'जंग में सिर्फ जीत मायने...यहां कोई सिल्वर मेडल नहीं', दिल्ली धमाके के बीच CDS अनिल चौहान का बयान

Anil Chauhan: सीडीएस अनिल चौहान ने बताया कि युद्ध और उसमें जीत रणनीति पर निर्भर करती है। इतिहास में रणनीति मुख्य रूप से भूगोल से प्रेरित थी, लेकिन अब तकनीक ने भूगोल को पीछे छोड़ दिया है।
CDS Anil Chauhan
अनिल चौहान, (चीफ ऑप डिफेंस स्टाफ)
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CDS Anil Chauhan: दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास एक कार में हुए विस्फोट को लेकर जारी गहमागहमी के बीच चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने दिल्ली में एक कार्यक्रम में युद्ध और रणनीति पर महत्वपूर्ण विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि युद्ध में केवल जीत मायने रखती है, न कि दूसरे स्थान या साहसी प्रयासों के लिए सांत्वना पुरस्कार।

जनरल चौहान ने जोर देकर कहा कि युद्ध का कठोर सच यही है कि इसमें राष्ट्रों का भविष्य और अस्तित्व दांव पर होता है। इसलिए, सैन्य कमांडर हर युग में अपने विरोधियों पर बढ़त हासिल करने के लिए हर संभव रणनीति अपनाते हैं।

'युद्ध में जीत के लिए रणनीति बहुत महत्वपूर्ण'

चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ अनिल चौहान ने बताया कि युद्ध और उसमें जीत रणनीति पर निर्भर करती है। इतिहास में रणनीति मुख्य रूप से भूगोल से प्रेरित थी, लेकिन अब तकनीक ने भूगोल को पीछे छोड़ दिया है और उसका दबदबा बढ़ गया है। जनरल चौहान ने कहा कि पहले युद्ध, अभियान और पूरे युद्ध बेहतर रणनीति और रणकौशल से जीते जाते थे। प्राचीन और मध्यकाल में इलाके (टेरेन) ने रणनीति को प्रभावित किया। भूगोल ने युद्धों, अभियानों और संघर्षों के परिणाम तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जो कमांडर भूगोल को समझते थे, वे इसका फायदा उठाने में सफल रहे।

मॉडर्न वॉर में टेक्नोलॉजी की अहम भूमिका

अनिल चौहान ने कहा कि आधुनिक युद्धों में तकनीक की बढ़ती भूमिका पर प्रकाश डाला। आज के युग में ड्रोन, साइबर युद्ध, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और अंतरिक्ष-आधारित तकनीकों ने युद्ध के तरीकों को बदल दिया है। जनरल चौहान ने सुझाव दिया कि भविष्य के युद्धों में तकनीकी श्रेष्ठता ही जीत की कुंजी होगी। उन्होंने सैन्य नेताओं से आह्वान किया कि वे नई तकनीकों को अपनाएं और अपने विरोधियों से एक कदम आगे रहें।

सीडीएस ने और क्या कहा?

सीडीएस ने यह भी कहा कि युद्ध में दांव हमेशा ऊंचे होते हैं। राष्ट्रों की सुरक्षा और संप्रभुता युद्ध के परिणाम पर निर्भर करती है। इसलिए, सैन्य रणनीति को गतिशील और समय के साथ विकसित होना होगा। उन्होंने भारतीय सशस्त्र बलों की तैयारियों पर भरोसा जताया और कहा कि भारत हर चुनौती से निपटने के लिए तैयार है। हाल के वर्षों में भारत ने स्वदेशी हथियारों, ड्रोन और साइबर क्षमताओं पर निवेश बढ़ाया है। यह बयान ऐसे समय में आया है, जब क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव बढ़ रहे हैं।

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