

Government Called Cockroach Janta Party For Talk: पिछले तीन हफ्तों से अपनी मांगों को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना प्रदर्शन कर रही कॉकरोच जनता पार्टी को लेकर एक अहम खबर सामने आ रही है। दरअसल, सीजेपी की ओर से दावा किया गया है कि दिल्ली पुलिस के जरिए सरकार ने सीजेपी से सीधे बातचीत करने का न्योता भेजा है। ऐसी जानकारी है कि सीजेपी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात करेंगे और अपनी मांगों को उनके सामने रखेंगे।
सीजेपी के प्रवक्ता सौरव दास ने बताया है कि सरकार ने खुद बातचीत के लिए उनसे संपर्क किया है। सौरव दास ने एक्स पर लिखा कि सुबह के 11:52 बजे हैं। आशुतोष रांका और मैं, कॉकरोच जनता पार्टी की तरफ से बीजेपी नेता जे.पी. नड्डा से मिलने जा रहे हैं। सरकार सुबह बातचीत के लिए आई थी। हमारी मांगें साफ हैं। युवा भारी संख्या में जमा हुए हैं।
लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे कॉकरोच जनता पार्टी को जब सरकार ने बातचीत के लिए बुलाया सीजेपी ने तंज कसा है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कॉकरोच जनता पार्टी ने तंज भरे लहजे में लिखा- 'मामला शिक्षा मंत्री का और बात स्वास्थ्य मंत्री करेंगे'। कॉकरोच जनता पार्टी केंद्र सरकार पर लगातार हमलावार है। एक अन्य एक्स पोस्ट में सीजेपी ने लिखा- 'बीजेपी हटाओ, युवाओं का भविष्य बचाओ'।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर जारी प्रदर्शन का जिक्र संसद में भी देखने को मिला। राज्यसभा में बोलते हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि सरकार छात्रों के लिए संवेदनशील नहीं है... अगर आपको परीक्षा करानी नहीं आती है तो आप यह जिम्मेदारी किसी और को दीजिए। आज छात्रों पर लाठीचार्ज हुआ तो यह लोकतंत्र पर हमला है। चंदा चोरी भी हमारा मुद्दा है। करोड़ों रुपये की लूट हो रही है। प्रधानमंत्री मोदी को इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए।
समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने कहा कि हम चाहते हैं कि छात्रों की बात सुनी जाए। देश भर में किसान हों, पर्यावरण का मुद्दा हो या युवा हो, हर कोई परेशान है लेकिन सरकार कोई भी बात सुनने को तैयार नहीं है। छात्र बस निष्पक्ष परीक्षा चाहते हैं। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी हमला बोलते हुए कहा कि यह सरकार नहीं अहंकार है...जब करोड़ों लोग इस आंदोलन से जुड़े हों, जिन बच्चों की जान गई, उनके लिए एक शब्द नहीं बोले...सरकार का इससे बड़ा अहंकार क्या हो सकता है...छात्र चाहते हैं कि सरकार उन्हें सुने लेकिन सरकार उन्हें नहीं सुनना चाहती है।