Hindi news, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest Hindi News
X
  • देश
  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्य प्रदेश
  • विदेश
  • चुनाव
  • खेल
  • मनोरंजन
  • नवभारत विशेष
  • वायरल
  • धर्म
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • टेक्नॉलजी
  • यूटिलिटी
  • हेल्थ
  • ऑटोमोबाइल
  • वीडियो
  • रवि, 2 अगस्त 2026
  • वेब स्टोरीज
  • फोटो
  • ई-पेपर
  • विडियो
  • फटाफट खबरें

Explainer: PM मोदी ने किया माफ…फिर भी छात्राओं को मिल रही रेप की धमकी, डॉक्सिंग पर क्या कहता है कानून?

Doxxing Law in India: सीजेपी प्रोटेस्ट में शामिल महिलाओं और छात्रों को ऑनलाइन रेप और जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं। भारत में डॉक्सिंग को लेकर क्या कानून हैं?

  • Written By: अक्षय साहू
Updated On: Aug 02, 2026 | 04:23 PM

जंतर-मंतर के विरोध प्रदर्शन में शामिल महिलाओं को मिल रही ऑनलाइन धमकी (AI जनरेटेड इमेज)

Follow Us
Follow Us:

Doxxing of CJP Protesters: कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी ने हाल ही में नीट पेपर लीक के विरोध में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया था। अब इस प्रदर्शन में शामिल होने वाली कई महिलाओं को सोशल मीडिया पर विरोध का सामना करना पड़ रहा है। इन महिलाओं को सोशल मीडिया पर खुलेआम रेप और जान से मारने की धमकी दी जा रही है।

महिलाओं को यह धमकी ऐसे समय में दी जा रही है, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद सोशल मीडिया पर वीडियो बनाकर प्रदर्शन में शामिल उन महिलाओं को माफ करने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि विरोध प्रदर्शन के नाम पर उन्हें या उनकी स्वर्गीय मां को लेकर गलत भाषा का इस्तेमाल किया गयाा। इससे वह दुखी है। ये गुमराह युवा हैं, उन्हें गले लगाकर सही रास्ता दिखाने की जरूरत है। हालांकि पीएम मोदी की माफी के बाद भी छात्राओं और महिलाओं को निशाना बनाया जा रहा है। इसे डॉक्सिंग कहा जाता है। ऐसे में सवाल उठता है कि भारतीय कानून में डॉक्सिंग को लेकर क्या नियम है? डॉक्सिंग पीड़ितों को इंसाफ पाने के लिए कौन सा रास्ता अपनाना होगा?

क्या होती है डॉक्सिंग?

किसी को डराने या शर्मिंदा करने के मकसद से उसकी निजी जानकारी (फोन नंबर, पता, पहचान पत्र या तस्वीरें) सार्वजनिक करना डॉक्सिंग कहलाता है। भारत में हर साल सैकड़ों लोग डॉक्सिंग का शिकार होते हैं। हालांकि इसके बाद भी भारतीय कानून में डॉक्सिंग को स्पष्ट रूप से आपराधिक अपराध के रूप में परिभाषित या दंडित नहीं किया गया है। पीड़ितों को न्याय पाने के लिए भारतीय न्याय संहिता और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) के मौजूद विभिन्न प्रावधानों की मदद लेनी पड़ती है।

सम्बंधित ख़बरें

जंतर-मंतर पर अपशब्द बोलने वाली लड़की को गोद लेंगे PM मोदी? माफी के बाद भी पुलिस कर रही परेशान, देखें VIDEO

भारत-पाक सीमा पार से तस्करी का भंडाफोड़: ड्रोन के जरिए भेजी गई 10 किलो हेरोइन और 11 पिस्टल बरामद, एक गिरफ्तार

नीट पेपर लीक प्रदर्शन पर पीएम मोदी के बयान के बाद सियासत तेज, अभिजीत दीपके ने एफआईआर वापसी पर उठाए सवाल

कौन हैं IFS Satyanjal Pandey? जिन्होंने तनाव के बीच पाकिस्तान में संभाला भारतीय उच्चायोग

ऑनलाइन धमकी देना और जानकारी साझा करना डॉक्सिंग (AI जनरेटेड इमेज)

किन धाराओं में हो सकती है सजा?

विशेषज्ञों के मुताबिक, इन मामलों को पहलुओं के रुप में देखना होगा। व्यक्ति की जानकारी का प्रसार और उस जानकारी के आधार पर दी गई धमकियां या उत्पीड़न। विशेषज्ञों का कहना है कि आपराधिक कानून के तहत बाद वाले मामले में मुकदमा चलाना आसान होता है। अगर किसी डॉक्सिंग के जरिए कोई व्यक्ति किसी महिला के इंटरनेट यूज पर नजर रखता है या उससे बार-बार संपर्क करने की कोशिश करता है, यह भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 78 के अंतर्गत आता है, जो पीछा करने से संबंधित है।

डॉक्सिंग के मिल सकती है कड़ी सजा (सोर्स- सोशल मीडिया)

इसी तरह, रेप और जान से मारने की धमकियां बीएनएस की धारा 351 के अंतर्गत आती हैं, जो आपराधिक धमकी को अपराध घोषित करती है। वहीं अगर पीड़ित नाबालिग है, तो नाबालिगों के यौन उत्पीड़न को दंडित करने वाले बाल यौन अपराध संरक्षण अधिनियम की धारा 12 भी लागू होती है।

डॉक्सिंग में आपत्तिजनक तस्वीरें शेयर करना भी शामिल

सुप्रीम कोर्ट के वकील प्रसन्ना एस ने एक निजी अखबार से बातचीत में कहा कि, डॉक्सिंग में ऐसी तस्वीरें प्रकाशित करना शामिल है जो हो आपत्तिजनक हो या किसी महिला को अपमानित करती हैं। इस प्रकार के मामले बीएनएस की धारा 79 के तहत आते हैं। जो किसी महिला की गरिमा को अपमानित करने के इरादे से कृत्यों में अपराधी को सजा दिलाने का काम करती हैं। उन्होंने आगे कहा कि अगर सोशल मीडिया पर शेयर की गई चीजें किसी की प्रतिष्ठा के उल्लंघन से संबंधित है, तो आपराधिक मानहानि के प्रावधानों को भी लागू किया जा सकता है।

डॉक्सिंग को लेकर अलग-अलग धाराओं में सजा का प्रावधान (AI जनरेटेड इमेज)

हालांकि, केवल किसी व्यक्ति की निजी जानकारी सार्वजनिक करने के मामलों में कानून पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। प्रसन्ना के मुताबिक, आईटी एक्ट के तहत डॉक्सिंग (किसी की निजी जानकारी सार्वजनिक करना) को आमतौर पर आपराधिक नहीं, बल्कि नागरिक अपराध माना जाता है। हालांकि, अगर इसमें किसी की गोपनीय या निजी तस्वीरें साझा की जाती हैं, तो मामला आपराधिक अपराध की श्रेणी में आ सकता है।

निजी जानकारी साझा करने पर 5 लाख का जुर्माना

विशेषज्ञों के मुताबिक अगर किसी व्यक्ति की अनुमति के बिना उसकी निजी तस्वीरें ली जाती हैं या सोशल मीडिया पर साझा की जाती हैं, तो यह आईटी एक्ट की धारा 66E के तहत अपराध है। लेकिन अगर सिर्फ किसी की निजी जानकारी, जैसे पता, फोन नंबर या अन्य व्यक्तिगत विवरण सार्वजनिक किए जाते हैं, तो पीड़ित धारा 72A के तहत कार्रवाई कर सकता है। इस धारा में मुख्य रूप से 5 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है, इसलिए इसे आमतौर पर आपराधिक नहीं बल्कि दीवानी मामला माना जाता है।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की जिम्मेदारी

डॉक्सिंग के मामलों में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की भी जिम्मेदारी तय होती है। आईटी (मध्यस्थ दिशानिर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम, 2021 के मुताबिक, फेसबुक, एक्स (ट्विटर), इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म को ऐसी सामग्री हटाने के लिए उचित कदम उठाने होते हैं, जो किसी की निजता का उल्लंघन करती हो या उत्पीड़न को बढ़ावा देती हो।

डॉक्सिंग के मामलों एक्शन लेना सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की जिम्मेदारी (AI जनरेटेड इमेज)

इन नियमों के तहत प्लेटफॉर्म को शिकायत मिलने के 24 घंटे के भीतर उसे स्वीकार करना होता है। सामान्य मामलों में शिकायत का निपटारा सात दिनों के भीतर करना जरूरी है। वहीं, यदि मामला निजता के उल्लंघन या गंभीर उत्पीड़न से जुड़ा हो, तो संबंधित सामग्री पर 36 घंटे के भीतर कार्रवाई करनी होती है। अगर कोई प्लेटफॉर्म इन नियमों का पालन नहीं करता या अदालत के आदेशों की अनदेखी करता है, तो वह अपनी ‘सेफ हार्बर’ सुरक्षा खो सकता है। इसका मतलब है कि उस प्लेटफॉर्म को यूजर्स द्वारा पोस्ट किए गए कंटेंट के लिए कानूनी जिम्मेदारी उठानी पड़ सकती है।

यह भी पढ़ें- पहले जमानत, फिर NSA… आदिवासी कार्यकर्ता पर कार्रवाई से भड़के जयराम रमेश, बोले- असहमति की आवाज दबाई जा रही

सबूत सुरक्षित रखना जरूरी

विशेषज्ञों का कहना है कि अगर कोई डॉक्सिंग का शिकार होता है, तो सबसे पहले आपत्तिजनक पोस्ट के स्क्रीनशॉट, लिंक (URL) और अन्य सबूत सुरक्षित रखना बेहद जरूरी है। इसके बाद संबंधित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर रिपोर्ट करें और सरकार के राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज करें। जरूरत पड़ने पर एक्सेस नाउ और प्वाइंट ऑफ व्यू जैसे संगठनों की डिजिटल सुरक्षा हेल्पलाइन से भी मदद ले सकते हैं।

Doxxing india law legal remedies cyber harassment social media threats

Get Latest   Hindi News ,  Maharashtra News ,  Entertainment News ,  Election News ,  Business News ,  Tech ,  Auto ,  Career and  Religion News  only on Navbharatlive.com

Published On: Aug 02, 2026 | 03:59 PM

Topics:  

  • India
  • Jantar Mantar
  • Navbharat Explainer
  • Tech News

Popular Section

  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • वेब स्टोरीज़

States

  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्यप्रदेश
  • दिल्ली NCR
  • बिहार

Maharashtra Cities

  • मुंबई
  • पुणे
  • नागपुर
  • ठाणे
  • नासिक
  • अकोला
  • वर्धा
  • चंद्रपुर

More

  • वायरल
  • करियर
  • ऑटो
  • टेक
  • धर्म
  • वीडियो

Follow Us On

Contact Us About Us Disclaimer Privacy Policy Terms & Conditions Author
Marathi News Epaper Hindi Epaper Marathi RSS Sitemap

© Copyright Navbharatlive 2026 All rights reserved.