Explainer: और बढ़ेंगे CNG, पेट्रोल-डीजल के दाम, आम आदमी को अभी नहीं मिलेगी राहत! अब अगला नंबर किसका?
Petrol-Diesel Price Hike Impact: मिडिल-ईस्ट संकट के बीच भारत में महंगाई का ट्रिपल अटैक हुआ है। 48 घंटों में दूध, सीएनजी और अब पेट्रोल-डीजल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी ने आम आदमी का बजट बिगाड़ दिया है।
- Written By: अक्षय साहू
CNG और पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी (AI जनरेटेड फोटो)
Petrol-Diesel Price Hike Reason: मिडिल-ईस्ट में जारी जंग का असर अब भारत पर भी नजर आने लगा है। पिछले 48 घंटों में तीन बड़ी घटनाएं हुई हैं। पहले देश की दो बड़ी डेयरी कंपनियों अमूल और मदर डेयरी ने अपने दूध की कीमतों में इजाफा करने का ऐलान किया। आम जनता अभी हिसाब लगा ही रही थी कि इससे उनकी महीने भर की थाली पर कितना भर पड़ेगा? इसी बीच सीएनजी के दाम बढ़ने की खबर सामने आ गई और फिर आज सुबह आम आदमी की जेब पर सबसे बड़ा भार तब और बढ़ा गया जब तेल कंपनियों ने पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाने का ऐलान कर दिया।
जी हां, भारतीय तेल कंपनियों मिडिल-ईस्ट की जंग की वजह हो रहे नुकसान को कम करने के लिए आज पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी का ऐलान कर दिया है। इससे कुछ घंटे पहले सीएनजी की कीमतों में भी इजाफा किया गया था। यानी पहले दूध, फिर सीएनजी और अब पेट्रोल-डीजल।, पहले से ही महंगाई से जूझ रहे आम आदमी की जब 48 घंटे में तीन तरफा हमला हो गया। लगातार हो रही इस बढ़ोतरी ने घर की रसोई से लेकर सड़क पर गाड़ी से चलने तक को महंगा कर दिया है। जिससे जनता की चिंता बढ़ गई है। लेकिन बुरी खबर ये है कि यह तो केवल अभी शुरुआत है, आने वाले दिनों में महंगाई की मार और बढ़ने वाली है।
कितना बढ़ा पेट्रोल-डीजल का भाव
देश के प्रमुख शहरों में पेट्रोल-डीजल की ताजा कीमत (सोर्स- सोशल मीडिया)
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तेल कंपनियों ने शुक्रवार को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में तीन रूपए का इजाफा किया है। राजधानी दिल्ली में पेट्रोल 3.14 रूपए प्रति लीटर महंगा होकर 97.77 रूपए हो गया है, वहीं, डीजल में ये बढ़ोतरी 3.11 रुपए की है और एक लीटर डीजल का भाव अब यहां 90.67 हो गया है।
- सामान्य पेट्रोल: ₹94.77 से ₹97.91 प्रति लीटर
- प्रीमियम पेट्रोल: ₹102–104 से ₹105.14–107.14 प्रति लीटर
- सामान्य डीजल: ₹87.67 से ₹90.78 प्रति लीटर
सीएनजी कीमत में कितना हुए इजाफा
पेट्रोल-डीजल के अलावा देशभर में सीएनजी कीमतों में भी इजाफा हुआ है। CNG की कीमतों में दो रूपए की बढ़ोतरी हुई है। इसके तहत दिल्ली में अब एक किलो सीएनजी 79.09 रुपए के भाव पर मिलेगा। इससे पहले मुंबई में कल सीएनजी की कीमतों में दो रुपए बढ़ाए गए थे।
भारत में क्यों बढ़ रही है महंगाई?
भारत में इस बढ़ती महंगाई के पीछे मुख्य कारण मध्य पूर्व में अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष है। जिसके असर भारत समेत पूरी दुनिया पर पड़ रहा है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जो तेल व्यापार का नजरिए से अत्यंत महत्वपूर्ण है, वहां पिछले दो महीने से अधिक समय से ईरान ने नाकेबंदी कर रखी है। ईरान की नाकेबंदी के कारण होर्मुज स्ट्रेट में दुनियाभर के 1,500 से अधिक जहाज फंसे हुए हैं। जो वहां से कब निकल पाएंगे, इसके बारे में कुछ भी कह पाना फिलहाल असंभव है।
तेल कंपनियों को हो रहा करोड़ों का घाटा (AI जनरेटेड फोटो)
पेट्रोलियम मंत्रालय की रिपोर्ट के मुताबिक, युद्ध शुरू होने के बाद से भारतीय तेल कंपनियों को हर दिन लगभग 1,000 करोड़ रुपए का नुकसान हुए है यानी अब तक तेल कंपनियां करीर 70 से 75 हजार करोड़ का नुकसान उठा चुकी हैं। जबकि पिछली तिमाही का घाटा लगभग 1 लाख करोड़ रुपए है। तेल कंपनियों को लगातार हो रहे नुकसान ने स्थिति को और मुश्किल बना दिया है।
पीएम मोदी ने की थी जनता से अपील
पेट्रोल और डीजल की कीमतों में इजाफा होने की चर्चा अमेरिका-ईरान युद्ध शुरू होने के साथ ही होने लगी थी। लेकिन सरकार इसे पहले 5 राज्यों में चुनावों के चलते टाल रही थी। लेकिन 4 मई को चुनावी परिणाम आने के बाद यह तय हो गया कि तेल कंपनियां जल्द ही कीमतें बढ़ाने का ऐलान कर सकती है।
इसके बाद जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से पेट्रोल-डीजल की खपत को कम करने के लिए बसों और मेट्रो से सफर करने अपील की, तो इसने तेल की कीमतों में इजाफे का चर्चा में अंतिम मोहर लगाने का काम किया। हालांकि, पीएम मोदी ने जनता से अपील के बाद खुद बड़ा फैसला लेते हुए अपने काफिले में वाहनों की संख्या में 50 प्रतिशत की कटौती करने का ऐलान करते यह बताने की कि भारत में ऊर्जा को लेकर संकट कितना बड़ा है।
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अभी खत्म नहीं हुई है चिंता
पिछले 48 घंटों में आम जनता को तीन बड़े झटके लग चुके हैं। लेकिन बुरी खबर यह है कि सीएनजी और पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का संकट टला नहीं है। वहां, अभी भी भारत के जहाज फंसे हुए हैं जिन पर कच्चा तेल, सीएनजी और एलपीजी जैसी जरूरी चीजें लदी हुई हैं। अगर मिडिल-ईस्ट का तनाव जल्द ही समाप्त नहीं तो है, तो इस स्थिति में पेट्रोल-डीजल समेत सीएनजी और एलपीजी की कीमतों में आने वाले समय में इजाफा देखने को मिल सकता है।
पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने से दूसरी चीजों की कीमतों पर असर (AI जनरेडेट फोटो)
इसके अलावा, तेल महंगा होने से ढुलाई की कीमतें भी बढ़ेंगी। जिससे सब्जी, फल, अनाज और कई जरूरी चीजों की कीमत बढ़ जाएगी। डीजल पर चलने वाले ट्रक, बस और दूसरे वाहन भी प्रभावित होंगे। इसलिए यह कहना गलत नहीं होगा कि आने वाले में समय में भारत की आम जनता पर महंगाई का भारी प्रभाव देखने को मिल सकता है।
