- Hindi News »
- India »
- Even After Forty Years Of Bhopal Gas Leak Diseases Are Increasing Rapidly Among The Affected People
Bhopal Gas Tragedy: हादसे के 40 साल बाद भी प्रभावितों में बढ़ रही है बीमारियां, नहीं मिल रहा इलाज
गौरतलब है कि दो-तीन दिसंबर, 1984 की मध्यरात्रि में यूनियन कार्बाइड कारखाने से अत्यधिक जहरीली गैस मिथाइल आइसोसाइनेट (एमआईसी) का रिसाव हुआ था, जिससे 5,479 लोग मारे गए और पांच लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए
- Written By: मनोज आर्या

Bhopal Gas Tragedy
भोपाल: दुनिया की सबसे भीषण औद्योगिक आपदा, भोपाल गैस त्रासदी के बचे लोगों के साथ काम करने वाले एक संगठन ने सोमवार को दावा किया कि गैस प्रभावित लोगों में बीमारियों की दर अप्रभावित लोगों के मुकाबले कहीं अधिक है। संभावना ट्रस्ट क्लिनिक के पदाधिकारियों ने पत्रकारों को बताया कि यह निष्कर्ष 16305 गैस से प्रभावित और 8106 अप्रभावित रोगियों के आंकड़ों के विश्लेषण पर आधारित है। पदाधिकारियों ने बताया कि इन रोगियों को पिछले 16 वर्षों में उनके केंद्र में देखभाल मिली। उन्होंने कहा कि आंकड़े गैस पीड़ितों के लिए चिकित्सा और स्वास्थ्य सेवाओं की आवश्यकता को दर्शातें हैं
गौरतलब है कि दो-तीन दिसंबर, 1984 की मध्यरात्रि में यूनियन कार्बाइड कारखाने से अत्यधिक जहरीली गैस मिथाइल आइसोसाइनेट (एमआईसी) का रिसाव हुआ था, जिससे 5,479 लोग मारे गए और पांच लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए। ट्रस्ट की चिकित्सक डॉ. उषा आर्य ने कहा कि गैस के संपर्क में आने वाली आबादी को असमान रूप से प्रभावित करने वाली बीमारियों की दरें, जैसे कि श्वसन संबंधी बीमारियां और मानसिक स्वास्थ्य संबंधी विकार, पिछले 16 वर्षों में काफी अधिक रही हैं।
देश की ताजा खबरें पढ़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें!
सम्बंधित ख़बरें
3 दिसंबर का इतिहास: भोपाल में यूनियन कार्बाइड संयंत्र से जहरीली गैस के रिसाव ने ढाया कहर
1984 की काली रात, कैसे भोपाल में 3 घंटों में फैली तबाही, चश्मदीद ने बताई रोंगटे खड़े करने वाली कहानी
2 दिसंबर को क्यों मनाया जाता है राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस, जानें इससे बचने के उपाय
फिर से सहमा भोपाल! गोविंदपुरा इंडस्ट्रियल एरिया में क्लोरीन गैस लीक से मची अफरा-तफरी
प्रभावित लोगों में अधिक बीमारियां
गैस के संपर्क में आने वाले लोगों में सांस संबंधी बीमारियां अप्रभावित आबादी की तुलना में 1.7 से 2 गुना अधिक थीं। उन्होंने कहा कि गैस के संपर्क में आने वाले समूह में अवसाद की दर भी अधिक पाई गई। मधुमेह और उच्च रक्तचाप जैसी स्थितियां, जो पहले गैस के संपर्क में आने से जुड़ी नहीं थीं। पिछले 16 वर्षों में लगातार और महत्वपूर्ण रूप से बढ़ रही हैं। गैस के संपर्क में न आने वाले रोगियों की तुलना में गैस के संपर्क में आने वाले रोगियों में मधुमेह पांच गुना अधिक पाया गया। उच्च रक्तचाप तीन गुना से अधिक पाया गया। स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. सोनाली मित्तल ने कहा कि गैस के संपर्क में न आने वाली महिलाओं की तुलना में समय से पहले मासिक धर्म का बंद होने जैसी स्थितियां 2.6 गुना अधिक थीं।
डॉक्टर बी. रघुराम ने बताया कि गुर्दे से संबंधित बीमारियां, जो संभवतः एमआईसी (मिथाइल आइसोसाइनेट) के संपर्क में आने से होने वाली प्रारंभिक चोट के कारण होती हैं, संपर्क में आने वाले समूह में सात गुना अधिक रही हैं। उन्होंने बताया कि मायोकार्डियल इंफार्क्शन और इस्केमिक हृदय रोग जैसी गंभीर बीमारियां गैस के संपर्क में आने वाले लोगों में 4.5 गुना अधिक पाई गईं।
तंत्रिका तंत्र संबंधित बीमारियों के बारे में डॉ. पी. के. अवस्क्थी ने कहा कि गैस के संपर्क में आने वाले लोगों में हेमिप्लेजिया और न्यूरलजिया लगभग चार गुना अधिक आम पाए गए। अवस्थी ने कहा कि न्यूरोपैथी, जो संभवतः मधुमेह जैसे कारकों से प्रभावित होती है, संपर्क में आने वाले लोगों में सात गुना अधिक पाई गई। हमने यह भी पाया कि हाइपोथायरायडिज्म, एक चयापचय विकार, पिछले सात वर्षों में दोनों आबादी में बढ़ रहा है, लेकिन गैस के संपर्क में आने वाले लोगों में यह 1.7 गुना अधिक है।
Even after forty years of bhopal gas leak diseases are increasing rapidly among the affected people
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
Topics:
लेटेस्ट न्यूज़
किसी को अपना यूरेनियम नहीं देंगे…ईरान ने ट्रंप के दावे को बताया फर्जी, कहा- यह हमारा अधिकार
Apr 18, 2026 | 07:35 AMSummer Drinks: गर्मियों में ट्राई करें ये 3 फूलों से बनी चाय, पूरे दिन शरीर रहेगा हाइड्रेटेड और एनर्जेटिक
Apr 18, 2026 | 07:35 AMTobacco Trade Sambhajinagar: खौफ में गुटखा किंग! FDA ने 7 दुकानों पर जड़ा ताला, लाखों का जहरीला माल बरामद
Apr 18, 2026 | 07:27 AMफैंस को झटका! ‘Hera Pheri 3’ फिलहाल ठंडे बस्ते में, Akshay Kumar ने कहा- अभी नहीं बन रही फिल्म
Apr 18, 2026 | 07:26 AMविपक्ष को भारी पड़ेगा महिला आरक्षण का विरोध? बीजेपी ने बनाया बंगाल-तमिलनाडु चुनाव के लिए मास्टरप्लान!
Apr 18, 2026 | 07:12 AMPower Cut Chhatrapati Sambhajinagar: 7 घंटे बिजली गुल, प्यासा रहा शहर; मरम्मत के फेर में बिगड़ा पानी का गणित!
Apr 18, 2026 | 07:05 AMमैं शांतिदूत, मैंने खुद रुकवाए आठ महायुद्ध, ट्रंप का दावा- ईरान के साथ ऐतिहासिक डील के बेहद करीब अमेरिका
Apr 18, 2026 | 07:01 AMवीडियो गैलरी

2026 या पत्थर युग? बड़वानी में झोली में बंधकर अस्पताल पहुंचा बीमार बच्चा, विकास के दावों की निकली हवा
Apr 17, 2026 | 10:44 PM
‘यह महिला आरक्षण नहीं, पॉलिटिकल अवसरवाद है’, इकरा हसन ने संसद में मोदी सरकार पर उठाए सवाल
Apr 17, 2026 | 10:39 PM
‘पत्नी के पैर छूता हूं…’, संसद में रवि किशन का ये बयान सुनकर सन्न रह गया विपक्ष, देखें VIDEO
Apr 17, 2026 | 10:33 PM
शिवपुरी में BJP विधायक के बेटे का कहर, थार से 5 लोगों को मारी टक्कर और फिर दिखाई दबंगई- VIDEO
Apr 17, 2026 | 07:21 PM
‘ 2023 में पास हुआ बिल, तो अब तक लागू क्यों नहीं’, महिला आरक्षण पर संसद में डिंपल यादव का जोरदार भाषण- VIDEO
Apr 17, 2026 | 07:15 PM
संसद में राहुल गांधी ने सुनाई ‘जादूगर’ की कहानी, महिला आरक्षण बिल के बहाने सरकार पर कसा तंज- VIDEO
Apr 17, 2026 | 07:08 PM














