Varanasi Vishwanath Dham Trust Transparency: अयोध्या में राम मंदिर के चंदे को लेकर उठे सवालों के बाद अब वाराणसी के प्रसिद्ध काशी विश्वनाथ मंदिर ट्रस्ट की व्यवस्था और चढ़ावे की पारदर्शिता पर भी गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। वाराणसी के वरिष्ठ अधिवक्ता नित्यानंद राय ने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर मांग की है कि काशी विश्वनाथ मंदिर का संचालन सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन और काशी विश्वनाथ एक्ट के अनुसार किया जाए। साथ ही दान की राशि की नियमित गिनती और उसकी लाइव स्ट्रीमिंग की मांग की गई है जिससे कि श्रद्धालुओं का भरोसा बना रहे।
अधिवक्ता का तर्क है कि सुप्रीम कोर्ट के 1997 के निर्देशानुसार जिस 'बोर्ड ऑफ ट्रस्टी' का गठन होना चाहिए था, वह आज सक्रिय नहीं है। उनका आरोप है कि 1997 के सुप्रीम कोर्ट के फैसले के मुताबिक ट्रस्ट में काशी नरेश और शंकराचार्य जैसे विद्वानों को शामिल करने की मंशा थी, लेकिन वर्तमान में मंदिर प्रबंधन पूरी तरह से नौकरशाहों (CEO, तहसीलदार और अधिकारियों) के हवाले कर दिया गया है।