
सत्येंद्र जैन को बेल या जेल!
नई दिल्ली : जहां एक तरफ आम आदमी पार्टी के कई सीनियर नेता जमानत से जेल से पहले ही बाहर आ चुके हैं। लेकिन इसके बावजूद देश की राजधानी में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी के एक और सीनियर सत्येंद्र जैन अभी भी जेल की सलाखों के पीछे ही हैं। हालांकि अब उनकी जमानत याचिका पर आज स्पेशल कोर्ट अपना फैसला सुना सकता है। वह कई महीनों से जेल में ही बंद हैं।
जानकारी हो कि बीते 1 अक्टुबर को दिल्ली उच्च न्यायालय ने आम आदमी पार्टी (आप) के नेता सत्येंद्र जैन की संलिप्तता वाले धन शोधन के एक मामले में दो आरोपियों की जमानत याचिका खारिज कर दी थी, जिन्होंने दावा किया था कि उनके खिलाफ दाखिल आरोपपत्र ‘‘अधूरा” है।
यहां पढ़ें – सलमान खान को फिर मिली धमकी, लिखा- करेंगें बाबा सिद्दीकी से भी बुरा हाल, मांगा 5 करोड़ का ‘हफ्ता’
गौरतलब है कि , सत्येंद्र जैन को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बीते 30 मई, 2022 को उनसे कथित तौर पर जुड़ी चार कंपनियों के जरिये धनशोधन के आरोप में गिरफ्तार किया था। वह फिलहाल न्यायिक हिरासत में है।
वहीं विशेष न्यायाधीश राकेश स्याल ने इल आरोपियों और ईडी की ओर से आवेदन पर दलीलें सुनने के बाद आदेश सुरक्षित रख लिया था। जैन के वकील ने अदालत से कहा था कि उन्हें आगे हिरासत में रखने से कोई उद्देश्य पूरा नहीं होगा।
यहां पढ़ें – झारखंड विधानसभा चुनाव में पहले चरण के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू
वहीं ED ने आवेदन का विरोध करते हुए कहा था कि यदि जैन को रिहा किया गया तो वह गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं। ED का मामला 2017 में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) द्वारा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत जैन के खिलाफ दर्ज की गई प्राथमिकी से सामने आया है।
इस बाबत अदालत को यह भी बताया गया कि जैन की नियमित जमानत याचिका निचली अदालत में लंबित है। जैन पर कथित तौर पर उनसे जुड़ी चार कंपनियों के जरिये धनशोधन का आरोप है। उन्होंने निचली अदालत के 15 मई के आदेश को चुनौती दी है, जिसके तहत उन्हें मामले में ‘डिफॉल्ट जमानत’ देने से इनकार कर दिया गया था। उच्च न्यायालय ने बीते 28 मई को नोटिस जारी करके याचिका पर ED से जवाब मांगा था।
इस बाबात सत्येंद्र जैन के वकिल ने दलील दी है कि ED वैधानिक अवधि के भीतर सभी मामलों में जांच पूरी करने में विफल रही और अभियोजन पक्ष की शिकायत (आरोपपत्र), जो अधूरी थी, उसे दण्ड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 167(2) के प्रावधानों के तहत ‘डिफॉल्ट जमानत’ के उनके अधिकार से वंचित करने के प्रयास में दायर किया गया था। इस मामले में ED ने सत्येंद्र जैन को 30 मई 2022 को गिरफ्तार किया था। (एजेंसी इनपुट के साथ)






