागे लोग
TMC का बहुत बड़ा फैसला! सायोनी घोष की युवा अध्यक्ष पद से छुट्टी, इस नेता को सौंपी तृणमूल युवा की कमान
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में 3 सदस्यीय SIT गठित, कमिश्नर-IG को जांच की कमान, 15 दिन में सच आएगा सामने
FSSAI has issued notices to several food business operators (FBOs) for violating provisions of the FSS Act, 2006 regarding misleading brand names, trade names, and product claims… (1)2 pic.twitter.com/CgSVspoQxS — FSSAI (@fssaiindia) June 14, 2026
साथ ही कहा कि जिन कंपनियों को नोटिस मिले हैं, उनमें हेल्दी मास्टर, न्यूहर्ब्स ट्रू विटामिन, प्लांट बी, द हेल्थ फैक्ट्री, ट्रूवी, हेल्दी चॉइस, इमामी का हेल्दी एंड टेस्टी और हेल्थ ऐड शामिल हैं। साथ ही, ऑर्गेनिक विजडम, शाइन ऑर्गेनिक, टू ब्रदर्स ऑर्गेनिक फार्म्स, स्टोरिया, वर्ल्ड ऑफ ऑर्गेनिक और आयोटा वॉटर को भी नोटिस भेजे गए हैं।
नियमों का सख्ती से पालन करने के दिए निर्देश
एफएसएसएआई ने कहा है कि फूड बिजनेस ऑपरेटर्स को निर्देश दिया गया है कि वे ग्राहकों को गुमराह होने से बचाने के लिए लेबलिंग और डिस्प्ले से जुड़े तय नियमों का सख्ती से पालन करें। नियामक के मुताबिक, उपरोक्त ब्रांड जो ट्रेड नाम इस्तेमाल करते हैं, उनसे ग्राहकों के गुमराह होने की संभावना है; उन्हें लगता है कि ये नाम उनके प्रोडक्ट्स की प्रकृति या सेहत से जुड़े फायदों के बारे में गलत जानकारी देते हैं।
प्रोडक्ट्स के नाम पर उठाए सवाल
एफएसएसएआई ने हेल्दी मास्टर, द हेल्थ फैक्ट्री, हेल्दी चॉइस, इमामी के हेल्दी एंड टेस्टी और हेल्थ ऐड के प्रोडक्ट्स के नामों पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि ऐसे ट्रेड नाम लागू नियमों का उल्लंघन करते हुए लगते हैं। रेगुलेटर ने ट्रूवी के “हेल्थी मिक्स” चिप्स पर भी चिंता जताई है। उनका कहना है कि “हेल्दी” शब्द का इस्तेमाल गुमराह करने वाला हो सकता है, क्योंकि प्रोडक्ट में ऐसी दूसरी चीजें भी हैं जो इस दावे को सही नहीं ठहरातीं।
न्यूहर्ब्स ट्रू विटामिन के मामले में, एफएसएसएआई ने कहा कि “ट्रू विटामिन” शब्द मौजूदा नियमों के तहत न तो परिभाषित है और न ही मान्यता प्राप्त है। इससे ग्राहकों के मन में प्रोडक्ट की खूबियों को लेकर गलतफहमी पैदा हो सकती है।
वीगन फूड प्रोडक्ट के लिए नहीं ली मंजूरी
रेगुलेटर ने “प्लान बी प्लांट बेस्ड वीगन” ट्रेड नेम की भी जांच की और पाया कि इससे ऐसा लगता है कि ये प्रोडक्ट सर्टिफाइड वीगन हैं। हालांकि, एफएसएसएआई ने पाया कि कंपनी ने वीगन फूड प्रोडक्ट के लिए पहले से मंजूरी नहीं ली थी और न ही अपने लाइसेंस में जरूरी वीगन फूड एंडोर्समेंट लिया था।
यह भी पढ़ें – Nipah Virus Alert: केरल-तमिलनाडु सीमा पर बढ़ाई गई निगरानी, निपाह वायरस के संदिग्ध मामले से मचा हड़कंप
इसके अलावा, एफएसएसएआई ने ऑर्गेनिक विजडम, शाइन ऑर्गेनिक और टू ब्रदर्स ऑर्गेनिक फार्म्स को उनके ब्रांड नामों में “ऑर्गेनिक” शब्द के इस्तेमाल को लेकर नोटिस जारी किए। रेगुलेटर ने कहा कि ये नाम प्रोडक्ट के ऑर्गेनिक स्टेटस के बारे में ग्राहकों को गुमराह कर सकते हैं।
एफएसएसएआई के मुताबिक, इन कंपनियों के पास नियमों के तहत जरूरी सर्टिफिकेशन, ‘जैविक भारत’ लोगो या जरूरी ऑर्गेनिक एंडोर्समेंट नहीं थे। इसने आगे कहा, “एफबीओ को निर्देश दिया जाता है कि वे ग्राहकों को गुमराह होने से बचाने के लिए लेबलिंग और डिस्प्ले से जुड़े तय नियमों का सख्ती से पालन करें।”
(एजेंसी इनपुट के साथ)
