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ब्रिगेडियर भवानी सिंह के नेतृत्व में भारत ने जीता था ‘छाछरो कस्बा’
इस सर्जिकल स्ट्राइक में भारत ने 'छाछरो कस्बे' (Chachro) पर जीत हासिल की थी।
- Written By: काजल चोपड़े

देश में ऐसे कई वीर जवान है, जिन्होंने अपनी भारत माता के लिए हंसते-हंसते जान कुर्बान कर दी। आज भी बॉर्डर पर कई वीर जवान अपनी जान की बाज़ी लगाकर अपने देश की रक्षा कर रहे हैं। भारत के वीर जवान देश के दुश्मनों को सबक सीखाने में कभी पीछे नहीं हटे। ऐसा ही कुछ 49 साल पहले हुआ था। 7 दिसंबर 1971 को भारत ने पाकिस्तान से युद्ध में सर्जिकल स्ट्राइक किया था। इस सर्जिकल स्ट्राइक में भारत ने ‘छाछरो कस्बे’ (Chachro) पर जीत हासिल की थी।
छाछरो (Chachro) पाकिस्तान के सिंध प्रांत के थारपारकर जिले में तहसील मुख्यालय है। यह जगह बाड़मेर से करीब 160 किलोमीटर और गडरा रोड बॉर्डर से केवल 70 किलोमीटर दूर है। इस युद्ध में भारत ने पाकिस्तान की सेना को हराकर करीब 80 किलोमीटर तक की ज़मीन पर कब्ज़ा किया था। इस युद्ध में जयपुर के 12 जवानों समेत राजस्थान के 307 वीर सपूत शहीद हुए थे।
भारत ने यह युद्ध जयपुर के पूर्व राजघराने के दिवंगत नरेश महावीर चक्र विजेता ब्रिगेडियर भवानी सिंह (Sawai Bhawani Singh) के नेतृत्व में पाकिस्तान के छाछरो कस्बे पर ऐतिहासिक जीत हासिल की थी। इस युद्ध में 10वीं पैरा बटालियन के वीर जवानों ने अपनी जान की बाज़ी लगाकर छाछरो इलाके को जीता था।
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यह युद्ध करीब 10 दिनों तक चला था। इसके बाद 16 दिसंबर 1971 को पाकिस्तान के जनरल नियाजी ने 93 हजार सैनिकों के साथ भारतीय सेना के सामने सरेंडर किया था। इसके बाद शिमला के समझौते में यह ज़मीन पाकिस्तान को लौटा दी गई।
छाछरो (Chachro)पर विजय हासिल करने के बाद देशभर में ब्रिगेडियर भवानी सिंह के शौर्य के चर्चे होने लगे थे। इस जीत के बाद ब्रिगेडियर भवानी सिंह का जयपुर में भव्य स्वागत किया गया था। वहीं, उन्हें महावीर चक्र से सम्मानित किया गया था। इसके बाद से जयपुर में 7 दिसंबर को छाछरो दिवस के रूप में मनाया जाता रहा।

इस साल ‘छाछरो दिवस’ (Chachro Diwas) को मनाते हुए 49 साल पूरे हुए। इस अवसर ब्रिगेडियर भवानी सिंह की बेटी राजसमंद से भाजपा सांसद दिया कुमारी ने अपने पिता को यद् किया। उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा, ‘7 दिसंबर 1971 की तारीख़ इतिहास में भारतीय सेना के अदम्य साहस और शौर्य गाथा की गवाह है। छाछरो दिवस, 10वीं पैरा बटालियन की स्वर्णिम गौरवगाथा है जिसे आज भी प्रत्येक भारतीय गर्व से याद करता है।‘
7 Dec 1971 की तारीख़ इतिहास में भारतीय सेना के अदम्य साहस और शौर्य गाथा की गवाह है।
छाछरो दिवस,10वीं पैरा बटालियन की स्वर्णिम गौरवगाथा है जिसे आज भी प्रत्येक भारतीय गर्व से याद करता है। pic.twitter.com/bSV9v8KM7Z — Diya Kumari (@KumariDiya) December 7, 2020
वहीं, दिया कुमारी ने अपने दूसरे ट्वीट में लिखा, ‘49 साल पहले आज के ही दिन मेरे पिताजी ब्रिगेडियर स्वर्गीय महाराजा सवाई भवानी सिंह जी के नेतृत्व में 10वीं पैरा बटालियन ने पाकिस्तान के छाछरो कस्बे पर ऐतिहासिक जीत हासिल की थी, जिसके लिए पिताजी को महावीर चक्र से सम्मानित किया गया था। इस इतिहास के निर्माण में सहभागी रहे सभी 10वीं पैरा बटालियन के योद्धाओं को कोटिशः नमन।’
49 साल पहले आज के ही दिन मेरे पिताजी ब्रिगेडियर स्व.महाराजा सवाई भवानी सिंह जी के नेतृत्व में 10वीं पैरा बटालियन ने पाकिस्तान के छाछरो कस्बे पर ऐतिहासिक जीत हासिल की थी। — Diya Kumari (@KumariDiya) December 7, 2020
जिसके लिये पिताजी को महावीर चक्र से सम्मानित किया गया था।
इस इतिहास के निर्माण में सहभागी रहे सभी 10वीं पैरा बटालियन के योद्धाओं को कोटिशः नमन। — Diya Kumari (@KumariDiya) December 7, 2020
Chachro raid by india against pakistan diya kumari remembers father sawai bhawani singh
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