वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026 के जरिए आम आदमी की विशलिस्ट को संबोधित करने की कोशिश की है। जहां एक तरफ तकनीक और स्वास्थ्य सेवा को सस्ता कर राहत दी गई है वहीं दूसरी तरफ कुछ गैर-जरूरी वस्तुओं पर टैक्स बढ़ाकर राजस्व जुटाने पर जोर है।
गैजेट्स प्रेमियों के लिए खुशखबरी बजट 2026 की सबसे बड़ी राहत मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में मिली है। सरकार ने मोबाइल फोन, चार्जर और मोबाइल के मुख्य कंपोनेंट्स पर लगने वाली बेसिक कस्टम ड्यूटी में कटौती की है। इसका सीधा असर स्मार्टफोन की कीमतों पर पड़ेगा जिससे प्रीमियम और बजट फोन दोनों सस्ते होंगे।
जीवन रक्षक दवाएं हुई सस्ती स्वास्थ्य के क्षेत्र में बड़ी घोषणा करते हुए सरकार ने कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली 17 महत्वपूर्ण दवाओं को सीमा शुल्क से पूरी तरह मुक्त कर दिया है। इससे कैंसर के मरीजों के इलाज का खर्च लाखों में कम होने की उम्मीद है। इसके साथ ही एक्स-रे मशीन और कुछ मेडिकल उपकरणों पर भी राहत दी गई है।
सोने-चांदी की चमक बरकरार पिछले बजट की तरह इस बार भी कीमती धातुओं पर टैक्स स्ट्रक्चर को तर्कसंगत रखा गया है। कस्टम ड्यूटी में स्थिरता के कारण सोने और चांदी के आभूषण खरीदने वालों को बड़ी राहत मिली है जिससे शादी-ब्याह के सीजन में मिडिल क्लास को फायदा होगा।
शिक्षा और सौर ऊर्जा पर ध्यान शिक्षा के लिए जरूरी सामान और सोलर पैनल बनाने में इस्तेमाल होने वाले ग्लास और अन्य रॉ मटेरियल पर छूट दी गई है। इससे सोलर प्लांट लगवाना सस्ता होगा जो लंबे समय में आपकी बिजली के बिल में बचत कराएगा।
राहत के साथ-साथ सरकार ने कुछ चीजों को महंगा भी किया है। विदेशों से आने वाले लग्जरी सामान, जैसे महंगी घड़ियां, इंपोर्टेड शराब और तंबाकू उत्पादों पर ड्यूटी बढ़ाई गई है। सिगरेट और गुटखा जैसे उत्पादों पर टैक्स बढ़ने से इनके दाम बढ़ जाएंगे।
पीवीसी और प्लास्टिक उत्पाद विदेशी पीवीसी फ्लेक्स बैनर और कुछ खास किस्म के प्लास्टिक प्रोडक्ट्स पर आयात शुल्क बढ़ाया गया है। इसका उद्देश्य घरेलू उद्योगों को बढ़ावा देना है लेकिन शुरुआती तौर पर इनसे बनी कुछ चीजें महंगी हो सकती हैं।
बजट 2026 का सीधा संदेश स्वस्थ और डिजिटल इंडिया है। मध्यम वर्ग के लिए मोबाइल और दवाओं का सस्ता होना एक बड़ी जीत है। हालांकि लग्जरी लाइफस्टाइल पर बढ़ा हुआ टैक्स यह संकेत देता है कि सरकार का ध्यान आवश्यक वस्तुओं की कीमत स्थिर रखने पर ज्यादा है।