

दिल्ली पुलिस का सीजेपी पर बड़ा एक्शन
क्राइम ब्रांच ने सीजेपी के सह-संयोजक आशुतोष रांका और सौरभ दास के की पूछताछ
पूरा मामला दिल्ली के जंतर-मंतर में हुए प्रदर्शन से जुड़ा हुआ है, दिल्ली पुलिस का कहना है कि प्रदर्शनकारियों ने नियमों का उल्लंघन किया
CJP Delhi Protest Crime Branch Investigation: दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी के जंतर-मंतर प्रदर्शन मामले में 5 नवंबर 2026 को दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने बड़ी कार्रवाई की है। CJP के सह-संयोजक सौरव दास और आशुतोष रांका से राजौरी गार्डन स्थित क्राइम ब्रांच कार्यालय में पूछताछ की गई। वहीं, अजिंक्य शिंदे को भी इस मामले में पूछताछ के लिए समन भेजा गया था।
जानकारी के मुताबिक, CJP के सदस्यों ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित अनियमितताओं के विरोध में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया था। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारेबाजी की थी।
पुलिस का आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने निर्धारित नियमों का उल्लंघन करते हुए सुरक्षा घेरा पार किया और प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश किया। इस मामले में दिल्ली के कनॉट प्लेस और संसद मार्ग थाने में FIR दर्ज की गई थी। बाद में जांच क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई।
पूरा मामला मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन से जुड़ा हुआ है। इस मामले में दिल्ली पुलिस ने CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके, सौरभ दास और आशुतोष रांका को प्रदर्शन से पहले हिरासत में लिया था। 11 अक्टूबर को उन्हें 50-50 हजार रुपये के मुचलके और एक साल तक शांति बनाए रखने की शर्त पर रिहा किया गया।
इस मामले में CJP से जुड़े कुछ सदस्यों को पहले हिरासत में लिया गया था। सौरभ दास और आशुतोष रांका को न्यायिक हिरासत में भी भेजा गया था। बाद में दोनों को जमानत पर रिहा कर दिया गया।
क्राइम ब्रांच की ओर से संबंधित लोगों से पूछताछ कर प्रदर्शन के दौरान हुई घटनाओं और कथित नियम उल्लंघन से जुड़े पहलुओं की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस इस मामले में दर्ज FIR के आधार पर आगे की जांच कर रही है। फिलहाल पूछताछ के बाद जांच में क्या निष्कर्ष निकलता है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।