बांधवगढ़ में हाथियों की मौत : पूर्व पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश ने की पूर्ण जांच की मांग
घटना को लेकर यह अनुमान भी लगाया जा रहा है कि संभवत बीटीआर के अंतर्गत गांवों में रासायनिक दवा छिड़काव युक्त धान की फसल को हाथियों ने खा लिया होगा जिससे उनकी मौत हुई।
- Written By: रीना पंवार
(फोटो सोर्स सोशल मीडिया)
नई दिल्ली : कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश ने मध्यप्रदेश में सात हाथियों की मौत के मामले में विस्तृत जांच और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाने की बात की है। मध्य प्रदेश के उमरिया में स्थित बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व (बीटीआर) में यह बड़ी घटना सामने आई, जहां अब तक कुल 7 हाथियों की मौत हो गई है। अभी भी 3 हाथियों की हालत गंभीर बनी हुई है।
इससे पहले बीते रोज मंगलवार को बांधवगढ़ बाघ अभयारण्य (बीटीआर) में चार हाथियों की मौत हुई थी जिसके बाद आज तीन और हाथियों की मौत हो गई। तीन अन्य हाथियों की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है, जिनका इलाज जारी है। अभयारण्य में अब तक सात हाथियों की मौत हो चुकी है जिससे वन प्रबंधन में हड़कंप मचा हुआ है।
घटना पर पूर्व पर्यावरण मंत्री की प्रतिक्रिया
इस घटना को लेकर जयराम रमेश ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘बांधवगढ़ बाघ अभयारण्य से खबर है कि सात हाथियों की मौत हो गई है, जबकि दो या तीन की हालत गंभीर है। यह पूरी तरह हतप्रभ करने वाली बात है।” उन्होंने पर्यावरण मंत्री भूपेन्द्र यादव को टैग करते हुए कहा, ‘‘इससे अभयारण्य में हाथियों की आबादी का करीब 10 फीसदी हिस्सा एक ही बार में खत्म हो जाएगा। इसकी तुरंत पूरी जांच होनी चाहिए और जरूरी उपाय किए जाने चाहिए।”
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हाथियों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
घटना को लेकर फिलहाल मध्यप्रदेश के वन मंत्री रामनिवास रावत ने विशेष जांच दल (एसआईटी) से जांच कराने के आदेश दे दिए हैं। साथ ही अधिकारियों से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए भी कहा है। इस मामले को लेकर संयुक्त संचालक पीके वर्मा ने बताया कि हाथियों को जहर दिए जाने की संभावना लग रही है। हालांकि असली वजह जांच के बाद ही सामने आ पाएगी।
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दवा छिड़की फसल खाने से मौत की संभावना
घटना को लेकर यह अनुमान भी लगाया जा रहा है कि संभवत बीटीआर के अंतर्गत गांवों में रासायनिक दवा छिड़काव युक्त धान की फसल को हाथियों ने खा लिया होगा जिससे उनकी मौत हुई। यह भी पता चला है कि अक्सर जंगली हाथी गांव वालों की फसलों को नुकसान पहुंचाते रहते थे जिससे गांव के लोग परेशान थे। हालांकि जांच की रिपोर्ट आने के बाद ही पुख्ता तौर पर हाथियों की मौत के कारणों का पता चल पाएगा।
(एजेंसी इनपुट के साथ)
