
प्रवर्तन निदेशालय (सौजन्य- सोशल मीडिया)
बिहार: मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में बिहार से बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां ईडी ने आईएएस अधिकारी संजीव हंस और आरजेडी के पूर्व विधायक गुलाब यादव को गिरफ्तार कर लिया है। बता दें कि ईडी मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आय से अधिक संपत्ति मामले में संजीव हंस और गुलाब यादव के खिलाफ जांच में जुटी हुई थी। इससे पहले भी ईडी बिहार कैडर के आईएएस अधिकारी संजीव हंस और पूर्व विधायक गुलाब यादव के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जांच के लिए बिहार, दिल्ली और पुणे के कई ठिकानों पर छापेमारी कर चुकी है।
जानकारी के अनुसार ईडी की टीम ने 1997 बैच के आईएएस संजीव हंस को पटना स्थित उनके सरकारी आवास से गिरफ्तार किया है और वहीं गुलाब यादव को दिल्ली के एक रिसॉर्ट में अरेस्ट किया है। ईडी को पर्याप्त सबूत मिलने के बाद दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। वहीं उनकी चिकित्सा जांच के बाद ईडी उनसे पूछताछ करेगी। संजीव हंस इन विवादों में पहली बार नहीं फंसे हैं बल्कि इससे पहले भी उनपर पेर का आरोप लगाया जा चुका है।
जानकारी के अनुसार इससे पहले भी आईएएस संजीव हंस और पूर्व विधायक गुलाब यादव के करीबियों के ठिकानों पर ईडी द्वारा छापेमारी में करीब 90 लाख कैश और 13 किलो चांदी का सामान जब्त किया गया था। साथ ही कई ठिकानों पर बेनामी संपत्ति के दस्तावेज और साक्ष्य भी बरामद किए गए ते। करीब दो महीने पहले भी ईडी ने दिल्ली, पटना, पुणे, पंजाब और नोएडा समेत कई जगहों पर छापेमारी की थी।
ईडी के अनुसार संजीव हंस ने पंजाब के मोहाली और कसौली में करोड़ों की बेनाम संपत्ति खरीदी है। जिसकी वजह से उन्हें और गुलाब यादव को गिरफ्तार किया गया है। बता दें कि दिल्ली में वह उनके करीबी सहयोगी रहे हैं। बता दें कि संजीव हंस ऊर्जा विभाग के प्रधान सचिव और बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड के सीएमडी भी थे। रिपोर्ट के मुताबिक संजीव हंस ने अपनी कमाई से चंडीगढ़ में 95 करोड़ का रिसॉर्ट खरीदा था।
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राष्ट्रीय जनता दल के पूर्व विधायक गुलाब यादव को इस साल 2024 में हुए लोकसभा चुनाव से टिकट नहीं मिला। जिसकी वजह से गुलाब यादव को बीएसपी के टिकट पर मैदान में उतरना पड़ा लेकिन यहां उन्हें कामयाबी हासिल नहीं हुई। गुलाब यादव का सियासत में काफी नाम है।






