जातिगत जनगणना: राहुल-अखिलेश के साथ खड़े दिख रहे चिराग पासवान, एनडीए गठबंधन के दल अब बदल रहे रुख
जातिगत जनगणना को लेकर राहुल गांधी और अखिलेश यादव के साथ अब केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान भी साथ आ गए है। जहां जातिगत जनगणना के मुद्दा पर एक बार फिर अपना रुख साफ करते हुए रविवार को कहा कि हम चाहते हैं कि देश में जातिगत जनगणना हो।
- Written By: शुभम पाठक
चिराग पासवान (सोर्स:-सोशल मीडिया)
नई दिल्ली: केंद्र सरकार और विपक्ष के बीच की लड़ाई में अब विपक्ष इस मुद्दे पर थोड़ा कामयाब होती हुई दिख रही है। जहां अब एनडीए गठबंधन के दल भी विपक्ष के साथ खड़े होते हुए दिख रहे है। जहां केंद्र सरकार में मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान एक बार फिर एनडीए की विचारधारा से अलग राय रखते हुए जातिगत जनगणना के मुद्दे पर राहुल गांधी और अखिलेश यादव के साथ खड़े दिख रहे है। पिछले दिनों उन्होंने लैटरल एंट्री के मामले पर भी चिराग पासवान ने अपना मुखर विरोध जताया था।
जातिगत जनगणना के मुद्दे पर लगातार मोदी सरकार का घेराव कर रहे राहुल गांधी और अखिलेश यादव के साथ अब केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान भी साथ आ गए है। जहां जातिगत जनगणना के मुद्दा पर एक बार फिर अपना रुख साफ करते हुए रविवार को कहा कि हम चाहते हैं कि देश में जातिगत जनगणना हो। हलांकि ये पहली बार नहीं कि जब चिराग पासवान ने एनडीए से अलग हटकर इस मुद्दे पर अपना रुख साफ किया हो।
जातिगत जनगणना पर चिराग पासवान
रविवार को रांची में हुई लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) की बैठक में जाति जनगणना के मुद्दे पर अपनी राय स्पष्ट करते हुए चिराग पासवान ने कहा मेरी पार्टी ने हमेशा जाति जनगणना के समर्थन में अपना रुख स्पष्ट रखा है। हम चाहते हैं कि जाति जनगणना हो। इसका कारण यह है कि कई बार राज्य सरकार और केंद्र सरकार ऐसी योजनाएं बनाती हैं जो जाति को ध्यान में रखकर बनाई जाती हैं।
सम्बंधित ख़बरें
BJP में अब करंट नहीं रहा… बिजली संकट पर सीएम योगी और अखिलेश यादव में जुबानी जंग, किसने क्या कहा?
‘यूपी में सपा सरकार बनते ही केंद्र से गिर जाएगी मोदी सरकार’, अखिलेश यादव ने कर दिया बड़ा ऐलान
पुणे कोर्ट में राहुल गांधी से जुड़े मामले में सुनवाई तेज, 1 जून को आ सकता है बड़ा फैसला
चुपके-चुपके काट रहे है जनता की जेब…पेट्रोल-डीजल के दाम पर राहुल गांधी ने सरकार को घेरा, लगाए गंभीर आरोप
ये भी पढ़ें:-जम्मू-कश्मीर में चुनाव से पहले तेज हुई जुबानी जंग, अमित शाह की आलोचना पर उमर अब्दुल्ला ने किया पलटवार
इसके साथ ही पासवान ने कहा कि ये योजनाएं मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से बनाई जाती हैं। ऐसे में सरकार के पास उस जाति की जनसंख्या के बारे में जानकारी होनी चाहिए। कम से कम यह जानकारी तो होनी चाहिए ताकि संबंधित योजना के तहत धन का वितरण या उस जाति को मुख्यधारा से जोड़ने का काम उचित मात्रा में हो सके। इस संबंध में कम से कम सरकार के पास ये आंकड़े तो होने चाहिए।”
पहले भी अपना रुख बदल चुके है चिराग
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि चिराग पासवान पहले भी कई मुद्दों पर अलग राय रख चुके हैं। चिराग पासवान पहले भी जाति जनगणना पर ऐसी ही राय रख चुके हैं। सिर्फ जाति जनगणना ही नहीं, बल्कि कई अन्य मामलों और मुद्दों पर भी वे अपनी ही सहयोगी पार्टी के रुख का विरोध कर चुके हैं। हाल ही में चिराग पासवान केंद्र सरकार की लैटरल एंट्री भर्ती का विरोध करते नजर आए थे। विपक्षी दल पहले से ही इस पर सरकार को घेर रहे थे, नतीजतन केंद्र सरकार ने इस भर्ती प्रक्रिया को वापस ले लिया। चिराग पासवान कई मौकों पर एनडीए से अलग राह पर चलते नजर आए हैं।
ये भी पढ़ें:-Tamil Nadu Blast: तमिलनाडु की पटाखा फैक्टरी में विस्फोट, दो लोगों की गई जान
एक बार फिर राष्ट्रीय अध्यक्ष बने चिराग
जानकारी के लिए बता दें कि आज यानी रविवार को रांची में लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक। इस बैठक में केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान को एक बार फिर लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया है। अध्यक्ष चुने जाने के बाद चिराग पासवान ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि आज रांची में हमारी राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक हुई जिसमें देशभर से हमारे कार्यकारिणी सदस्यों ने भाग लिया। इस कार्यकारिणी बैठक का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव करना था। मुझे दोबारा लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया है।
