

दिल्ली के गफ्फार मार्केट स्थित पुरी प्लाजा की दुकान में तड़के करीब 1:30 बजे आग लगी
आग बुझाने के लिए दमकल विभाग की 22 गाड़ियां मौके पर तैनात की गईं
ऊपरी मंजिल पर लगी आग के कारण दमकलकर्मियों को अभियान में काफी मुश्किलें आईं
Delhi Gaffar Market Fire: दिल्ली के करोल बाग स्थित गफ्फार मार्केट में शुक्रवार तड़के भीषण आग लग गई। आग चेन वाली गली के 13 ब्लॉक में स्थित पुरी प्लाजा की एक दुकान में लगी। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि इसे बुझाने के लिए दमकल विभाग की 22 गाड़ियों को मौके पर तैनात करना पड़ा। इसके अलावा पानी के अतिरिक्त टैंकर और लाइटिंग से जुड़े उपकरण भी घटनास्थल पर भेजे गए हैं।
दुकान में आग लगने की घटना शुक्रवार तड़के सामने आई, जिसके बाद इलाके में अफरातफरी मच गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीमों को मौके पर बुलाया गया। आग की गंभीरता को देखते हुए दमकल की 22 गाड़ियों को तुरंत रवाना किया गया। फिलहाल आग बुझाने का अभियान जारी है।
जिस दुकान में आग लगी है, वह इमारत की ऊपरी मंजिल पर स्थित है। आग की तेज लपटों और चारों ओर फैले धुएं के कारण दमकलकर्मियों को आग पर काबू पाने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। दमकलकर्मियों ने दुकान का शटर खोलकर अंदर पहुंचने की कोशिश की, ताकि आग को फैलने से रोका जा सके और जल्द से जल्द उस पर काबू पाया जा सके।
आग की वजह से दुकान को कितना नुकसान हुआ है, फिलहाल इसकी जानकारी सामने नहीं आई है। दमकल विभाग की टीमें लगातार आग बुझाने में जुटी हुई हैं। मौके पर मौजूद गाड़ियों के जरिए आग पर काबू पाने की कोशिश की जा रही है।
जानकारी के मुताबिक, गफ्फार मार्केट की दुकान में शुक्रवार तड़के करीब 1:30 बजे आग लगी थी। इसके बाद घटनास्थल से घना धुआं उठने लगा। सूचना मिलते ही दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं और आग बुझाने का काम शुरू कर दिया गया। कई घंटे गुजरने के बाद भी आग पर काबू पाने की कोशिशें जारी हैं। दमकल विभाग की कुछ टीमें अभी भी इमारत के अंदर मौजूद हैं और आग बुझाने के अभियान में लगी हुई हैं।
दिल्ली पुलिस ने घटना को लेकर बयान जारी करते हुए बताया कि, किसी के हताहत होने या घायल होने की खबर नहीं है। केवल संपत्ति का नुकसान हुआ है। शुरुआती जांच के मुताबिक, आग लगने का संभावित कारण बैटरी का ओवरहीट होना या ओवरचार्ज होना हो सकता है।
पुलिस ने कहा कि आग लगने के सही कारण का पता लगाने के लिए फायर डिपार्टमेंट और इलेक्ट्रिकल इंस्पेक्टर से रिपोर्ट ली जाएगी। इसके अलावा, FSL की टीम भी इमारत की जांच करेगी ताकि यह पता लगाया जा सके कि वहां कोई अन्य ज्वलनशील पदार्थ तो नहीं था।