Hindi news, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest Hindi News
X
  • देश
  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्य प्रदेश
  • विदेश
  • चुनाव
  • खेल
  • मनोरंजन
  • नवभारत विशेष
  • वायरल
  • धर्म
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • टेक्नॉलजी
  • यूटिलिटी
  • हेल्थ
  • ऑटोमोबाइल
  • वीडियो
  • मंगल, 21 जुलाई 2026
  • वेब स्टोरीज
  • फोटो
  • ई-पेपर
  • विडियो
  • फटाफट खबरें

Explainer: विरोध के बाद भी PM मोदी क्यों नहीं ले रहे धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा? मजबूरी या कुछ और है वजह

Dharmendra Pradhan Resign: NEET विवाद और पेपर लीक के बावजूद केंद्र सरकार ने धर्मेंद्र प्रधान को नहीं हटाया। सरकार दबाव में न झुकने, जांच पूरी करने, NTA सुधार और राजनीतिक रणनीति पर जोर देती दिख रही है।

  • Written By: अक्षय साहू
Updated On: Jul 20, 2026 | 09:02 PM

धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ CJP का प्रदर्शन (AI जेनरेटेड इमेज)

Follow Us
Follow Us:

CJP Protest Against Dharmendra Pradhan: नीट परीक्षा से जुड़े विवाद और कथित पेपर लीक मामले के बाद देश के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन हुए। विपक्षी दलों और कई संगठनों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई। संसद मार्च, धरने और भूख हड़ताल जैसे कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। इसके बावजूद केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने धर्मेंद्र प्रधान को पद पर बनाए रखा। 

ऐसे में सवाल उठने लगे है कि पीएम मोदी धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा लेकर विरोध प्रदर्शनों को तुरंत खत्म कर सकते हैं। फिर क्यों सरकार धर्मेंद्र प्रधान नहीं ले रही है? सरकार आगे क्या करने वाली है? साथ ही इसका यूपीए सरकार से क्या संबंध है? 

दबाव में नहीं झुकने का मैसेज

खुद को कमजोर नहीं दिखाना चाहती मोदी सरकार (सोर्स- सोशल मीडिया)

सम्बंधित ख़बरें

सोनम वांगचुक के समर्थन में नागपुर में फूटा युवाओं का गुस्सा, संविधान चौक पर मोदी-प्रधान के इस्तीफे की मांग

जंतर-मंतर पर युवाओं का हुंकार! NEET पेपर लीक और सोनम वांगचुक की रिहाई के लिए आर-पार की लड़ाई, देखें VIDEO

दिल्ली में संसद मार्ग बना रणक्षेत्र! 50 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल, देखें झड़प का VIDEO

BHU में परीक्षा अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का प्रदर्शन, NTA की जांच और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि, केंद्र सरकार प्रदर्शनकारियों के सामने झुककर विपक्षियों को यह संदेश नहीं देना चाहती कि वो किसी प्रकार के विरोध प्रदर्शन या विपक्ष के दबाव में फैसले लेती है। सरकार का मानना है कि अगर किसी मंत्री का इस्तीफा आंदोलन के दबाव में लिया गया तो भविष्य में हर बड़े मुद्दे पर विपक्ष इसी तरह का दबाव बनाने की कोशिश करेगा। सरकार ऐसे मामलों में संयम से काम लेते हुए पहले स्थिति का पूरा आकलन करने की नीति अपनाती है।

UPA सरकार के अनुभव से सबक

यूपीए सरकार के समय कई विवादों के बाद मंत्रियों के इस्तीफे हुए थे। उस दौरान बीजेपी जो विपक्ष में थी, ने सरकार को कमजोर और दबाव में काम करने वाली सरकार बताया था। माना जा रहा है कि मोदी सरकार इस स्थिति को दोबारा नहीं दोहराना चाहती है। यही कारण है कि सरकार ऐसे मामलों में जल्दबाजी में फैसला लेने से बचती है और पूरे राजनीतिक प्रभाव का आकलन करने के बाद ही कोई फैसला लेती है। 

धर्मेंद्र प्रधान की संगठन में मजबूत पकड़

धर्मेंद्र प्रधान भाजपा के वरिष्ठ नेताओं में गिने जाते हैं। उनका संगठन और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से पुराना जुड़ाव रहा है। छात्र राजनीति के दौर से ही वह सक्रिय रहे हैं और लंबे समय से पार्टी संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाते रहे हैं। पार्टी के भीतर उन्हें एक ऐसे नेता के रूप में देखा जाता है, जो संगठन और सरकार के बीच बेहतर तालमेल बनाने की क्षमता रखते हैं। इसके अलावा 2024 में भाजपा को ओडिशा विधानसभा चुनाव जिताने में अहम भूमिका निभाई थी। 

पीएम मोदी के करीबी माने जाते हैं धर्मेंद्र प्रधान (सोर्स- सोशल मीडिया)

भाजपा की ओडिशा में बढ़ती राजनीतिक ताकत के पीछे भी धर्मेंद्र प्रधान की भूमिका को महत्वपूर्ण माना जाता है। पार्टी नेताओं का मानना है कि राज्य में संगठन को मजबूत करने और बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने में उन्होंने बड़ा योगदान दिया। पिछले विधानसभा चुनावों में भाजपा के बेहतर प्रदर्शन के बाद पार्टी के भीतर उनका राजनीतिक कद और मजबूत हुआ है।

इस्तीफा लेना प्रशासनिक विफलता

जानकारों का मानना है कि अगर धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा लिया जाता, तो इसे सरकार की बड़ी प्रशासनिक विफलता के रूप में देखा जा सकता था। इससे यह संदेश जाता कि सरकार मान रही है कि परीक्षा व्यवस्था में गंभीर चूक हुई है। इसलिए सरकार ने इस्तीफे के बजाय जांच और सुधार की प्रक्रिया पर जोर दिया है, ताकि यह दिखाया जा सके कि समस्या का समाधान किया जा रहा है।

NTA में सुधार पर सरकार का फोकस

प्रदर्शनकारियों के साथ CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके (सोर्स- सोशल मीडिया)

सरकार ने पेपर लीक मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंपने का फैसला किया। इसके साथ ही नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) में प्रशासनिक बदलाव और नई नियुक्तियां भी की गईं। सरकार का कहना है कि परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने के लिए सुधार किए जा रहे हैं। सरकार की कोशिश यह दिखाने की है कि वह केवल कार्रवाई पर नहीं, बल्कि स्थायी समाधान पर काम कर रही है।

भाजपा में इस्तीफे को लेकर अलग सोच

भाजपा के अंदर लंबे समय से यह माना जाता रहा है कि केवल राजनीतिक दबाव के कारण किसी मंत्री का इस्तीफा नहीं लिया जाना चाहिए। पहले भी कई विवादों के दौरान विपक्ष ने मंत्रियों के इस्तीफे की मांग की थी, लेकिन सरकार ने अधिकांश मामलों में ऐसा कदम नहीं उठाया। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह भाजपा की कार्यशैली का हिस्सा बन चुका है, जिसमें पहले तथ्यों और राजनीतिक स्थिति का मूल्यांकन किया जाता है। इसके अलावा धर्मेंद्र प्रधान को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के करीबी नेताओं में माना जाता है।

विरोध प्रदर्शन को सरकार ने कैसे देखा

Timeline of today’s CJP protest in videos. Thread. 🧵
1/pic.twitter.com/GpZztU2Zqt
— SHARE SHAAN (@ShareShaan) July 20, 2026

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) समेत कई संगठनों ने प्रदर्शन किए। संसद मार्च और भूख हड़ताल जैसे कार्यक्रम भी आयोजित हुए। हालांकि सरकार का आकलन था कि यह आंदोलन पूरे देश में व्यापक जनसमर्थन हासिल नहीं कर सका। राजनीतिक जानकारों के अनुसार, सरकार किसी भी आंदोलन की गंभीरता का आकलन इस आधार पर करती है कि उसका असर आम जनता और राजनीतिक माहौल पर कितना पड़ रहा है।

क्या होगा सरकार का अगला कदम?

बदली जा सकती है धर्मेंद्र प्रधान की जिम्मेदारी (सोर्स- सोशल मीडिया)

राजनीतिक हलकों में इस बात की भी चर्चा है कि भविष्य में धर्मेंद्र प्रधान की जिम्मेदारियों में बदलाव किया जा सकता है। एक संभावना यह मानी जा रही है कि उन्हें संगठन में बड़ी जिम्मेदारी दी जाए। दूसरी संभावना यह है कि भविष्य में उनका मंत्रालय बदला जा सकता है और उन्हें किसी दूसरे विभाग की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। हालांकि सरकार की ओर से इस बारे में कोई आधिकारिक संकेत नहीं दिया गया है।

यह भी पढ़ें- जंतर-मंतर पर पुलिस का बड़ा एक्शन! टेंट उखाड़े, लाठी मारकर प्रदर्शनकारियों को खदेड़ा, देखें कार्रवाई का VIDEO

केंद्र सरकार फिलहाल धर्मेंद्र प्रधान को हटाने के पक्ष में नजर नहीं आ रही है। सरकार की प्राथमिकता जांच पूरी कराना, परीक्षा व्यवस्था में सुधार करना और राजनीतिक नुकसान को सीमित रखना है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले समय में सरकार का फैसला इस बात पर निर्भर करेगा कि जांच के नतीजे क्या आते हैं, विपक्ष का दबाव कितना बढ़ता है और पूरे मामले का राजनीतिक असर कितना पड़ता है। 

Explainer why pm modi not taking dharmendra pradhan resignation over neet leak

Get Latest   Hindi News ,  Maharashtra News ,  Entertainment News ,  Election News ,  Business News ,  Tech ,  Auto ,  Career and  Religion News  only on Navbharatlive.com

Published On: Jul 20, 2026 | 08:40 PM

Topics:  

  • Cockroach Janta Party
  • Dharmendra Pradhan
  • Narendra Modi

Popular Section

  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • वेब स्टोरीज़

States

  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्यप्रदेश
  • दिल्ली NCR
  • बिहार

Maharashtra Cities

  • मुंबई
  • पुणे
  • नागपुर
  • ठाणे
  • नासिक
  • अकोला
  • वर्धा
  • चंद्रपुर

More

  • वायरल
  • करियर
  • ऑटो
  • टेक
  • धर्म
  • वीडियो

Follow Us On

Contact Us About Us Disclaimer Privacy Policy Terms & Conditions Author
Marathi News Epaper Hindi Epaper Marathi RSS Sitemap

© Copyright Navbharatlive 2026 All rights reserved.